facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Demat accounts: शेयर बाजार में नए निवेशकों की रफ्तार धीमी, कम खुले नए डीमैट खाते

Advertisement

बाजार में गिरावट, कम आईपीओ और निवेशकों की घटी रुचि से नए डीमैट खातों की संख्या घटी, फरवरी में सिर्फ 22.6 लाख खाते जुड़े

Last Updated- March 10, 2025 | 10:30 PM IST
demate account

शेयर बाजार में नए निवेशकों के आने की रफ्तार करीब दो साल में सबसे धीमी रही है। इसकी वजह कोविड-19 महामारी के बाद व्यापक बाजार का सबसे खराब दौर से गुजरना है। फरवरी में सिर्फ 22.6 लाख नए डीमैट खाते जोड़े गए जो मई 2023 के बाद से सबसे कम मासिक वृद्धि है। धीमेपन का कारण शेयर बाजारों में गिरावट और आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) में नरमी है।

जुलाई 2024 से डीमैट खाते जोड़ने की रफ्तार धीमी हो रही है। जुलाई में यह आंकड़ा 46 लाख के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। जनवरी में 28 लाख खाते जोड़े गए। बाजार के हालिया उतार-चढ़ाव ने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह से प्रभावित किया है, जिससे नए खाते कम खुल रहे हैं।

फरवरी में बाजार में भारी बिकवाली हुई जिससे बाजार मूल्य में 40 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट आई। बेंचमार्क निफ्टी ने लगभग तीन दशकों में अपनी सबसे लंबी मासिक गिरावट का सामना किया। व्यापक बाजार मार्च 2020 के बाद से गिरावट के अपने सबसे खराब दौर में पहुंच गए। निफ्टी 50 में करीब 6 फीसदी की गिरावट आई ,जबकि निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांकों में क्रमशः 11 फीसदी और 13 फीसदी फिसले।

बाजार में गिरावट से ट्रेडिंग गतिविधियों पर असर पड़ा। फरवरी में नकदी बाजार के लिए रोजाना का औसत कारोबार (एडीटीवी) मासिक आधार पर 10 फीसदी घटकर 91,661 करोड़ रुपये रह गया जबकि डेरिवेटिव सेगमेंट के लिए एडीटीवी 2 फीसदी घटकर 188 लाख करोड़ रुपये रह गया। अपने शिखर से नकदी और डेरिवेटिव सेगमेंट के लिए एडीटीवी में क्रमश: 44 फीसदी और 51 फीसदी कम हुआ है।

टॉरस फाइनैंशियल मार्केट के सीईओ प्रकर्ष गगडानी ने कहा, व्यक्तिगत शेयरों में गिरावट मुख्य सूचकांकों की तुलना में बहुत अधिक रही है। कुछ तो पिछले पांच महीनों में आधे हो गए हैं। इससे मनोबल पर असर पड़ता है। 2025 में आईपीओ में गिरावट के कारण भी बाजारों में नए निवेशक कम आ रहे हैं। बड़ी संख्या में निवेशक मुख्य रूप से आईपीओ में हिस्सा लेने की खातिर डीमैट खाते खोलते हैं। निवेशक अपने परिवार के सदस्यों के नाम से नए डीमैट खाते खोलते हैं ताकि आईपीओ में शेयर हासिल करने की संभावना बढ़ जाए। एक महीने में आईपीओ की औसत संख्या 2024 के आठ से घटकर इस साल पांच रह गई है।

गगडानी ने कहा, मुख्य बोर्ड और एसएमई आईपीओ दोनों से रिटर्न और निर्गमों पर मंदी ने बाजारों को कम आकर्षक बना दिया है। लेकिन सबसे बड़ा कारक बाजारों में गिरावट है। डीमैट खातों का उपयोग शेयरों और अन्य प्रतिभूतियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से रखने के लिए किया जाता है।

आने वाले समय में डीमैट खातों में जुड़ाव बाजार के मनोबल में सुधार पर निर्भर करेगा। फायर्स के सह-संस्थापक व सीईओ तेजस खोड़े ने कहा, जब तक बाजार में तेजी नहीं आती, हम उपयोगकर्ताओं की संख्या में तेजी से इजाफा नहीं देखेंगे। पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि दर तेज रही है और थोड़ी सुस्ती भी बुरी नहीं है। नए निवेशकों को इसके साथ समायोजित होने और यह समझने की आवश्यकता है कि बाजार का एक चक्र होता है क्योंकि वे अत्यधिक तेजी वाले बाजार के दौरान आए थे और अब गिरावट उन्हें बहुत डरा रही है।

Advertisement
First Published - March 10, 2025 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement