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FPI ने इस महीने अबतक शेयर बाजारों से 10,164 करोड़ रुपये निकाले

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डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक इस महीने अबतक 15 कारोबारी दिवस में से 11 में शुद्ध बिकवाल रहे हैं

Last Updated- September 24, 2023 | 10:51 PM IST
FPI

अमेरिका में ऊंची ब्याज दर, मंदी की आशंका और घरेलू शेयरों के ऊंचे मूल्यांकन की वजह से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने सितंबर के पहले तीन सप्ताह (22 सितंबर) में भारतीय शेयर बाजारों से 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाले हैं। इससे पहले एफपीआई मार्च से अगस्त तक लगातार छह माह भारतीय शेयरों में शुद्ध लिवाल रहे थे। इस दौरान उन्होंने 1.74 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘चूंकि मूल्यांकन अब भी ऊंचा है और अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल (10 साल के लिए 4.49 प्रतिशत) आकर्षक बना हुआ है, ऐसे में एफपीआई बिकवाल बने हुए हैं।’’

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डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक इस महीने अबतक 15 कारोबारी दिवस में से 11 में शुद्ध बिकवाल रहे हैं और उन्होंने शेयरों से शुद्ध रूप से 10,164 करोड़ रुपये निकाले हैं। इससे पहले अगस्त में शेयरों में एफपीआई का प्रवाह चार माह के निचले स्तर 12,262 करोड़ रुपये पर आ गया था।

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक – प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘पिछले कुछ सप्ताह से एफपीआई के निवेश का प्रवाह सुस्त है। उनकी इस हिचकिचाहट के पीछे मुख्य वजह मुद्रास्फीति को लेकर चिंता और विशेषरूप से अमेरिका में ब्याज दर परिदृश्य तथा वैश्विक आर्थिक वृद्धि को लेकर अनिश्चितता है।’’

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आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार में 295 करोड़ रुपये डाले हैं। इस तरह चालू कैलेंडर साल में अबतक शेयरों में एफपीआई का निवेश 1.25 लाख करोड़ रुपये रहा है। वहीं बॉन्ड बाजार में उन्होंने 28,476 करोड़ रुपये से ज्यादा डाले हैं।

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First Published - September 24, 2023 | 1:33 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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