facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

FPI ने मई में चौथे ट्रेडिंग सेशन में शेयर बाजार में 10,850 करोड़ रुपये डाले

Last Updated- May 07, 2023 | 1:01 PM IST
FPI

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (एफपीआई) मई में अबतक भारतीय शेयर बाजारों में शुद्ध लिवाल बने हुए हैं। देश के स्थिर वृहद आर्थिक माहौल, जीएसटी संग्रह के मजबूत आंकड़ों तथा कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बीच एफपीआई ने पिछले चार कारोबारी सत्रों में शेयर बाजारों में 10,850 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

इससे पहले अप्रैल में एफपीआई ने शेयरों में 11,630 करोड़ रुपये और मार्च में 7,936 करोड़ रुपये डाले थे। मार्च में एफपीआई का निवेश मुख्य रूप से अमेरिका के जीक्यूजी पार्टनर्स द्वारा अदाणी समूह की कंपनियों में किया गया था।

यदि अदाणी समूह की कंपनियों को मिले निवेश को हटा दिया जाए, तो मार्च में एफपीआई का प्रवाह नकारात्मक रहेगा। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि आगे चलकर रुपये में मजबूती और चौथी तिमाही के अच्छे नतीजे भारत में पूंजी प्रवाह बढ़ाने में मदद करेंगे।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने दो से पांच मई के दौरान चार कारोबारी सत्रों में भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 10,850 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एफपीआई देश के स्थिर वृहद आर्थिक माहौल, जीएसटी संग्रह के मजबूत आंकड़ों और कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों की वजह से भारतीय बाजार में निवेश कर रहे हैं।’’ समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार से 2,460 करोड़ रुपये निकाले हैं।

First Published - May 7, 2023 | 1:01 PM IST

संबंधित पोस्ट