Auto Sector Stocks to buy: दुनिया भर के ऑटो बाजार में 2026 की शुरुआत मिली-जुली रही है। ट्रकों और निर्माण उपकरणों की मांग में सुधार के संकेत दिख रहे हैं, लेकिन कार और ट्रैक्टर सेगमेंट में तस्वीर उतनी मजबूत नहीं है। ऐसे में जिन भारतीय कंपनियों का कारोबार विदेशों में भी फैला हुआ है, उन्हें इसका फायदा मिल सकता है।
नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, समवर्धना मदरसन (SAMIL), बालकृष्ण इंडस्ट्रीज और कुछ अन्य ऑटो कंपोनेंट कंपनियां आने वाले समय में उद्योग की औसत वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह इनकी मजबूत ऑर्डर बुक और अलग-अलग बाजारों में मौजूदगी है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और यूरोप में भारी ट्रकों की मांग 2026 में बढ़ सकती है। अमेरिका में पुराने ट्रकों को बदलने की जरूरत, माल ढुलाई कारोबार में सुधार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स इस मांग को बढ़ावा दे सकते हैं। वहीं यूरोप में भी मजबूत ऑर्डर बुक से बिक्री को सहारा मिलने की उम्मीद है।
भारत में हालांकि मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहन (एमएचसीवी) बाजार बहुत तेज रफ्तार से बढ़ता नहीं दिख रहा। यहां मांग लगभग स्थिर रह सकती है।
अमेरिका में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, डेटा सेंटर निर्माण और किराये पर मशीनों की मजबूत मांग निर्माण उपकरण उद्योग के लिए अच्छी खबर है। यूरोप में भी इस कारोबार में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। इससे इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों को नए ऑर्डर मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
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रिपोर्ट के मुताबिक, छोटे ट्रैक्टरों की मांग में कुछ सुधार आ सकता है, लेकिन बड़े ट्रैक्टरों की बिक्री दबाव में रह सकती है। भारत में ट्रैक्टर उद्योग के सामने ऊंचे आधार, कमजोर मानसून की आशंका और सरकारी सब्सिडी की कमी जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं। इसलिए यहां बहुत तेज ग्रोथ की उम्मीद नहीं है।
कार कंपनियों के लिए 2026 आसान नहीं दिख रहा। यूरोप में बिक्री बढ़ी है, लेकिन अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजारों में कमजोरी देखने को मिली है। बीएमडब्ल्यू, फॉक्सवैगन, ऑडी, जेएलआर और मर्सिडीज जैसी कई बड़ी कंपनियों की बिक्री पर दबाव रहा।
हालांकि भारत में तस्वीर थोड़ी बेहतर है। टाटा मोटर्स का अनुमान है कि घरेलू यात्री वाहन उद्योग इस साल करीब 10 फीसदी की वृद्धि दर्ज कर सकता है।
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नुवामा ने दोपहिया वाहन कंपनियों में आयशर मोटर्स, टीवीएस मोटर, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प को ‘खरीदें’ रेटिंग दी है। कार और कमर्शियल वाहन कंपनियों में मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स (सीवी), टाटा मोटर्स (पीवी), महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई और अशोक लेलैंड पर ब्रोकरेज सकारात्मक है। वहीं एस्कॉर्ट्स कुबोटा के लिए ‘रिड्यूस’ रेटिंग दी गई है।
टायर कंपनियों में अपोलो टायर्स और बालकृष्ण इंडस्ट्रीज ब्रोकरेज की पसंद हैं, जबकि सीएट पर ‘होल्ड’ रेटिंग है। ऑटो कंपोनेंट कंपनियों में समवर्धना मदरसन, मदरसन वायरिंग, ऊनो मिंडा, मिंडा कॉर्पोरेशन और एएसके ऑटोमोटिव को लेकर नुवामा सकारात्मक है। वहीं सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग (सोना कॉमस्टार) पर ‘होल्ड’ रेटिंग दी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि रिपोर्ट में भारत फोर्ज को वैश्विक मांग में सुधार का संभावित लाभार्थी बताया गया है, लेकिन फिलहाल शेयर के लिए ‘रिड्यूस’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। बियरिंग कंपनियों में शेफलर इंडिया, एसकेएफ इंडिया और टिमकेन इंडिया पर ‘खरीदें’ की सलाह है। वहीं बैटरी कंपनियों में एक्साइड इंडस्ट्रीज और अमारा राजा दोनों के लिए ‘रिड्यूस’ रेटिंग दी गई है।
| श्रेणी | कंपनी | रेटिंग |
|---|---|---|
| दोपहिया वाहन (2W) | आयशर मोटर्स | खरीदें |
| टीवीएस मोटर | खरीदें | |
| बजाज ऑटो | खरीदें | |
| हीरो मोटोकॉर्प | खरीदें | |
| अन्य वाहन निर्माता (OEMs) | मारुति सुजुकी | खरीदें |
| टाटा मोटर्स (कमर्शियल वाहन) | खरीदें | |
| टाटा मोटर्स (पैसेंजर वाहन) | खरीदें | |
| महिंद्रा एंड महिंद्रा | खरीदें | |
| हुंडई इंडिया | खरीदें | |
| एस्कॉर्ट्स कुबोटा | घटाएं | |
| अशोक लेलैंड | खरीदें | |
| अजैक्स इंजीनियरिंग | खरीदें | |
| टायर कंपनियां | सीएट | होल्ड |
| अपोलो टायर्स | खरीदें | |
| बालकृष्ण इंडस्ट्रीज | खरीदें | |
| ऑटो कंपोनेंट्स | समवर्धना मदरसन (SAMIL) | खरीदें |
| मदरसन वायरिंग | खरीदें | |
| ऊनो मिंडा | खरीदें | |
| सोना कॉमस्टार | होल्ड | |
| मिंडा कॉरपोरेशन | खरीदें | |
| एएसके ऑटोमोटिव | खरीदें | |
| भारत फोर्ज | घटाएं | |
| बियरिंग कंपनियां | शेफलर इंडिया | खरीदें |
| एसकेएफ इंडिया | खरीदें | |
| टिमकेन इंडिया | खरीदें | |
| बैटरी कंपनियां | एक्साइड इंडस्ट्रीज | घटाएं |
| अमारा राजा | घटाएं |
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)