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Global Markets: जापानी येन और कैरी ट्रेड की दुनियाभर में क्यों हो रही चर्चा?

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कैरी ट्रेड में निवेशक कम ब्याज वाले देश की मुद्रा में लोन लेकर ज्यादा ब्याज वाले देश में निवेश करते हैं। जापान में ब्याज दर बढ़ने से यह रणनीति कम आकर्षक हो गई है।

Last Updated- August 05, 2024 | 4:45 PM IST
Japanese Yen

जापान का येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पिछले कुछ हफ्तों से तेजी से मजबूत हो रहा है। सोमवार को येन की कीमत जनवरी के हाई 145.28 तक पहुंच गई। यह पिछले तीन हफ्तों में 10% से ज्यादा की बढ़ोतरी है। इसके पीछे मुख्य कारण है जापान का केंद्रीय बैंक। बैंक ने पिछले हफ्ते ब्याज दरों में 15 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है जो अब 0.25% हो गई है।

इससे पहले मार्च में भी 17 साल बाद ब्याज दरों में बढ़ोतरी की गई थी। इसके अलावा, बैंक ने अगले कुछ सालों में सरकारी बॉन्ड की खरीद को आधा करने का फैसला किया है। इन कदमों का मकसद येन को मजबूत करना और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

कैरी ट्रेड पर असर

लेकिन, इन बदलावों से ‘कैरी ट्रेड’ नाम की एक निवेश रणनीति पर बुरा असर पड़ सकता है। कैरी ट्रेड में निवेशक कम ब्याज वाले देश की मुद्रा में लोन लेकर ज्यादा ब्याज वाले देश में निवेश करते हैं। जापान में ब्याज दर बढ़ने से यह रणनीति कम आकर्षक हो गई है।

जापान का येन दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है, क्योंकि इस करेंसी में लोन लेना बहुत सस्ता है। इसीलिए इसे ‘कैरी ट्रेड’ के लिए भी पसंद किया जाता है। कैरी ट्रेड में लोग कम ब्याज वाले देश की करेंसी में लोन लेकर ज्यादा ब्याज वाले देश में निवेश करते हैं।

लेकिन, हाल ही में येन की कीमत काफी बढ़ गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि येन सबसे ज्यादा बढ़ चुकी मुद्राओं में से एक है।

इससे ‘कैरी ट्रेड’ पर असर पड़ रहा है। क्योंकि अब जापान से सस्ता लोन लेना मुश्किल हो गया है। इस वजह से बाजार में काफी उथल-पुथल मची हुई है। जापान का शेयर बाजार लगभग 13% गिर गया है, और कोरिया और ताइवान के बाजार भी काफी नीचे आ गए हैं।

कैरी ट्रेड क्या है?

कैरी ट्रेड एक तरह का निवेश है जिसमें लोग कम ब्याज दर वाले देश से लोन लेते हैं और उस पैसे को ज्यादा ब्याज देने वाले देश में निवेश करते हैं। इस तरह वे दोनों जगहों से फायदा कमाते हैं: कम ब्याज पर लोन लेना और ज्यादा ब्याज कमाना। कैरी ट्रेड अक्सर अलग-अलग देशों की मुद्राओं के साथ किया जाता है।

निवेशक कम कीमत वाली करेंसी में लोन लेते हैं और उस पैसे से ज्यादा कीमत वाली करेंसी में निवेश करते हैं। जापान में बहुत सालों तक ब्याज दरें बहुत कम रहीं और येन की कीमत भी कम थी। इसलिए बहुत सारे निवेशकों ने जापान से पैसे उधार लिए और दूसरे देशों में निवेश किया।

निवेशक क्यों बंद कर रहे हैं येन कैरी ट्रेड?

पिछले तीन हफ्तों में जापानी येन की कीमत काफी बढ़ गई है। यह 11 जुलाई को 161 के स्तर से बढ़कर अब 145 हो गई है। इससे उन लोगों को नुकसान हो रहा है जिन्होंने येन में लोन लेकर दूसरे देशों में निवेश किया था (कैरी ट्रेड)। इसलिए वे अब जल्दी से अपना निवेश वापस ले रहे हैं। कहा जाता है कि यही वजह है कि अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई है।

क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?

भारत में जापानी निवेशकों के पास लगभग 2 लाख करोड़ रुपये के शेयर हैं। अगर येन की कीमत और बढ़ी तो हो सकता है कि ये निवेशक भी अपने शेयर बेचने लगें।

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First Published - August 5, 2024 | 3:37 PM IST

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