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सोना हुआ महंगा, फिर भी Titan और Senco में 17% तक तेजी की उम्मीद क्यों? ब्रोकरेज ने गिनाई वजहें

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ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत ब्रांड, हल्के गहनों की बढ़ती मांग और ग्राहकों के भरोसे के दम पर Titan और Senco के शेयरों में अब भी 15-17% तक तेजी आ सकती है

Last Updated- May 14, 2026 | 12:31 PM IST
Jewellery Stock

Jewellery Stocks: सरकार की ओर से सोने पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत किए जाने के बाद ज्वेलरी कंपनियों को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी है। माना जा रहा है कि बढ़ी हुई ड्यूटी की वजह से आने वाले समय में सोने के दाम और महंगे हो सकते हैं, जिसका असर ज्वेलरी की मांग पर पड़ सकता है। हालांकि इसके बावजूद एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने टाइटन और सेनको जैसी बड़ी संगठित ज्वेलरी कंपनियों पर भरोसा जताया है।

ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के वर्षों में सोने की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और उतार-चढ़ाव के बावजूद ज्वेलरी की मांग उम्मीद से ज्यादा मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2026 में टाइटन के ज्वेलरी कारोबार की बिक्री में 45 प्रतिशत और परिचालन मुनाफे में 39 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं सेनको ने भी मजबूत प्रदर्शन किया है।

एंटीक के मुताबिक यह स्थिति पहले के मुकाबले अलग है। इससे पहले 2013 से 2016 और फिर 2022 से 2025 के दौरान जब सोने की कीमतों और आयात शुल्क में बढ़ोतरी हुई थी, तब ज्वेलरी की मांग पर बड़ा असर पड़ा था। लेकिन इस बार ग्राहकों की खरीदारी अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

Also Read: शुल्क बढ़ने से यूएई से बढ़ सकता है सोना-चांदी का आयात

हल्के वजन के गहनों पर बढ़ा जोर

ब्रोकरेज का कहना है कि टाइटन और सेनको जैसी कंपनियां अब हल्के वजन के गहनों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इससे गहनों की कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है और ग्राहकों की पहुंच बनी रहती है। यही वजह है कि महंगे सोने के बावजूद संगठित ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री पर बड़ा असर नहीं दिखा।

सोने के आयात में आई गिरावट

रिपोर्ट के मुताबिक भारत में हाल के महीनों में सोने के आयात में गिरावट देखने को मिली है। इसकी बड़ी वजह ऊंची कीमतें, नए गहनों की कमजोर मांग और पुराने गहनों की अदला-बदली बढ़ना है। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए लोगों से कुछ समय तक सोना खरीदने से बचने की अपील का भी असर देखने को मिला है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक भारत में ज्वेलरी की मांग मात्रा के हिसाब से सालाना आधार पर 19 प्रतिशत घटी है। कई ग्राहक नए गहने खरीदने के बजाय पुराने गहनों को बदलवा रहे हैं या उन्हें दोबारा इस्तेमाल में ला रहे हैं।

क्या फिर बढ़ सकती है तस्करी?

रिपोर्ट में कहा गया है कि आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोने की तस्करी बढ़ने की चिंता फिर से सामने आई है, जैसा 2013 में देखने को मिला था। हालांकि इस बार स्थिति कुछ अलग मानी जा रही है। बीआईएस हॉलमार्किंग और एचयूआईडी व्यवस्था लागू होने से ज्वेलरी कारोबार में पारदर्शिता और निगरानी बढ़ी है। इससे संगठित कंपनियों को फायदा मिल सकता है, जबकि छोटे और असंगठित कारोबारियों पर दबाव बढ़ सकता है।

टाइटन और सेनको पर क्या है राय?

एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने टाइटन और सेनको दोनों शेयरों पर खरीदारी की सलाह बनाए रखी है। ब्रोकरेज ने टाइटन के लिए 4,763 रुपये और सेनको के लिए 475 रुपये का टारगेट दिया है। यानी मौजूदा स्तर से टाइटन में करीब 17 प्रतिशत और सेनको में करीब 15 प्रतिशत तक तेजी की उम्मीद जताई गई है। हालांकि बढ़ी हुई ड्यूटी और मुनाफे पर दबाव की आशंका को देखते हुए पहले के मुकाबले लक्ष्य थोड़ा घटाया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि मजबूत ब्रांड, ग्राहकों का भरोसा और नए स्टोर खोलने की रणनीति आने वाले समय में इन कंपनियों की बढ़त को सहारा दे सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - May 14, 2026 | 12:22 PM IST

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