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HDFC Bank Stock: चेयरमेन के इस्तीफे के बाद शेयर ₹800 के नीचे, फिर भी ब्रोकरेज ने दिया 57% तक अपसाइड का टारगेट

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चेयरमैन के अचानक इस्तीफे से शेयर में दबाव, लेकिन आरबीआई के भरोसे और ब्रोकरेज की BUY कॉल से निवेशकों को उम्मीद

Last Updated- March 20, 2026 | 10:57 AM IST
HDFC Bank Share price

HDFC Bank Stock: शुक्रवार 20 मार्च को जहां एक ओर भारतीय शेयर बाजार तेजी में नजर आया, वहीं एचडीएफसी बैंक का शेयर दबाव में रहा। स्टॉक करीब 780 से 790 रुपये के आसपास गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। यह गिरावट निवेशकों की चिंता को बताती है, जो चेयरमैन के अचानक इस्तीफे के बाद सामने आई है।

ज्ञात हो कि HDFC Bank के पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च 2026 को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में कहा कि पिछले दो वर्षों में बैंक के अंदर कुछ ऐसी घटनाएं और प्रक्रियाएं हुईं, जो उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के हिसाब से नहीं थीं। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इस्तीफे के पीछे कोई अन्य बड़ा कारण नहीं है। उनके इस बयान ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है, क्योंकि किसी खास मामले का खुलासा नहीं किया गया।

मैनेजमेंट और बोर्ड की सफाई

इस्तीफे के बाद बैंक ने स्पष्ट किया कि बोर्ड के सामने पहले कभी किसी तरह की गवर्नेंस, ऑपरेशनल या रेगुलेटरी समस्या नहीं लाई गई थी। मैनेजमेंट ने भरोसा दिलाया कि बैंक की आंतरिक व्यवस्था मजबूत है और कामकाज पर इस घटना का कोई असर नहीं पड़ा है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने भी स्थिति को लेकर राहत भरा बयान दिया है। आरबीआई ने कहा कि बैंक के गवर्नेंस या संचालन को लेकर कोई गंभीर चिंता दर्ज नहीं है। साथ ही, केकी मिस्त्री को तीन महीने के लिए अंतरिम पार्ट टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की मंजूरी दी गई है। यह नियुक्ति तेजी से की गई ताकि बैंक के संचालन में निरंतरता बनी रहे और निवेशकों का भरोसा कायम रहे।

नए अंतरिम चेयरमैन केकी मिस्त्री ने भी साफ कहा कि बैंक के गवर्नेंस स्टैंडर्ड बेहद मजबूत हैं। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें जरा भी संदेह होता तो वह इस जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं करते। उन्होंने भरोसा जताया कि बैंक पूरी तरह साफ स्थिति में है और मजबूत ऑडिट, रिस्क मैनेजमेंट और रेगुलेटरी निगरानी के तहत काम कर रहा है।

एंटीक ब्रोकरेज का नजरिया, HDFC Bank Stock का टारगेट घटाया

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने अपनी रिपोर्ट में इस घटनाक्रम को लेकर कुछ चिंता जरूर जताई है। ब्रोकरेज का कहना है कि बिना स्पष्ट कारण के इस्तीफा देना मैनेजमेंट और बोर्ड पर सवाल खड़ा करता है। हालांकि, उन्होंने शेयर पर अपनी खरीद की सलाह बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस को घटाकर 1090 रुपये कर दिया गया है, जो पहले 1200 रुपये था। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के कारण कमाई के अनुमान में हल्की कटौती की गई है।

यह पढ़ें: HDFC Bank Stock Crash: इन 10 म्युचुअल फंड्स को हो सकता है सबसे बड़ा नुकसान

मोतीलाल ओसवाल का भरोसा कायम, बड़ा अपसाइड बताया

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में भी एचडीएफसी बैंक पर भरोसा जताया गया है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह बरकरार रखते हुए 1100 रुपये का टारगेट दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 41 प्रतिशत तक की संभावित तेजी को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आरबीआई का समर्थन, मजबूत गवर्नेंस और केकी मिस्त्री की तुरंत नियुक्ति ने निवेशकों की चिंता को काफी हद तक कम किया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाले समय में नए चेयरमैन की नियुक्ति और अक्टूबर 2026 में सीईओ के कार्यकाल से जुड़े फैसले निवेशकों का भरोसा वापस लाने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही, बैंक का ऑपरेटिंग प्रदर्शन और मर्जर के फायदे भी शेयर की दिशा तय करेंगे।

ICICI सिक्योरिटीज का नजरिया, 40% तक अपसाइड की उम्मीद

ICICI सिक्योरिटीज ने भी एचडीएफसी बैंक पर भरोसा जताया है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘खरीदें’ की सलाह बरकरार रखते हुए 1120 रुपये का टारगेट दिया है। मौजूदा भाव करीब 781 रुपये के आसपास मानें, तो इसमें लगभग 43 प्रतिशत तक की तेजी की संभावना जताई गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चेयरमैन के इस्तीफे का मुद्दा गंभीर जरूर है, लेकिन इसमें किसी तरह की गवर्नेंस या रेगुलेटरी चूक सामने नहीं आई है। ब्रोकरेज का मानना है कि यह मामला ज्यादा व्यक्तिगत मतभेद से जुड़ा हुआ लगता है। साथ ही, आरबीआई का भरोसा इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सकारात्मक संकेत है। ICICI सिक्योरिटीज का कहना है कि बैंक का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड, सख्त जोखिम प्रबंधन और आकर्षक वैल्यूएशन इसे निवेश के लिए बेहतर विकल्प बनाते हैं।

एमके का नजरिया, 50% से ज्यादा अपसाइड का अनुमान

वहीं, एमके ने भी एचडीएफसी बैंक पर अपनी ‘खरीदें’ की सलाह को बरकरार रखा है और 1225 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। मौजूदा स्तर से यह करीब 57 प्रतिशत तक की संभावित तेजी को दर्शाता है। ब्रोकरेज का कहना है कि अतनु चक्रवर्ती का इस्तीफा अचानक जरूर है, लेकिन बैंक और मैनेजमेंट ने इसे व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा बताया है और किसी भी गवर्नेंस समस्या से इनकार किया है, जिसे आरबीआई ने भी समर्थन दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, केकी मिस्त्री की नियुक्ति ने निवेशकों को भरोसा दिया है, खासकर ऐसे समय में जब बाजार में अनिश्चितता है।

एमके का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद शेयर का वैल्यूएशन आकर्षक हो गया है और बैंक मर्जर के बाद टर्नअराउंड के मोड़ पर खड़ा है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि बैंक को जल्द ही नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर स्पष्टता लानी होगी, जैसे एमडी के कार्यकाल का विस्तार और स्थायी चेयरमैन की नियुक्ति, नहीं तो यह निकट अवधि में शेयर पर दबाव बना सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - March 20, 2026 | 9:53 AM IST

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