Hotel Stocks: मार्च 2026 में मिडिल ईस्ट तनाव और महंगे हवाई किरायों ने होटल सेक्टर की रफ्तार को धीमा कर दिया। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में बड़े इवेंट्स से मजबूत मांग दिखी थी, लेकिन मार्च में ऑक्यूपेंसी घटने से चौथी तिमाही का प्रदर्शन दबाव में आ सकता है। इसके बावजूद कंपनियां अभी तक कमरे का किराया संभाले हुए हैं, हालांकि तनाव लंबा खिंचा तो मांग और रेट दोनों पर असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट का साफ संकेत है कि मार्च का महीना होटल कंपनियों के लिए कमजोर रहा। ऑक्यूपेंसी में गिरावट के कारण RevPAR ग्रोथ पर असर पड़ा, यानी कमरे भरने की रफ्तार धीमी हुई। यही वजह है कि Q4FY26 को सेक्टर के लिए एक muted quarter माना जा रहा है। रिपोर्ट यह भी कहती है कि अगर मिडिल ईस्ट संकट और एयरफेयर का दबाव जारी रहा, तो 1HFY27 में भी यही सुस्ती दिख सकती है।
फिलहाल होटल कंपनियां Average Daily Rate यानी ADR को बचाए हुए हैं। इसका मतलब है कि ग्राहक कम आए, फिर भी कंपनियां कमरे का किराया बहुत नीचे नहीं ला रही हैं। लेकिन यह स्थिति ज्यादा समय तक तभी टिकेगी जब ट्रैवल सेंटिमेंट बहुत खराब न हो। अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव और टिकट कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो आगे चलकर रूम रेट्स पर भी दबाव आ सकता है।
यह पढ़ें: 76% रिटर्न! सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- AI से बहुत कम खतरा; BUY का मौका
एंटीक के अनुमान के अनुसार, IHCL का ADR 4 प्रतिशत बढ़कर करीब 21,900 रुपये रह सकता है, लेकिन ऑक्यूपेंसी 210 बेसिस पॉइंट घटकर 78 प्रतिशत पर आ सकती है। इससे कंपनी की आय में करीब 5 प्रतिशत बढ़त का अनुमान है, लेकिन EBITDA मार्जिन 130 बेसिस पॉइंट घट सकता है।
स्टॉक की बात करें तो एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज के मुताबिक Indian Hotels (IHCL) का मौजूदा भाव 571 रुपये है। ब्रोकरेज ने इस पर Hold रेटिंग के साथ 700 रुपये का टारगेट दिया है। इस हिसाब से स्टॉक में करीब 23% का संभावित रिटर्न बनता है। हालांकि, पहले के मुकाबले ब्रोकरेज ने 10% टारगेट घटाया है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज के अनुसार, शैलेट होटल्स की आय इस तिमाही में सालाना आधार पर करीब 3% बढ़कर 5.4 अरब रुपये रहने का अनुमान है। होटल बिजनेस की ग्रोथ लगभग स्थिर रह सकती है, लेकिन किराये (रेंटल इनकम) में 29% की तेज बढ़त के साथ यह 80 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
होटल सेगमेंट में कमरे का औसत किराया (ADR) 12% बढ़कर 16,000 रुपये होने का अनुमान है। हालांकि, मार्च में मांग कमजोर रहने के कारण ऑक्यूपेंसी घटकर 66% रह सकती है, जो पिछले साल इसी अवधि में 76% थी।
इस वजह से प्रति कमरा कमाई (RevPAR) में करीब 3% की गिरावट आकर यह 10,600 रुपये रह सकती है।
मुनाफे (EBITDA) के स्तर पर भी हल्का दबाव दिख सकता है। मार्जिन करीब 0.3% घटकर 46% रहने का अनुमान है। होटल बिजनेस में मार्जिन घट सकता है, लेकिन कमर्शियल सेगमेंट में सुधार देखने को मिल सकता है।
स्टॉक की बात करें तो एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज के मुताबिक Chalet Hotels का मौजूदा भाव 690 रुपये है। ब्रोकरेज ने इस पर Buy रेटिंग के साथ 1,150 रुपये का टारगेट दिया है। इस हिसाब से स्टॉक में करीब 65% का संभावित रिटर्न बनता है। हालांकि, पहले के मुकाबले ब्रोकरेज ने 8% टारगेट घटाया है।
यह पढ़ें: ₹1950 करोड़ के ऑर्डर से 7% चढ़ा Defence Stock, एक्सपर्ट बोले – वापस ऑल टाइम हाई जाने का रखता है दम
एंटीक की रिपोर्ट के अनुसार, SAMHI Hotels की आय 8 प्रतिशत बढ़कर 3.5 अरब रुपये रह सकती है। ADR 14 प्रतिशत बढ़कर 8,500 रुपये पर पहुंचने का अनुमान है, जबकि ऑक्यूपेंसी 100 बेसिस पॉइंट घटकर 74 प्रतिशत रह सकती है। RevPAR में 6 प्रतिशत की बढ़त संभव है। हालांकि GST के असर से EBITDA मार्जिन में 160 बेसिस पॉइंट की गिरावट आ सकती है।
स्टॉक की बात करें तो एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज के मुताबिक SAMHI Hotels का मौजूदा भाव 128 रुपये है। ब्रोकरेज ने इस पर Buy रेटिंग के साथ 230 रुपये का टारगेट दिया है। इस हिसाब से स्टॉक में करीब 80% का संभावित रिटर्न बनता है। हालांकि, पहले के मुकाबले ब्रोकरेज ने 8% टारगेट घटाया है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण होटल सेक्टर में मांग कमजोर पड़ रही है और अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका असर विदेशी पर्यटकों (inbound travel) और घरेलू यात्रा दोनों पर दिख रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल सेक्टर को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन मध्यम अवधि में इंडस्ट्री की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है।
ब्रोकरेज ने इस स्थिति को देखते हुए रूम रेट और ऑक्यूपेंसी के अपने अनुमान थोड़ा घटाए हैं, जिसके चलते कवर की गई कंपनियों के EBITDA अनुमान में 2% से 5% तक की कटौती की गई है। साथ ही बढ़ते जोखिम को देखते हुए वैल्यूएशन मल्टीपल भी कम किए गए हैं।
ब्रोकरेज की पसंदीदा कंपनियों में Chalet Hotels और SAMHI Hotels शामिल हैं। इनके टारगेट प्राइस क्रमशः 1,150 रुपये और 230 रुपये रखे गए हैं।
वहीं IHCL पर ब्रोकरेज ने 700 रुपये के टारगेट के साथ Hold रेटिंग बरकरार रखी है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)