Consumption Stocks: पिछले कुछ सालों में महंगाई, कमजोर ग्रामीण मांग और खर्च को लेकर सतर्कता की वजह से उपभोक्ता आधारित कंपनियों की ग्रोथ पर दबाव देखने को मिला था। कई कंपनियां लगातार यह शिकायत कर रही थीं कि लोग जरूरत का सामान तो खरीद रहे हैं, लेकिन अतिरिक्त खर्च करने से बच रहे हैं। खासकर गांवों और छोटे शहरों में मांग उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही थी।
लेकिन अब तस्वीर धीरे-धीरे बदलती दिख रही है। कंपनियों के ताजा तिमाही नतीजे संकेत दे रहे हैं कि उपभोक्ता खर्च में सुधार शुरू हो चुका है। लोग सिर्फ जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि प्रीमियम और ब्रांडेड उत्पादों पर भी खर्च कर रहे हैं। पेंट्स, ज्वेलरी, रिटेल, एफएमसीजी और बिल्डिंग मटेरियल जैसे कई क्षेत्रों में कंपनियों ने पहले के मुकाबले बेहतर मांग की बात कही है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि लंबे समय से सुस्त पड़ा कंजम्प्शन सेक्टर अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ सकता है।
इसी बीच ICICI Securities ने करीब 75 कंजम्प्शन कंपनियों के मार्च 2026 तिमाही नतीजों का अध्ययन किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि नतीजों में कई ऐसे बेहतर संकेत दिखाई दिए हैं, जिन पर बाजार का अभी उतना ध्यान नहीं गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादातर उप-सेगमेंट में मांग बेहतर होती दिख रही है और कई कंपनियां अब पहले के मुकाबले ज्यादा भरोसे के साथ आगे की रणनीति बना रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण बाजारों में मांग धीरे-धीरे सुधर रही है। पिछले कुछ समय से ग्रामीण खपत को लेकर चिंता बनी हुई थी, लेकिन अब कई कंपनियों ने बिक्री में सुधार की बात कही है। इसका असर खासकर एफएमसीजी और रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बेचने वाली कंपनियों में दिख रहा है।
इसके अलावा, उपभोक्ता अब सिर्फ कम कीमत वाले उत्पादों तक सीमित नहीं हैं। कई कंपनियों ने बताया है कि प्रीमियम उत्पादों की बिक्री भी बढ़ रही है। यानी ग्राहक बेहतर और महंगे उत्पादों के लिए भी पैसे खर्च करने को तैयार दिख रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पेंट्स सेक्टर में लंबे समय बाद हालात बेहतर होते दिख रहे हैं। मांग में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं और बड़ी कंपनियां इसका फायदा उठाने की स्थिति में हैं। इसी वजह से ICICI Securities ने एशियन पेंट्स को अपने पसंदीदा बड़े शेयरों में शामिल किया है। वहीं इंडिगो पेंट्स को मिड और स्मॉलकैप श्रेणी में पसंदीदा बताया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगर उद्योग में सुधार का मौजूदा रुझान जारी रहता है तो संगठित और मजबूत ब्रांड वाली कंपनियां बाजार हिस्सेदारी बढ़ा सकती हैं।
हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को लेकर भी ब्रोकरेज सकारात्मक है। रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत ब्रांड और व्यापक वितरण नेटवर्क वाली कंपनियां मांग में सुधार का सबसे ज्यादा फायदा उठा सकती हैं। उपभोक्ताओं का प्रीमियम उत्पादों की तरफ बढ़ता रुझान भी इन कंपनियों के लिए अच्छी खबर माना जा रहा है।
ज्वेलरी और रिटेल सेक्टर को लेकर भी रिपोर्ट का नजरिया सकारात्मक है। ICICI Securities ने कल्याण ज्वेलर्स और मेट्रो ब्रांड्स को अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहक धीरे-धीरे संगठित और भरोसेमंद ब्रांड्स की ओर बढ़ रहे हैं। इसका फायदा बड़े और स्थापित खिलाड़ियों को मिल सकता है।
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रिपोर्ट की एक अहम बात यह भी है कि कई कंपनियां अब सिर्फ बिक्री बढ़ाने की रणनीति पर काम नहीं कर रहीं। उनका फोकस मुनाफा बढ़ाने और कारोबार की गुणवत्ता सुधारने पर भी है। इसके लिए डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल टूल्स और नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। कंपनियां ग्राहकों की पसंद को बेहतर तरीके से समझने और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने की कोशिश कर रही हैं।
ICICI Securities ने बड़े शेयरों में एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स को अपनी पसंद बताया है। वहीं मिड और स्मॉलकैप श्रेणी में बजाज कंज्यूमर, होनासा कंज्यूमर, कल्याण ज्वेलर्स, मेट्रो ब्रांड्स और इंडिगो पेंट्स को प्राथमिकता दी गई है। हालांकि, ब्रोकरेज ने वरुण बेवरेजेज (VBL) को लेकर सतर्क रुख अपनाया है और फिलहाल इस शेयर से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)