इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (आईएफएससीए) ने गिफ्ट सिटी में एक विदेशी फैमिली ऑफिस को फैमिली इन्वेस्टमेंट फंड्स (एफआईएफ) स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह मंजूरी गिफ्ट सिटी में इस तरह का ढांचा पेश किए जाने के लगभग तीन साल बाद मिली है।
ब्रिटेन में मौजूदगी वाली पूर्णम ऐसेट मैनेजमेंट आईएफएसी को एकीकृत वित्तीय नियामक आईएफएससीए से यह इजाजत मिली है। आईएफएससीए (फंड मैनेजमेंट) नियमन, 2025 के तहत एफआईएफ के रूप में यह पहला ऐसा पंजीकरण है।
ध्यान देने वाली बात यह है कि कई भारतीय फैमिली ऑफिसों के इस सिलसिले में पहले प्रयास करने के बाद यह पहला सफल पंजीकरण है। एफआईएफ, गिफ्ट आईएफएससी में फंड ढांचे के जरिये वैश्विक अधिकार क्षेत्रों में पारिवारिक संपत्ति के निवेश की अनुमति देते हैं।
आईएफएससीए ने कहा, ‘यह गिफ्ट इंटरनैशनल फाइनैशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) के एक वैश्विक वित्तीय हब के तौर पर लगातार हो रहे विकास में अहम पड़ाव है। यह रजिस्ट्रेशन आईएफएससीए की इस प्रतिबद्धता को दिखाता है कि वह विदेशी फैमिली ऑफिस और निजी संपत्ति ढांचे के लिए विश्व-स्तरीय प्रतिस्पर्धी और लचीला नियामकीय तंत्र तैयार करेगा।’
2023 में, कैटामारन वेंचर्स और प्रेमजी इन्वेस्ट, जो क्रमशः एनआर नारायण मूर्ति और अजीम प्रेमजी के फैमिली ऑफिस हैं, ने गिफ्ट सिटी में एफआईएफ स्थापित करने के लिए आईएफएससीए में आवेदन किया था। उनमें से एक को नियामक से सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल गई थी, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कुछ स्पष्टीकरणों की जरूरतों के कारण पंजीकरण रोक दिया गया था।
विशेषज्ञों ने बताया था कि जिन मामलों में फंड का स्रोत भारत के भीतर था, उन्हें लेकर कुछ चिंताएं थीं। लेकिन जिन मामलों में फंड का स्रोत भारत के बाहर था, उनके लिए ढांचा स्पष्ट था,जिससे गिफ्ट सिटी में विदेशी फैमिली ऑफिस का एफआईएफ के रूप में पंजीकरण संभव हो सका।