बुधवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच गैस सेक्टर की कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड यानी IGL का शेयर निवेशकों के रडार पर बना रहा। सुबह करीब 11 बजे कंपनी का शेयर 154.75 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। इसमें करीब 1.6 प्रतिशत की गिरावट थी। हालांकि बाजार में कमजोरी के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी इस शेयर में बनी हुई है। इसकी वजह कंपनी के हालिया तिमाही नतीजे, बढ़ती गैस बिक्री, नए घरेलू कनेक्शन और आने वाले समय के ग्रोथ प्लान माने जा रहे हैं।
दिल्ली-NCR में CNG और पाइप्ड गैस सप्लाई करने वाली IGL अब तेजी से नए इलाकों में भी अपना कारोबार बढ़ा रही है। कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में घरेलू PNG कनेक्शन और CNG की मांग तेजी से बढ़ेगी। यही वजह है कि बाजार की नजर इस शेयर पर टिकी हुई है।
IGL ने चौथी तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी की गैस बिक्री बढ़ी और मुनाफा भी बाजार अनुमान से बेहतर रहा। कंपनी की कुल गैस वॉल्यूम करीब 9.7 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन रही। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत ज्यादा है। CNG सेगमेंट में भी कंपनी ने अच्छी ग्रोथ दर्ज की। CNG वॉल्यूम में करीब 5 से 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन यानी DTC बसों से गैस की मांग कम रहने का असर कारोबार पर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी ने कुल मिलाकर मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ दिखाई। नए इलाकों से भी अच्छी मांग देखने को मिली।
चौथी तिमाही में कंपनी का ऑपरेटिंग मुनाफा यानी EBITDA करीब 4.2 अरब रुपये रहा। वहीं शुद्ध मुनाफा यानी PAT करीब 2.8 अरब रुपये रहा। हालांकि इस दौरान कंपनी की गैस खरीद लागत और ऑपरेटिंग खर्च बढ़ गए। गैस की कीमतों में तेजी और दूसरे खर्च बढ़ने से कंपनी के मार्जिन पर दबाव पड़ा। इसके बावजूद बाजार को कंपनी के नतीजे ठीक लगे, क्योंकि वॉल्यूम ग्रोथ मजबूत रही और कंपनी ने भविष्य को लेकर सकारात्मक संकेत दिए।
IGL मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 के अंत तक कंपनी की कुल गैस वॉल्यूम बढ़कर 10.6 से 10.7 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन तक पहुंच सकती है। कंपनी का अनुमान है कि CNG कारोबार में 10 से 13 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है। वहीं घरेलू PNG कारोबार में 20 प्रतिशत से ज्यादा की ग्रोथ आने की उम्मीद जताई गई है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाले समय में कंपनी की कमाई और बाजार हिस्सेदारी दोनों मजबूत हो सकती हैं।
सरकार की National PNG Drive 2.0 योजना को भी IGL के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है। कंपनी अब तक करीब 34 लाख से ज्यादा घरेलू PNG कनेक्शन जोड़ चुकी है। इनमें से करीब 24 लाख ग्राहक नियमित बिलिंग में हैं। IGL अब FY27 में करीब 3.5 लाख नए घरेलू गैस ग्राहक जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी का मानना है कि पहले से जुड़े लेकिन गैस इस्तेमाल नहीं कर रहे ग्राहक भी आने वाले समय में एक्टिव हो सकते हैं। इससे कम लागत में कंपनी की बिक्री बढ़ सकती है।
IGL अब सिर्फ दिल्ली-NCR तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी नए भौगोलिक क्षेत्रों में तेजी से विस्तार कर रही है। मैनेजमेंट के मुताबिक, नए गैस एरिया से कंपनी को 16 से 17 प्रतिशत तक की वॉल्यूम ग्रोथ मिल रही है। यह कंपनी के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय में यही नए इलाके कंपनी की ग्रोथ को आगे बढ़ा सकते हैं।
कंपनी के नतीजों के बाद अलग-अलग ब्रोकरेज हाउस ने शेयर पर अपनी राय दी है। मोतीलाल ओसवाल ने IGL पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस 220 रुपये रखा है। मौजूदा स्तर से यह करीब 40 प्रतिशत तक की संभावित तेजी का संकेत देता है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी की मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ, बेहतर डिविडेंड यील्ड और आने वाले वर्षों में कमाई में तेजी शेयर को सपोर्ट कर सकती है।
दूसरी तरफ Nuvama ने शेयर पर REDUCE रेटिंग दी है और 148 रुपये का टारगेट रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि गैस सेक्टर में सरकारी नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता बनी हुई है। इसी वजह से सेक्टर की वैल्यूएशन पर दबाव है। Emkay ने शेयर पर ADD रेटिंग दी है और 180 रुपये का टारगेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज का मानना है कि निकट अवधि में मार्जिन पर दबाव रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ मजबूत बनी रह सकती है।
IGL के सामने सबसे बड़ी चुनौती गैस की बढ़ती लागत है। अगर इनपुट गैस महंगी होती है, तो कंपनी के मार्जिन पर असर पड़ता है। इसके अलावा सरकार की नीतियां भी इस सेक्टर के लिए अहम रहती हैं। अगर गैस कीमतों या आवंटन से जुड़ी नीतियों में बदलाव होता है, तो उसका असर सीधे कंपनियों की कमाई पर पड़ सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)