facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Q4 में 141 कंपनियों का मुनाफा 14% बढ़ा, फिर भी FY27 में India Inc पर संकट के संकेत

Advertisement

कंपनियों के मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी के बावजूद कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और पश्चिम एशिया का तनाव आने वाले समय में India Inc की कमाई पर दबाव बढ़ा सकते हैं

Last Updated- April 27, 2026 | 1:41 PM IST
India inc

दुनिया के एक हिस्से में चल रहा तनाव अब सीधे भारत की कंपनियों की जेब पर असर डालने लगा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों ने इंडिया इंक के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। जो उम्मीदें कुछ समय पहले तक मजबूत दिख रही थीं, अब उन पर संशय के बादल छाने लगे हैं।

तेल महंगा, तो मुनाफा सस्ता?

कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है और यही सबसे बड़ी चिंता बन चुका है। तेल और गैस की बढ़ती कीमतें कंपनियों की लागत बढ़ा रही हैं, जिससे मुनाफा दबने का खतरा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह असर अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है, लेकिन आने वाली कुछ तिमाहियों में इसका असर साफ दिख सकता है।

कमाई के अनुमान में कटौती शुरू

पहले जहां FY27 के लिए कंपनियों की कमाई में 10 से 12 प्रतिशत बढ़ोतरी की उम्मीद थी, अब यह अनुमान घटने लगा है। निप्पॉन इंडिया एसेट मैनेजमेंट के एंड्रयू हॉलैंड के मुताबिक, अगर हालात जल्दी सुधरते हैं तो असर सीमित रह सकता है। लेकिन अगर तनाव लंबा खिंचता है, तो कमाई की ग्रोथ घटकर 6 से 10 प्रतिशत तक आ सकती है। यानी ग्रोथ की रफ्तार आधी हो सकती है।

दिलचस्प बात यह है कि हाल के नतीजे अब तक मजबूत दिखे हैं। मार्च तिमाही में 141 कंपनियों का मुनाफा 14 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले 10 तिमाहियों में सबसे तेज रहा। लेकिन यह तस्वीर पुरानी है। आने वाले महीनों में असली चुनौती सामने आएगी, जब महंगे तेल और बढ़ती लागत का पूरा असर दिखेगा।

तेल की कीमतों का खेल, सब कुछ उसी पर निर्भर

फिलहाल कच्चा तेल करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अटकने से बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है। अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई रुकावट आती है, तो सप्लाई पर असर पड़ेगा और कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात सुधरते हैं तो तेल जल्दी नीचे आ सकता है, लेकिन इसका असर कंपनियों की कमाई में दिखने में समय लगेगा।

हर सेक्टर पर असर, कोई नहीं बचेगा

जेपी मॉर्गन ने पहले ही चेतावनी दे दी है कि इसका असर कई सेक्टरों पर पड़ेगा। उपभोक्ता कंपनियां, ऑटो सेक्टर, बैंकिंग और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां सभी दबाव में आ सकती हैं। लागत बढ़ेगी, मार्जिन घटेगा और ऑपरेशन में भी दिक्कतें आ सकती हैं। इसी वजह से जेपी मॉर्गन ने FY27 के कमाई अनुमान में 2 से 10 प्रतिशत तक की कटौती कर दी है।

निफ्टी की कमाई भी खतरे में

एलारा कैपिटल के बिनो पथिपरमपिल के मुताबिक, पहले निफ्टी कंपनियों की कमाई में 15 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान था। लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 7 से 8 प्रतिशत रह सकता है, अगर तेल महंगा बना रहता है और युद्ध जारी रहता है। इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो, तेल-गैस और एयरलाइन सेक्टर पर पड़ सकता है।

रुपया भी बनेगा गेमचेंजर

एनालिस्ट कह रहे हैं कि अब नजर सिर्फ तेल पर ही नहीं, बल्कि रुपये पर भी है। अगर रुपया कमजोर होता है, तो निर्यात करने वाली कंपनियों जैसे आईटी, फार्मा और मेटल सेक्टर को फायदा हो सकता है। लेकिन आयात पर निर्भर कंपनियों के लिए यह और मुश्किलें बढ़ा सकता है।

Advertisement
First Published - April 27, 2026 | 1:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement