Motilal Oswal Report on AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी तेजी का सबसे ज्यादा फायदा दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों को मिल रहा है, जबकि भारत इस मामले में अभी भी दुनिया के कई बड़े बाजारों से पीछे है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल की ताजा रिपोर्ट ‘द ईगल आई’ में यह बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक मई में दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में 26 फीसदी और ताइवान में 16 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं जापान में 10 फीसदी और एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स में 9 फीसदी की बढ़त रही। इसके उलट भारतीय बाजार में निफ्टी 2 फीसदी गिरा, जिससे भारत वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा।
| देश / इंडेक्स | मासिक बदलाव (%) |
|---|---|
| दक्षिण कोरिया | +26 |
| ताइवान | +16 |
| जापान | +10 |
| एमएससीआई उभरते बाजार (MSCI EM) | +9 |
| एसएंडपी 500 | +5 |
| जर्मनी | +3 |
| फ्रांस | 0 |
| चीन | 0 |
| रूस एमआईसीईएक्स (Russia MICEX) | -1 |
| यूनाइटेड किंगडम (UK) | -1 |
| भारत – निफ्टी | -2 |
| ब्राजील | -9 |
रिपोर्ट में कहा गया है कि AI से जुड़ी तेजी का भारत को ज्यादा फायदा नहीं मिला है। फिर भी भारतीय शेयर बाजार की सबसे बड़ी ताकत इसकी विविधता है। भारत में बैंकिंग, आईटी, उद्योग, उपभोक्ता सामान, ऊर्जा और रियल एस्टेट जैसे कई सेक्टरों की अच्छी हिस्सेदारी है। यही वजह है कि भारतीय बाजार किसी एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है और अलग-अलग क्षेत्रों से उसे सहारा मिलता रहता है।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि AI से जुड़ी तेजी अभी थमी नहीं है। बड़ी टेक कंपनियां लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और उनकी कमाई भी तेजी से बढ़ रही है। इसी वजह से इन कंपनियों का बाजार मूल्य लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, टेक कंपनियों की वैल्यू में जितनी बढ़ोतरी हुई है, वह भारत समेत कई उभरते बाजारों की तुलना में कहीं ज्यादा है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि मिडकैप शेयरों ने रिकॉर्ड ऊंचाई हासिल की है। धातु (मेटल) और कैपिटल गुड्स सेक्टर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। साथ ही स्मॉलकैप और मिडकैप कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी भी नए उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
मार्च तिमाही में मोतीलाल ओसवाल की कवरेज वाली कंपनियों की कमाई सालाना आधार पर 16 फीसदी बढ़ी, जबकि निफ्टी कंपनियों के मुनाफे में 4 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी जारी है, जो शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार में निवेश कर रहे हैं और उनकी खरीदारी मजबूत बनी हुई है। दूसरी ओर, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) अब भी बिकवाली कर रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि विदेशी निवेशकों की निकासी और ऊंची ऊर्जा कीमतों के कारण भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बना हुआ है। वहीं वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंताओं के चलते बॉन्ड यील्ड कई साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय शेयर बाजार का वैल्यूएशन प्रीमियम अब पहले की तुलना में कम हुआ है। इसके बावजूद कंपनियों की कमाई में मजबूत वृद्धि जारी है। ऐसे में मौजूदा वैल्यूएशन आने वाले समय में निवेशकों के लिए बेहतर रिटर्न की संभावना दिखाते हैं।