टाटा ग्रुप की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड यानी IHCL ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी की आय, EBITDA और मुनाफे में दोहरे अंक की बढ़त दर्ज हुई है। घरेलू ट्रैवल डिमांड, होटल रूम की बढ़ती कीमतें, कॉर्पोरेट इवेंट्स और नए बिजनेस वर्टिकल्स की वजह से कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी को लेकर ब्रोकरेज हाउस अब भी सतर्क नजर आ रहे हैं। नतीजों के बाद कंपनी का शेयर करीब 3 प्रतिशत गिरकर 639 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।
इंडियन होटल्स की कंसोलिडेटेड आय जनवरी-मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत बढ़कर करीब 2765 करोड़ रुपये रही। कंपनी के स्टैंडअलोन कारोबार में 13 प्रतिशत और सब्सिडियरी बिजनेस में 16 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी की कमाई बढ़ाने में सबसे बड़ा योगदान होटल रूम बिजनेस का रहा। कमरे से होने वाली आय में 12 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि होटल रूम का औसत किराया यानी ARR 9 प्रतिशत बढ़ा। इसके साथ ही होटल ऑक्यूपेंसी में भी सुधार देखने को मिला।
फूड एंड बेवरेज कारोबार में भी ग्रोथ दर्ज की गई, जबकि मैनेजमेंट फीस में 30 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। नए होटल साइन होने और मैनेजमेंट कॉन्ट्रैक्ट बढ़ने से इस सेगमेंट को फायदा मिला। नुवामा के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले इस साल कंपनी के पास मैनेजमेंट मॉडल के तहत चलाए जा रहे कमरों की संख्या 55 प्रतिशत बढ़ गई।
ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, घरेलू यात्रा की मजबूत मांग कंपनी के लिए सबसे बड़ा सपोर्ट बनी हुई है। शादी-ब्याह, कॉर्पोरेट मीटिंग्स और बड़े इवेंट्स यानी MICE गतिविधियों में तेजी का फायदा होटल इंडस्ट्री को मिला। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज का कहना है कि जनवरी और फरवरी के दौरान मजबूत MICE गतिविधियों और प्रीमियम होटल्स की बढ़ती मांग ने कंपनी की कमाई को सहारा दिया।
कंपनी का RevPAR यानी प्रति उपलब्ध कमरे से कमाई भी मजबूत रही। कंसोलिडेटेड RevPAR 10 प्रतिशत बढ़कर 13,250 रुपये पहुंच गया, जबकि स्टैंडअलोन RevPAR 12 प्रतिशत बढ़कर 18,800 रुपये रहा। होटल ऑक्यूपेंसी भी बेहतर हुई। कंसोलिडेटेड होटल्स की ऑक्यूपेंसी 78 प्रतिशत और स्टैंडअलोन होटल्स की ऑक्यूपेंसी 82 प्रतिशत तक पहुंच गई।
कंपनी के प्रमुख होटल ब्रांड्स ने भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की। Taj ब्रांड का RevPAR 10 प्रतिशत बढ़ा, जबकि Vivanta, SeleQtions और Gateway ब्रांड्स में 6 प्रतिशत की बढ़त रही। Ginger होटल्स ने भी 5 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की। नुवामा के मुताबिक, Ginger, Qmin, ama Stays & Trails और Tree of Life जैसे नए बिजनेस वर्टिकल्स ने FY26 में 25 प्रतिशत की ग्रोथ हासिल की। Ginger ब्रांड की सालाना आय करीब 709 करोड़ रुपये रही और इसका EBITDAR मार्जिन 44 प्रतिशत तक पहुंच गया। इससे साफ है कि कंपनी अब केवल लक्जरी होटल बिजनेस पर निर्भर नहीं रहना चाहती, बल्कि नए सेगमेंट्स में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी ने माना कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार पर पड़ा है। नुवामा के मुताबिक, बुकिंग कैंसिलेशन और इवेंट्स के रीशेड्यूल होने की वजह से कंपनी की आय पर करीब 40 से 50 करोड़ रुपये का असर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का कहना है कि घरेलू बाजार की मजबूत मांग ने इस नुकसान की भरपाई करने में मदद की। ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि आने वाले कुछ महीनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजारों में दबाव बना रह सकता है। हालांकि, भारत में घरेलू ट्रैवल और बिजनेस ट्रैवल की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
इंडियन होटल्स आने वाले वर्षों में आक्रामक विस्तार की तैयारी में है। कंपनी के पास इस समय 375 ऑपरेशनल होटल्स और 33,091 कमरे हैं। इसके अलावा करीब 31,300 कमरों की नई पाइपलाइन तैयार है। कंपनी की योजना अगले वित्त वर्ष में 60 से ज्यादा नए होटल खोलने की है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, पाइपलाइन का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा एसेट-लाइट मॉडल पर आधारित है। इसका मतलब है कि कंपनी कम निवेश में ज्यादा होटल्स जोड़ पाएगी, जिससे उसकी लाभप्रदता बेहतर हो सकती है।
कंपनी एकता नगर और वाराणसी में नए होटल जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा Clarks, Brij और Atmantan जैसे नए ब्रांड्स के अधिग्रहण से FY27 में करीब 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय आने की उम्मीद है।
मैनेजमेंट ने FY27 में 12 से 14 प्रतिशत राजस्व वृद्धि का अनुमान दिया है। कंपनी को उम्मीद है कि घरेलू ट्रैवल डिमांड मजबूत बनी रहेगी और होटल इंडस्ट्री में सप्लाई सीमित रहने से रूम रेट्स को सपोर्ट मिलेगा। इसके अलावा नए होटल्स, नए ब्रांड्स और मैनेजमेंट फीस बिजनेस से भी कमाई बढ़ने की उम्मीद है।
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कंपनी ने RevPAR ग्रोथ का अनुमान 7 से 9 प्रतिशत रखा है। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज का कहना है कि भारत की BRICS अध्यक्षता की वजह से डिप्लोमैटिक और बिजनेस ट्रैवल में भी तेजी आ सकती है, जिसका फायदा इंडियन होटल्स को मिलेगा।
मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 785 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि FY26 से FY28 के बीच कंपनी की आय, EBITDA और एडजस्टेड PAT में मजबूत CAGR ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
वहीं, नुवामा ने शेयर की रेटिंग ‘REDUCE’ से बढ़ाकर ‘HOLD’ कर दी है। ब्रोकरेज का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद शेयर का वैल्यूएशन थोड़ा आकर्षक हुआ है। नुवामा ने शेयर का टारगेट प्राइस 676 रुपये रखा है, लेकिन पश्चिम एशिया तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी को जोखिम बताया है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज ने भी शेयर पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखी है और 700 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि घरेलू होटल डिमांड, नए होटल्स और नए बिजनेस वर्टिकल्स की वजह से कंपनी की ग्रोथ बनी रह सक
ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि इंडियन होटल्स का लॉन्ग टर्म आउटलुक मजबूत बना हुआ है। घरेलू ट्रैवल, प्रीमियम होटल्स की मांग, नए होटल्स की शुरुआत और एसेट-लाइट विस्तार मॉडल कंपनी के लिए बड़े ग्रोथ ड्राइवर बन सकते हैं। हालांकि, वैश्विक तनाव और अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल में कमजोरी निकट अवधि में कुछ दबाव जरूर बना सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)