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Infosys Insider Trading Case: SEBI ने इंफोसिस को दी राहत, 16 संस्थाओं और पूर्व कर्मचारियों से हटाया प्रतिबंध

SEBI ने जांच की कि क्या कुछ इंडिविजुअल ने अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फार्मेशन (UPSI) का उपयोग करके इंफोसिस के शेयरों का कारोबार किया, जो कि इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लं

Last Updated- September 10, 2024 | 1:34 PM IST
Infosys
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सेबी ने सोमवार को इन्फोसिस के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े मामले में कंपनी के कुछ पूर्व कर्मचारियों समेत 16 इकाइयों और व्यक्तियों पर लगे प्रतिबंध हटा दिए।
यह मामला जुलाई 2020 में तब सामने आया था जब इन्फोसिस के शेयरों में संभावित इनसाइडर ट्रेडिंग का अलर्ट मिला था। यह अलर्ट तब आया जब कंपनी ने 30 जून, 2020 को खत्म हुई तिमाही के नतीजे जारी किए थे।

SEBI ने जांच की कि क्या कुछ इंडिविजुअल ने अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इन्फार्मेशन (UPSI) का उपयोग करके इंफोसिस के शेयरों का कारोबार किया, जो कि इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन है।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इन्फोसिस भेदिया कारोबार मामले में 16 इकाइयों पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं, जिनमें कुछ पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं। सेबी ने यह भी निर्देश दिया कि अमित भूतरा, भरत सी जैन, कैपिटल वन पार्टनर्स, टेसोरा कैपिटल, मनीष सी जैन और अंकुश भूतरा पर अंतरिम आदेश के तहत लगाए गए प्रतिबंध भी तत्काल प्रभाव से खत्म किए जाएं।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने 57 पन्नों के अपने अंतिम आदेश में कहा कि नोटिसधारकों के खिलाफ अंतरिम आदेश और पुष्टिकरण आदेश को रद्द करना और सभी नोटिसधारकों के खिलाफ कार्रवाई का निपटारा करना उचित है। उन्होंने यह भी बताया कि सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) ने 25 अप्रैल, 2022 को दिए अपने आदेश के जरिए पहले ही अंतरिम और पुष्टिकरण आदेश को रद्द कर दिया था।

यह मामला तब सामने आया जब सेबी ने दिसंबर 2019 से सितंबर 2020 तक इन्फोसिस के वित्तीय नतीजों की घोषणाओं के दौरान संदिग्ध ट्रेडिंग गतिविधियों की पहचान की। सेबी ने जांच की कि क्या कुछ व्यक्तियों ने इन्फोसिस के अनपब्लिश्ड प्राइस-सेंसिटिव इनफार्मेशन (UPSI) का इस्तेमाल करके कंपनी के शेयरों का कारोबार किया, जो कि इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन है।

मार्केट रेगुलेटर ने पाया कि 8 व्यक्तियों ने इन नियमों का उल्लंघन किया और 2021 में उनके खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया। हालांकि, दो व्यक्तियों ने इस आदेश को सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) में चुनौती दी, जिसे खारिज कर दिया गया था।

First Published - September 10, 2024 | 7:00 AM IST

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