facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Insurance sector: LIC की धीमी रफ्तार के बीच कहां लगाएं पैसा? ब्रोकरेज ने बताए 2 टॉप पिक्स

Advertisement

प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों का मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर करीब 72 प्रतिशत तक पहुंच गया है

Last Updated- April 22, 2026 | 3:14 PM IST
insurance sector

मार्च 2026 में इंश्योरेंस सेक्टर में नई पॉलिसियों से मिलने वाला प्रीमियम यानी APE करीब 8.4 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि पूरे वित्त वर्ष 2026 में इसमें 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान प्राइवेट कंपनियों का रहा, जिन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया। इसके मुकाबले एलआईसी की ग्रोथ थोड़ी सीमित रही, जिससे धीरे-धीरे प्राइवेट कंपनियों की पकड़ बाजार में मजबूत होती दिख रही है।

अगर अलग-अलग कंपनियों की बात करें तो एसबीआई लाइफ ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया और इसका रिटेल APE करीब 9 प्रतिशत बढ़ा। मैक्स लाइफ ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें करीब 7 प्रतिशत की बढ़त रही। वहीं एचडीएफसी लाइफ और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल का प्रदर्शन लगभग स्थिर रहा, यानी ज्यादा बढ़त नहीं दिखी। दूसरी ओर केनरा एचएसबीसी लाइफ में हल्की गिरावट दर्ज की गई, हालांकि पूरे साल के आधार पर कंपनी ने सुधार दिखाया है।

मार्केट शेयर में बड़ा बदलाव

प्राइवेट इंश्योरेंस कंपनियों का मार्केट शेयर लगातार बढ़ रहा है और वित्त वर्ष 2026 में यह बढ़कर करीब 72 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके उलट एलआईसी का मार्केट शेयर घटकर करीब 28 प्रतिशत रह गया है। इसका मतलब साफ है कि ग्राहकों का झुकाव धीरे-धीरे प्राइवेट कंपनियों की ओर बढ़ रहा है।

ग्रुप इंश्योरेंस सेगमेंट में इस बार जोरदार तेजी देखने को मिली है और इसमें करीब 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस ग्रोथ में भी प्राइवेट कंपनियों की भूमिका ज्यादा रही, जिन्होंने इस सेगमेंट में तेजी से विस्तार किया है। एलआईसी ने भी इस क्षेत्र में ग्रोथ दिखाई, लेकिन प्राइवेट कंपनियां ज्यादा आगे रहीं।

आगे की उम्मीद और सेक्टर का आउटलुक

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में इंश्योरेंस सेक्टर में ग्रोथ बनी रह सकती है। खासकर प्राइवेट कंपनियां मिड-टीन्स यानी करीब 12 से 15 प्रतिशत की दर से ग्रोथ जारी रख सकती हैं। GST में मिली राहत के बाद पॉलिसी लेने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, जिससे सेक्टर को और सपोर्ट मिलेगा। वैल्यूएशन के लिहाज से भी सेक्टर अभी आकर्षक माना जा रहा है।

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि मौजूदा समय में मैक्स लाइफ और केनरा एचएसबीसी लाइफ जैसे स्टॉक्स बेहतर संभावनाएं दिखा रहे हैं। इन कंपनियों में ग्रोथ और वैल्यूएशन का संतुलन बेहतर माना जा रहा है।

Also Read | Minda Corp: ब्रोकरेज की रडार पर आया शेयर, BUY की सलाह; ₹650 तक जा सकता है भाव

क्या हैं बड़े जोखिम

हालांकि सेक्टर के लिए कुछ जोखिम भी बने हुए हैं। अगर सरकार नियमों में बदलाव करती है या बैंक चैनल (bancassurance) और एजेंट कमीशन से जुड़े नियम कड़े होते हैं, तो इसका असर कंपनियों की ग्रोथ पर पड़ सकता है। इसलिए इन फैक्टर्स पर नजर रखना जरूरी होगा।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

Advertisement
First Published - April 22, 2026 | 3:14 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement