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लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप फंड्स में निवेश की बहार, अक्टूबर में रिकॉर्ड 8,633 करोड़ जुटाए

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इन दोनों श्रेणियों में शामिल योजनाओं को अन्य इक्विटी योजनाओं के मुकाबले कम जोखिम भरा माना जाता है जिसकी वजह लार्जकैप की ओर इनका झुकाव होता है।

Last Updated- November 15, 2024 | 9:55 PM IST
AUM growth of mutual funds remained strong amid slowdown, raised Rs 68.6 lakh crore सुस्ती के बीच मजबूत रही म्युचुअल फंडों की AUM ग्रोथ, जुटाए 68.6 लाख करोड़ रुपये

शेयर बाजार में गिरावट के बीच अक्टूबर के दौरान लार्जकैप केंद्रित म्युचुअल फंडों की दो श्रेणियों- फ्लेक्सीकैप फंडों और लार्जकैप फंडों में निवेशकों की दिलचस्पी में बढ़ोतरी नजर आई। दोनों ही श्रेणियों ने पिछले महीने अब तक का सर्वोच्च निवेश हासिल किया। अपने कोष का कम से कम 80 फीसदी बड़ी कंपनियों में निवेश करने वाले लार्जकैप फंडों ने अक्टूबर में 3,452 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया जबकि फ्लेक्सीकैप योननाओं में कुल निवेश 5,181 करोड़ रुपये रहा।

इन दोनों श्रेणियों में शामिल योजनाओं को अन्य इक्विटी योजनाओं के मुकाबले कम जोखिम भरा माना जाता है जिसकी वजह लार्जकैप की ओर इनका झुकाव होता है। वैसे फ्लेक्सीकैप योजनाएं अपने कोष का कितना भी अनुपात लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आवंटित करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन ज्यादातर फंड सामान्यत: लार्जकैप में करीब 60 फीसदी निवेश रखते हैं।

फ्लेक्सीकैप और लार्जकैप फंडों में पिछले महीने निवेश 8,633 करोड़ रुपये रहा, जो सितंबर 2024 के आंकड़ों के मुकाबले 73 फीसदी ज्यादा है। बाजार के बदलते हालात के कारण निवेशकों की दिलचस्पी में वृद्धि हुई। अक्टूबर में प्रमुख बेंचमार्क सूचकांकों ने मार्च 2020 के बाद से सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की और निफ्टी-50 में 6.2 फीसदी और सेंसेक्स में 5.8 फीसदी की गिरावट आई।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के सहायक निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि निवेशकों ने हर तरह के फंडों में रुचि दिखाई। हालांकि लार्जकैप, मल्टीकैप, लार्ज ऐंड मिडकैप और फ्लेक्सीकैप जैसी लार्जकैप ​निवेश वाली अहम श्रेणियों में नए सिरे से रुचि देखी जा सकती है।

यह देखते हुए कि मिडकैप और स्मॉलकैप के मुकाबले लार्जकैप वर्तमान बाजार परिदृश्य में मूल्यांकन के नजरिए से अच्छी स्थिति में है, इसलिए लार्जकैप की ओर कुछ पुनर्संतुलन हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि मिड और स्मॉलकैप श्रेणियां काफी पीछे रहीं। उनमें भी मजबूत निवेश आया।
स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों में निवेश की गति तेज बनी रही और दोनों श्रेणियों ने मिलकर 8,455 करोड़ रुपये जुटाए। अधिकांश अन्य श्रेणियों की तुलना में नए निवेश खातों की संख्या भी बहुत अधिक थी।

लार्जकैप और फ्लेक्सीकैप योजनाओं को पिछले दो वर्षों में अधिकांश महीनों में निवेश जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ा क्योंकि निवेशकों ने ऊंचे प्रदर्शन वाले स्मॉलकैप, मिडकैप और थीमेटिक फंडों को चुना। ऐसा तब हुआ जब विशेषज्ञ मिडकैप, स्मॉलकैप और कुछ क्षेत्रों में ऊंचे मूल्यांकन को लेकर आगाह कर रहे थे और निवेशकों को लार्जकैप चुनने की सलाह दे रहे थे। निवेशकों को दिए हाल में भेजे संदेश में म्युचुअल फंड अभी भी उसी सलाह पर कायम हैं।

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फंड ने अपनी नवीनतम फैक्टशीट में कहा है कि हालांकि भारत के आर्थिक हालात मजबूत नजर आ रहे हैं, लेकिन मूल्यांकन सस्ते नहीं हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप की तुलना में मेगा-कैप और लार्ज कैप का मूल्यांकन उचित है। जो निवेशक इक्विटी निवेश चाहते हैं, उन्हें लार्जकैप ओरिएंटेड स्कीम या लचीली मैंडेट स्कीम या उन स्कीमों पर ध्यान देना चाहिए जो भारी उतार-चढ़ाव का प्रबंधन कर सकें।

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First Published - November 15, 2024 | 9:55 PM IST

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