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JSW Energy का शेयर 6% टूटा, फिर भी ब्रोकरेज क्यों दे रहे BUY की सलाह? जारी हुए नए टारगेट

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JSW Energy की आय 38 प्रतिशत और EBITDA 78 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बिजली उत्पादन में 73 प्रतिशत की बड़ी छलांग देखने को मिली

Last Updated- May 12, 2026 | 3:24 PM IST
JSW Energy

देश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है और इसी का फायदा पावर कंपनियों को भी मिल रहा है। खासकर रिन्यूएबल एनर्जी और थर्मल पावर सेक्टर में तेजी से विस्तार करने वाली कंपनियां निवेशकों की नजर में बनी हुई हैं। JSW Energy भी ऐसी ही कंपनियों में शामिल है, जिसने पिछले कुछ सालों में अपने कारोबार को तेजी से बढ़ाया है। कंपनी लगातार नए प्रोजेक्ट जोड़ रही है, रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस बढ़ा रही है और बिजली उत्पादन क्षमता भी तेजी से बढ़ा रही है।

वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में भी कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन मजबूत रहा। बिजली उत्पादन में बड़ी बढ़त देखने को मिली और कमाई भी तेजी से बढ़ी। हालांकि, कर्ज और नए प्रोजेक्ट्स पर बढ़ते खर्च की वजह से मुनाफे पर दबाव दिखाई दिया। नतीजों के बाद आज मंगलवार को कंपनी का शेयर करीब 6 प्रतिशत टूटकर 521 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा।

चौथी तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कैसा रहा

जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही में JSW Energy की आय में सालाना आधार पर 38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कंपनी का ऑपरेशनल मुनाफा यानी EBITDA भी करीब 78 प्रतिशत बढ़कर 2140 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 49 प्रतिशत हो गया, जो दिखाता है कि ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी की पकड़ मजबूत बनी हुई है।

इस दौरान कंपनी का कुल बिजली उत्पादन 73 प्रतिशत बढ़कर 11,724 मिलियन यूनिट्स पहुंच गया। इसमें KSK महानदी प्लांट का बड़ा योगदान रहा। इस प्लांट का PLF यानी प्लांट लोड फैक्टर 93 प्रतिशत रहा, जो काफी मजबूत माना जाता है। इसके अलावा Ind Bharat और रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस में भी तेज ग्रोथ देखने को मिली।

हालांकि, तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही। KSK महानदी के अधिग्रहण से जुड़े कर्ज और नए प्रोजेक्ट्स पर भारी निवेश की वजह से कंपनी का ब्याज खर्च और डिप्रिसिएशन काफी बढ़ गया। यही वजह रही कि कंपनी का एडजस्टेड मुनाफा करीब 12 प्रतिशत घटकर 360 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, टैक्स से जुड़े फायदे की वजह से रिपोर्टेड PAT में 38 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई और यह 570 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

रिन्यूएबल एनर्जी पर कंपनी का बड़ा दांव

JSW Energy अब तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार बढ़ाने पर फोकस कर रही है। कंपनी ने FY26 में 2.6 गीगावॉट नई क्षमता जोड़ी, जिसके बाद कुल क्षमता बढ़कर 13.45 गीगावॉट हो गई है। कंपनी का लक्ष्य FY27 में 3 गीगावॉट नई रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ने का है। इसके अलावा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर भी बड़ा निवेश करने की तैयारी है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी प्रोजेक्ट्स को चरणबद्ध तरीके से शुरू करेगी ताकि बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता के हिसाब से प्रोजेक्ट्स की कमाई सुरक्षित रहे।

KSK महानदी बना बड़ा ग्रोथ ड्राइवर

कंपनी के लिए KSK महानदी अब बड़ा ग्रोथ इंजन बनता दिख रहा है। इस प्लांट से बिजली उत्पादन मजबूत रहा और कंपनी की कुल कमाई में इसका बड़ा योगदान दिखाई दिया। कंपनी FY27 की दूसरी तिमाही तक KSK महानदी में बाकी 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने की तैयारी में है। इससे कंपनी को माइनॉरिटी शेयरधारकों को कम भुगतान करना पड़ेगा और आने वाले समय में मुनाफा बेहतर हो सकता है। मैनेजमेंट का कहना है कि FY27 में KSK का EBITDA 2700 करोड़ रुपये से ऊपर बना रह सकता है। इसकी बड़ी वजह कम लागत वाला कोयला और कोल माइंस के पास मौजूद लोकेशन है, जिससे लॉजिस्टिक्स खर्च कम रहता है।

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किन बातों को लेकर चिंता बनी हुई है

हालांकि, कुछ ऐसे संकेत भी हैं जिन पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने की रफ्तार को लेकर उम्मीद पर खरी नहीं उतर पाई। FY26 की दूसरी छमाही में कंपनी सिर्फ 243 मेगावॉट नई क्षमता जोड़ सकी, जबकि पहले 1.5 गीगावॉट जोड़ने का लक्ष्य बताया गया था।

इसके अलावा कंपनी के स्टैंडअलोन रेवेन्यू में भी करीब 32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। नई DSM नियमावली का असर भी कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है। अनुमान है कि इससे रेवेन्यू में करीब 1.5 से 2 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। सबसे बड़ी चिंता कंपनी के बढ़ते कर्ज और ऊंचे ब्याज खर्च को लेकर भी बनी हुई है। आने वाले समय में अगर नए प्रोजेक्ट्स समय पर शुरू नहीं हुए तो इसका असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है।

ब्रोकरेज हाउस क्यों हैं भरोसे में

इन चुनौतियों के बावजूद ब्रोकरेज हाउस JSW Energy को लेकर भरोसा बनाए हुए हैं। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज और मोतीलाल ओसवाल दोनों ने शेयर पर ‘BUY’ रेटिंग बरकरार रखी है और 640 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में बढ़ती बिजली मांग, रिन्यूएबल एनर्जी पर सरकार का फोकस और कंपनी की तेजी से बढ़ती क्षमता आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी अपने नए प्रोजेक्ट्स समय पर पूरा कर पाती है या नहीं और बढ़ते कर्ज को किस तरह संभालती है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - May 12, 2026 | 3:24 PM IST

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