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JSW Infrastructure IPO: ब्रोकरेज फर्मों ने दी आवेदन करने की सलाह

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करीब 13 साल के अंतराल के बाद जेएसडब्ल्यू समूह की तरफ से यह तीसरी सूचीबद्धता है।

Last Updated- September 25, 2023 | 9:59 PM IST
JSW Infra approves capex of Rs 2,359 cr for expansion at Jaigarh, Dharamtar JSW Infra ने क्षमता विस्तार के लिए 2,359 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय को मंजूरी दी

JSW Infrastructure IPO: सज्जन जिंदल प्रवर्तित जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) आज खुला और कई देसी ब्रोकरेज फर्मों ने इस इश्यू में आवेदन की सलाह दी है। विश्लेषकों के मुताबिक, संभावित निवेशकों को कंपनी के कैप्टिव बिजनेस व सरकारी लाइसेंसों व करारों पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता आदि पर नर रखनी चाहिए।

करीब 13 साल के अंतराल के बाद जेएसडब्ल्यू समूह की तरफ से यह तीसरी सूचीबद्धता है, वहीं विश्लेषक मजबूत पैरेंटेज मुख्य रूप से सकारात्मक है, लेकिन जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा का समूह के कारोबार पर भारी निर्भरता को लगातार अहम चिंता बताया जा रहा है।

निर्मल बांग ने जेएसडब्ल्यू समूह की इकाइयों के साथ संबंधित पक्षकार के तहत खासे लेनदेन को अहम चिंता बताया है। ब्रोकरेज के विश्लेषकों ने अपने नोट में कहा है, संबंधित पक्षकार के लेनदेन में उनके स्वामित्व वाली जमीन कंपनी को अपने बंदरगाह व टर्मिनल के लिए पट्टे पर देना शामिल है।

पिछले हफ्ते बिजनेस स्टैंडर्ड से बातचीत में जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा के संयुक्त प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्याधिकारी अरुण माहेश्वरी ने कहा था, मैं कहना चाहूंगा कि कैप्टिव कार्गो हमारी ताकत में से एक है। किसी पोर्ट यानी बंदरगाह को ठोस एंकर ग्राहक की दरकार होती है और यह हमारे समूह के भीतर होना, खास तौर से जेएसडब्ल्यू स्टील की वृद्धि का रिकॉर्ड हमारे लिए लाभकारी है।

निर्मल बांग के नोट में कहा गया है, आईपीओ का मूल्यांकन वित्त वर्ष 23 के एबबा 17.2 गुना पर उचित है, ऐसे में हम इसमें आवेदन की सलाह देते हैं। अन्य ब्रोकरेज मसलन आनंद राठी, स्टॉक्सबॉक्स और मोतीलाल ओसवाल ने भी आईपीओ में आवेदन की सलाह दी है और ये ब्रोकरेज मूल्यांकन को उचित बता रही हैं।

आनंद राठी के विश्लेषकों ने एक नोट में कहा है, हमारा मानना है कि कंपनी का मूल्यांकन सही है और हम लंबी अवधि के लिए इसमें आवेदन की सिफारिश करते हैं। उन्होंने कहा, कार्गो वॉल्यूम का बड़ा हिस्सा कुछ निश्चित कार्गो पर निर्भर है और ऐसे कार्गो के कम होने या बंद होने से कंपनी के लाभ पर विपरीत असर पड़ सकता है।

निर्मल बांग के विश्लेषकों ने कहा, कार्गो का संकेंद्रण (खास तौर से कोयला व लौह अयस्क) आम चिंता है। ऐसे में कंपनी पर ऐसे कारोबार में कमी या कोकिंग कोल, लौह अयस्क व थर्मल कोल के परिवाहन में नरमी का भारी असर पड़ सकता है। जेएसडब्ल्यू इन्फ्रा भारत में दूसरी सबसे बड़ी वाणिज्यिक बंदरगाह परिचालक है। अभी अदाणी पोर्ट्स ऐंड एसईजेड एकमात्र सूचीबद्ध कंपनी है, जिससे तुलना की जा सकती है।

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First Published - September 25, 2023 | 9:59 PM IST

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