जेएसडब्ल्यू स्टील के मार्च तिमाही नतीजों के बाद कंपनी एक बार फिर बाजार में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। पिछले कुछ महीनों से घरेलू स्टील कीमतों में आई तेजी, मजबूत मांग और ज्यादा बिक्री का फायदा कंपनी को साफ तौर पर मिला है। यही वजह है कि कंपनी का प्रदर्शन बाजार की उम्मीद से बेहतर रहा।
हालांकि अच्छी कमाई और मजबूत नतीजों के बावजूद बाजार में एक बड़ा सवाल बना हुआ है। क्या शेयर में पहले ही काफी तेजी आ चुकी है? क्योंकि कंपनी का शेयर पिछले कुछ समय में मजबूत उछाल दिखा चुका है और अब कई विशेषज्ञ वैल्यूएशन को लेकर थोड़ा सतर्क नजर आ रहे हैं।
शुक्रवार को बीएसई पर JSW Steel का शेयर हल्की कमजोरी के साथ करीब 1,294 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा। लेकिन निवेशकों की नजर सिर्फ मौजूदा तिमाही पर नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में कंपनी के बड़े विस्तार प्लान पर भी बनी हुई है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्माण और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियां बढ़ने से स्टील की मांग मजबूत बनी हुई है। इसका फायदा बड़ी स्टील कंपनियों को मिल रहा है और JSW Steel भी उन्हीं कंपनियों में शामिल है जो इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर रही हैं।
मार्च तिमाही में कंपनी की कुल आय सालाना आधार पर करीब 14 प्रतिशत बढ़कर 511.8 अरब रुपये पहुंच गई। कंपनी की कमाई में सबसे बड़ा योगदान ज्यादा बिक्री और बेहतर स्टील कीमतों का रहा। कंपनी की स्टैंडअलोन आय भी करीब 12 प्रतिशत बढ़ी। वहीं प्रति टन स्टील से होने वाली कमाई यानी रियलाइजेशन बढ़कर करीब 60,178 रुपये प्रति टन पहुंच गई।
इसका फायदा सीधे कंपनी के मार्जिन पर दिखा। JSW Steel का स्टैंडअलोन EBITDA करीब 55.8 अरब रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 10 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि एक तरफ जहां स्टील कीमतों ने राहत दी, वहीं दूसरी तरफ कोकिंग कोल की बढ़ती लागत ने दबाव भी बढ़ाया।
कंपनी ने इस तिमाही में अपना कर्ज भी काफी कम किया है। मार्च तिमाही के अंत तक कंपनी का नेट डेट करीब 33 प्रतिशत घटकर 538.7 अरब रुपये रह गया। विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत कैश फ्लो और बेहतर कमाई की वजह से कंपनी की बैलेंस शीट पहले के मुकाबले मजबूत होती दिख रही है।
JSW Steel अब आने वाले वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ाने की तैयारी में है। नुवामा के मुताबिक, कंपनी FY30 तक करीब 17 मिलियन टन प्रति वर्ष नई स्टील क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। इसके लिए कंपनी करीब 1.26 लाख करोड़ रुपये का बड़ा निवेश कर सकती है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि मार्च और अप्रैल 2026 में घरेलू स्टील कीमतों में और बढ़ोतरी हुई है। इसका फायदा FY27 की पहली तिमाही में देखने को मिल सकता है। हालांकि कोकिंग कोल और आयरन ओर की बढ़ती लागत आगे मार्जिन पर कुछ दबाव बना सकती है।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने JSW Steel पर ‘HOLD’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 1,151 रुपये किया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के नतीजे मजबूत रहे हैं, लेकिन बढ़ती लागत और पहले से महंगे वैल्यूएशन को देखते हुए अब ज्यादा तेजी की गुंजाइश सीमित लग रही है। वहीं नुवामा ने शेयर पर ‘REDUCE’ रेटिंग बरकरार रखी है और 1,129 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का EBITDA अनुमान से बेहतर रहा, लेकिन मौजूदा स्तर पर शेयर काफी महंगा नजर आ रहा है। हालांकि दोनों ब्रोकरेज का मानना है कि अगर घरेलू स्टील कीमतें मजबूत बनी रहती हैं और मांग अच्छी रहती है, तो आने वाली तिमाहियों में कंपनी की कमाई को सहारा मिलता रह सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)