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कर्नाटक की नई शराब नीति से दिग्गज Liquor Stocks को होगा फायदा! ब्रोकरेज ने कहा- ₹3850 तक जाएगा भाव

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सरकार ने 6 मार्च 2026 को नई एक्साइज पॉलिसी का ऐलान किया था और अब इसका ड्राफ्ट जारी किया गया है

Last Updated- April 23, 2026 | 9:57 AM IST
Liquor Stocks

Liquor Stocks: कर्नाटक सरकार की नई आबकारी नीति से राज्य के शराब बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। टैक्स ढांचे में बदलाव के कारण शराब की कीमतों में उतार-चढ़ाव आएगा, जिसका असर उपभोक्ताओं और कंपनियों दोनों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस बदलाव से प्रीमियम ब्रांड्स की मांग बढ़ सकती है।

सरकार ने 6 मार्च 2026 को नई एक्साइज पॉलिसी का ऐलान किया था और अब इसका ड्राफ्ट जारी किया गया है। नई नीति में “अल्कोहल इन बेवरेज” यानी AIB सिस्टम लागू किया गया है। इसमें शराब में मौजूद अल्कोहल की मात्रा के आधार पर टैक्स तय होगा।

सरकार ने प्रति लीटर शुद्ध अल्कोहल पर 1000 रुपये का एक समान टैक्स तय किया है। पहले टैक्स की गणना अलग तरीके से होती थी, लेकिन अब इसे आसान और स्पष्ट बनाया गया है। साथ ही IMFL के लिए टैक्स स्लैब को 16 से घटाकर 8 कर दिया गया है।

प्रीमियम सेगमेंट में तेजी, सस्ती शराब की मांग घटी

कर्नाटक में अभी भी करीब 94 प्रतिशत बाजार सस्ती या रेगुलर शराब का है, लेकिन ट्रेंड बदल रहा है। वित्त वर्ष 2026 में प्रीमियम सेगमेंट में करीब 30 प्रतिशत की बढ़त हुई, जबकि सस्ती शराब की बिक्री में करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। नई नीति के बाद प्रीमियम शराब के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं। इससे इनकी मांग और बढ़ सकती है। दूसरी तरफ सस्ती शराब के दाम 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं, जिससे उपभोक्ता प्रीमियम ब्रांड्स की ओर शिफ्ट हो सकते हैं।

यह पढ़ें: TCS, HDFC: इन 8 दिग्गज कंपनियों ने निवेशकों को दिया शानदार डिविडेंड, चेक करें अमाउंट

बीयर सेगमेंट में भी बदलाव देखने को मिलेगा। हल्की बीयर के दाम करीब 10 प्रतिशत तक कम हो सकते हैं, जबकि स्ट्रॉन्ग बीयर 5 से 15 प्रतिशत तक महंगी हो सकती है। इससे हल्की बीयर की मांग बढ़ने की संभावना है।

Liquor Stocks के लिए क्यों अहम है कर्नाटक

कर्नाटक देश के सबसे बड़े शराब बाजारों में से एक है। यहां हर साल करीब 6.5 से 7 करोड़ केस की बिक्री होती है, जो पूरे IMFL बाजार का लगभग 15 प्रतिशत हिस्सा है। कई बड़ी कंपनियों की कुल बिक्री का 7 से 12 प्रतिशत हिस्सा इसी राज्य से आता है।

मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के अनुसार, नई टैक्स व्यवस्था के कारण सस्ती और प्रीमियम शराब के बीच कीमत का अंतर कम हो जाएगा। ऐसे में कंपनियों को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है। वे अल्कोहल की मात्रा कम कर सकती हैं या प्रोडक्ट में बदलाव कर सकती हैं ताकि कीमत को संतुलित रखा जा सके।

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Liquor Stocks: रिपोर्ट क्या कहती है

रिपोर्ट के अनुसार, नई आबकारी नीति शराब कंपनियों के लिए सकारात्मक मानी जा रही है। इससे प्रीमियम सेगमेंट को बढ़ावा मिलेगा और बाजार में बदलाव तेज हो सकता है। रिपोर्ट में रेडिको खेतान को इस सेक्टर में पसंदीदा कंपनी बताया गया है।

कंपनी टारगेट प्राइस (रुपये) सलाह
यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड (UNSP) 1,400 न्यूट्रल
रेडिको खेतान लिमिटेड (RDCK) 3,850 खरीदें
यूनाइटेड ब्रुअरीज लिमिटेड (UBBL) 1,650 न्यूट्रल

स्रोत: मोतीलाल ओसवाल

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - April 23, 2026 | 9:57 AM IST

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