कोटक महिंद्रा बैंक के मार्च तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे ऐसे समय आए हैं जब बैंकिंग सेक्टर में ब्याज दर, डिपॉजिट की लागत और क्रेडिट ग्रोथ जैसे कई अहम फैक्टर चर्चा में हैं। इस माहौल में बैंक ने अच्छा प्रदर्शन किया है और मुनाफा उम्मीद से बेहतर रहा है। खास बात यह रही कि एसेट क्वालिटी में सुधार और प्रोविजन में कमी की वजह से नतीजों में पॉजिटिव सरप्राइज देखने को मिला। हालांकि कोर इनकम के कुछ हिस्सों में कमजोरी और आगे मार्जिन पर दबाव की आशंका ने ब्रोकरेज हाउस को थोड़ा सतर्क भी किया है।
चौथी तिमाही में बैंक का स्टैंडअलोन मुनाफा करीब 40,000 करोड़ रुपये के आसपास रहा, जो सालाना आधार पर करीब 13% और तिमाही आधार पर करीब 17% बढ़ा है। यह बढ़त मुख्य रूप से प्रोविजन में तेज गिरावट की वजह से आई है। प्रोविजन में करीब 36% की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार हुआ है। स्लिपेज यानी नए बैड लोन की मात्रा में भी बड़ी कमी आई है, जो इस तिमाही का सबसे बड़ा पॉजिटिव फैक्टर रहा।
बैंक की एसेट क्वालिटी मजबूत होती दिख रही है। ग्रॉस एनपीए घटकर करीब 1.2% पर आ गया है, जबकि नेट एनपीए भी घटकर करीब 0.25% के आसपास रहा। स्लिपेज में भी तेज गिरावट आई है, जो करीब 37% तक कम हुआ है। इसका मतलब है कि नए बैड लोन कम बन रहे हैं, जो बैंक के लिए अच्छी खबर है। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, क्रेडिट कॉस्ट भी घटकर करीब 0.39% रह गया है, जो बैंक के गाइडेंस से भी बेहतर है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM में हल्का सुधार दिखा और यह करीब 4.67% तक पहुंचा, हालांकि एडजस्टेड आधार पर यह करीब 4.54% पर स्थिर रहा। लेकिन बैंक मैनेजमेंट ने संकेत दिया है कि FY27 के दूसरे हिस्से में NIM पर दबाव आ सकता है, क्योंकि डिपॉजिट की लागत बढ़ रही है। यानी आगे मार्जिन में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।
बैंक की ग्रोथ भी ठीक-ठाक रही है। लोन यानी एडवांस करीब 16% बढ़े हैं, जिसमें होम लोन, SME और कॉरपोरेट सेगमेंट का योगदान रहा है। डिपॉजिट भी करीब 15% बढ़े हैं और CASA रेशियो बढ़कर 43% के ऊपर पहुंच गया है, जो बैंक के लिए पॉजिटिव संकेत है।
एंटीक ब्रोकिंग के मुताबिक कोटक महिंद्रा बैंक का चौथी तिमाही का मुनाफा करीब 40,000 करोड़ रुपये रहा, जो उनके अनुमान से बेहतर है। इसकी मुख्य वजह प्रोविजन में कमी और एसेट क्वालिटी में सुधार रही। हालांकि कोर इनकम ठीक रही, लेकिन नॉन-कोर इनकम कमजोर रहने से कुल ऑपरेटिंग प्रदर्शन थोड़ा दबाव में रहा।
बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन करीब 4.54% के आसपास स्थिर रहा, लेकिन ब्रोकरेज का मानना है कि FY27 के दूसरे हिस्से में डिपॉजिट रेट बढ़ने से मार्जिन में गिरावट आ सकती है। सबसे बड़ी पॉजिटिव बात एसेट क्वालिटी में सुधार रही, जहां स्लिपेज घटकर 0.95% पर आ गया, जो पहले के मुकाबले काफी बेहतर है। बैंक का RoA करीब 1.9% और RoE करीब 11% रहा। एंटीक ने अपने अनुमान में हल्का बदलाव किया है और FY27-28 के लिए ग्रोथ को थोड़ा एडजस्ट किया है। इसके बावजूद उन्होंने ‘BUY’ रेटिंग बनाए रखी है और 470 रुपये का टारगेट दिया है।
मोतीलाल ओसवाल बैंक को लेकर सकारात्मक नजर आ रहे हैं। उनके मुताबिक एसेट क्वालिटी में सुधार, कम स्लिपेज और मजबूत ग्रोथ बैंक के लिए अच्छे संकेत हैं। उन्होंने ‘BUY’ रेटिंग के साथ 470 रुपये का टारगेट दिया है, जो मौजूदा कीमत से करीब 23% तक का अपसाइड दिखाता है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बैंक FY27 में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रख सकता है।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने थोड़ा संतुलित रुख अपनाया है। उनका कहना है कि मुनाफा जरूर बेहतर आया है, लेकिन यह मुख्य रूप से कम प्रोविजन की वजह से है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक को आगे अनसिक्योर्ड लोन सेगमेंट में ग्रोथ बढ़ानी होगी। साथ ही FY27 में NIM पर दबाव रह सकता है। इसी वजह से उन्होंने ‘HOLD’ रेटिंग रखते हुए 416 रुपये का टारगेट दिया है।
नतीजों के बावजूद कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर में कमजोरी देखने को मिली। ताजा अपडेट के मुताबिक शेयर करीब 372 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जिसमें करीब 2.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। यानी बाजार ने मुनाफा बढ़ने और एसेट क्वालिटी सुधार जैसे पॉजिटिव फैक्टर के बावजूद आगे मार्जिन पर दबाव और ग्रोथ को लेकर चिंता को ज्यादा अहमियत दी है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में बैंक इन चुनौतियों को कैसे संभालता है।
(डिस्क्लेमर: बिजनेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में कोटक समूह के नियंत्रण वाली इकाइयों की बहुलांश हिस्सेदारी है।)
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)