शराब और बीयर सेक्टर की बड़ी कंपनियों Radico Khaitan और United Breweries के मार्च तिमाही नतीजों के बाद बाजार में इन शेयरों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग, बेहतर मार्जिन और बदलती उपभोक्ता पसंद को इन कंपनियों के लिए बड़ा सहारा माना जा रहा है। हालांकि कच्चे माल की बढ़ती कीमतें, टैक्स नियमों में बदलाव और पश्चिम एशिया संकट जैसी चुनौतियां अभी भी चिंता बढ़ा रही हैं।
ICICI सिक्योरिटीज ने Radico Khaitan पर ADD रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस बढ़ाकर 3,700 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि पहले कंपनी की ग्रोथ काफी हद तक आंध्र प्रदेश में कारोबार सुधरने पर निर्भर थी, लेकिन अब कंपनी की कमाई में प्रीमियम शराब ब्रांड्स का योगदान तेजी से बढ़ रहा है। यही वजह है कि कंपनी अब सिर्फ एक राज्य की रिकवरी पर निर्भर नहीं दिख रही, बल्कि महंगे ब्रांड्स की बढ़ती मांग से कारोबार को मजबूती मिल रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के प्रीमियम और प्रेस्टिज ब्रांड्स की बिक्री मार्च तिमाही में करीब 28 प्रतिशत बढ़ी। हालांकि कुल IMFL वॉल्यूम ग्रोथ केवल 4 प्रतिशत रही, क्योंकि रेगुलर ब्रांड्स की बिक्री पर महाराष्ट्र और कर्नाटक की नई नीतियों का असर पड़ा।
ब्रोकरेज ने कहा कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और कच्चे माल की कम लागत की वजह से कंपनी का ग्रॉस मार्जिन बढ़कर 48 प्रतिशत पहुंच गया, जो पिछले कई तिमाहियों का सबसे ऊंचा स्तर है। EBITDA मार्जिन भी रिकॉर्ड 19 प्रतिशत तक पहुंच गया।
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट के मुताबिक Radico Khaitan का कर्ज तेजी से कम हुआ है। कंपनी का नेट डेट घटकर करीब 244 मिलियन रुपये रह गया है और मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 की पहली छमाही तक कंपनी पूरी तरह नेट डेट-फ्री हो सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि प्रीमियम ब्रांड्स की मजबूत मांग और बेहतर मार्जिन आने वाले समय में कंपनी के मुनाफे को और मजबूती दे सकते हैं।
कंपनी ने कहा है कि पश्चिम एशिया संकट और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद FY27 में मार्जिन सुधार की उम्मीद बनी हुई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कंपनी ने विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन पर खर्च को नियंत्रित रखा है, जिससे मुनाफे में मदद मिली। FY26 में कंपनी का राजस्व 25 प्रतिशत, EBITDA 52 प्रतिशत और एडजस्टेड प्रॉफिट 76 प्रतिशत बढ़ा।
United Breweries को लेकर ब्रोकरेज की राय थोड़ी अलग-अलग रही। ICICI सिक्योरिटीज ने कंपनी पर ADD रेटिंग बरकरार रखते हुए 1,500 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि लोग अब ज्यादा प्रीमियम और महंगी बीयर ब्रांड्स की तरफ बढ़ रहे हैं और United Breweries इस बढ़ती मांग का फायदा उठाने की अच्छी स्थिति में है। कंपनी अपने प्रीमियम ब्रांड्स बढ़ाने, बाजार में ज्यादा कूलर लगाने और कीमतों में बदलाव के जरिए कारोबार मजबूत करने पर काम कर रही है।
हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल बढ़ते खर्च और ज्यादा निवेश की वजह से कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा कर्नाटक में नई टैक्स व्यवस्था की वजह से कुछ बीयर ब्रांड्स महंगे हो सकते हैं, जिससे बिक्री पर असर पड़ने का खतरा भी बना हुआ है।
Nuvama Institutional Equities ने United Breweries पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस 1,845 रुपये दिया है। हालांकि कंपनी के मार्च तिमाही नतीजे कुछ कमजोर रहे। कंपनी की आय करीब 3 प्रतिशत घटी, जबकि बिक्री की मात्रा में 4 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। वहीं EBITDA में 25 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।
इसके बावजूद प्रीमियम बीयर सेगमेंट में कंपनी की बिक्री 16 प्रतिशत बढ़ी, जो बढ़ती प्रीमियम बीयर मांग का संकेत माना जा रहा है। ब्रोकरेज का मानना है कि El Niño प्रभाव और महाराष्ट्र व कर्नाटक जैसी बड़ी मार्केट्स में बेहतर नीतियों की वजह से आने वाले समय में बीयर की मांग मजबूत बनी रह सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि United Breweries को अपने मजबूत सप्लाई नेटवर्क और पर्याप्त सप्लाई उपलब्ध होने का फायदा मिल सकता है। हालांकि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध की वजह से कच्चे माल की लागत बढ़ रही है। साथ ही कीमतें बढ़ाने की मंजूरी मिलने में देरी भी कंपनी के मुनाफे पर दबाव डाल सकती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)