शुक्रवार को शेयर बाजार में शराब बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली। रेडिको खेतान, एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलरीज (ABDL), तिलकनगर इंडस्ट्रीज, यूनाइटेड स्पिरिट्स (USL), यूनाइटेड ब्रेवरीज (UBL) और ग्लोबस स्पिरिट्स जैसे शेयरों में 7 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इस दौरान जहां सेंसेक्स केवल करीब 0.42 प्रतिशत बढ़ा, वहीं इन कंपनियों के शेयरों ने बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया। ग्लोबस स्पिरिट्स सबसे ज्यादा 7 प्रतिशत चढ़कर 1,024.60 रुपये पर पहुंचा, जबकि रेडिको खेतान, ABDL और तिलकनगर इंडस्ट्रीज में करीब 6 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं, यूनाइटेड स्पिरिट्स और यूनाइटेड ब्रेवरीज के शेयर भी करीब 4 प्रतिशत ऊपर रहे।
इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण पर्नोड रिकार्ड के मजबूत तिमाही नतीजे हैं। कंपनी के अनुसार, उसका भारत कारोबार बाकी सभी देशों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। पर्नोड रिकार्ड ने बताया कि भारत में उसकी बिक्री सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि 9 महीने की आय में 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। खास बात यह है कि जहां अमेरिका और चीन जैसे बड़े बाजारों में गिरावट देखी जा रही है, वहीं भारत में मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। कंपनी का मानना है कि साल की दूसरी छमाही में यह मांग और तेज हो सकती है।
पर्नोड रिकार्ड ने यह भी बताया कि भारत में प्रीमियम शराब की मांग तेजी से बढ़ रही है। जेम्सन, एब्सोल्यूट और स्कॉच जैसे महंगे ब्रांड्स की बिक्री में दो अंकों की बढ़त देखी गई है। साथ ही, ब्लेंडर्स प्राइड जैसे घरेलू ब्रांड्स भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। कंपनी ने हाल ही में “Xclamat!on” नाम से नई रेंज भी लॉन्च की है, जिससे पोर्टफोलियो में और मजबूती आई है। इस ट्रेंड को देखते हुए यह साफ है कि भारत में ग्राहक अब महंगे और बेहतर ब्रांड्स की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं।
ICICI सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि पर्नोड रिकार्ड की भारत में मजबूत ग्रोथ से पूरे सेक्टर को सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। उनके अनुसार, प्रीमियम सेगमेंट में बढ़ती मांग रेडिको खेतान और ABDL जैसी कंपनियों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, क्योंकि ये कंपनियां भी अपने प्रेस्टिज और उससे ऊपर वाले प्रोडक्ट्स पर फोकस कर रही हैं। ICICI सिक्योरिटीज का मानना है कि इससे इन कंपनियों की कमाई और मुनाफे में आने वाले तिमाहियों में अच्छी बढ़त देखने को मिल सकती है।
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वहीं, JM फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि हालांकि मांग अभी मजबूत बनी हुई है, लेकिन आने वाले समय में कुछ चुनौतियां सामने आ सकती हैं। पैकेजिंग सामग्री जैसे कांच और प्लास्टिक की कीमत बढ़ने से कंपनियों के मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, वैश्विक तनाव के कारण ग्राहकों के खर्च में कमी भी आ सकती है। इसी वजह से JM फाइनेंशियल ने ABDL, यूनाइटेड ब्रेवरीज और यूनाइटेड स्पिरिट्स के लिए FY27 और FY28 की कमाई के अनुमान में 1 से 4 प्रतिशत तक की कटौती की है और टारगेट कीमतों को भी 6 से 13 प्रतिशत तक घटाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अब निवेशकों की नजर कंपनियों की मांग की स्थिति, कीमत बढ़ाने की रणनीति और मुनाफे के मार्जिन पर रहेगी। अगर कंपनियां बढ़ती लागत को संभाल पाती हैं और प्रीमियम सेगमेंट में ग्रोथ जारी रहती है, तो इस सेक्टर में आगे भी तेजी बनी रह सकती है। कुल मिलाकर, भारत में शराब कंपनियों के लिए मांग मजबूत है, लेकिन आगे की दिशा तय करने में लागत और वैश्विक हालात अहम भूमिका निभाएंगे।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)