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गिफ्ट सिटी में कंपनियों की लिस्टिंग साल के अंत तक

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नियामक आरटीजीएस की तर्ज पर अपने स्वयं के पेमेंट सिस्टम संबं​​धित विनियमन पेश करने की योजना बना रहा है।

Last Updated- September 06, 2023 | 11:31 PM IST
Gift City looking for new 'gift'

इंटरनैशनल फाइनैं​शियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी (आईएफएससीए) ने आईएफएससीए एक्सचेंजों में वर्ष के अंत तक कंपनियों की प्रत्यक्ष सूचीबद्धता के लिए रूपरेखा तैयार करने की योजना बनाई है। आईएफएससीए चेयरमैन के राजारमन ने कहा है कि इस संबंध में जरूरी संशोधनों को तीन महीने के अंदर अ​धिसूचित कर दिया जाएगा।

इसके अलावा, गिफ्ट सिटी नियामक कुछ महीनों में बैंकिंग के लिए आरटीजीएस के समान अलग से पेमेंट सिस्टम विनियमन की पेशकश पर भी विचार कर रहा है। आईएफएससीए प्रमुख ने कहा है कि इससे इंस्टैंट सेटलमेंट और रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट आसान होगा। आईएफएससी एक्सचेंजों पर कंपनियों की सूचीबद्धता के लिए समय-सीमा के बारे में राजारमन ने कहा कि वित्त मंत्रालय से जरूरी सूचनाएं प्रक्रियाधीन हैं।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने घोषणा की थी कि सरकार सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों और स्टार्टअप, दोनों को आईएफएससी के अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध होने की अनुमति देने की योजना बना रही है। हालांकि उन्होंने इसके लिए किसी समय-सीमा का जिक्र नहीं किया था।

उन्होंने कहा, ‘हमने पहले ही इस संबंध में एक कामकाजी समूह बनाया है, जो सेबी और आरबीआई जैसे अन्य नियामकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। हमारा मानना है कि जरूरी प्रक्रियाओं और संशोधनों को अगले तीन महीनों तक पूरा कर लिया जाना चाहिए। हम इस साल के अंत तक सभी निर्णय लेने में सक्षम होंगे।’

25 अगस्त को जारी एक परामर्श पत्र में आरबीआई के पूर्व कार्यकारी निदेशक जी पदमनाभन की अध्यक्षता वाली विशेषज्ञ समिति ने गिफ्ट सिटी में घरेलू स्टार्टअप सूचीबद्धता को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा सूचीबद्धता ढांचे में कई बदलावों का प्रस्ताव रखा और हो​ल्डिंग कंपनियों (होल्डको) तथा विशेष उद्देश्य वाली इकाइयां बनाने के उपाय सुझाए थे।

बुधवार को ग्लाबल फिनटेक फेस्ट में बोलते हुए आईएफएससीए के चेयरमैन ने इसकी भी जानकारी दी कि नियामक आरटीजीएस की तर्ज पर अपने स्वयं के पेमेंट सिस्टम संबं​​धित विनियमन पेश करने की योजना बना रहा है। राजारमन ने कहा, ‘हम जल्द ही पेमेंट सिस्टम संबं​धित नियम पेश करने जा रहे हैं।

शायद अगले कुछ महीनों में इनकी पेशकश की जा सकती है। इससे इकाइयों को त्वरित भुगतान निपटान सुनि​श्चित करने में मदद मिलेगी।’गिफ्ट सिटी नियामक कीमती धातु ट्रेडिंग सेगमेंट का दायरा बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहा है। नियामक ने चांदी और अन्य धातुओं की ट्रेडिंग की भी योजना बनाई है।

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First Published - September 6, 2023 | 11:20 PM IST

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