facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारी बिकवाली से टूटा बाजार

Advertisement

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख की चिंता में एफपीआई का बिकवाली पर जोर

Last Updated- December 17, 2024 | 10:41 PM IST
Stock Market Today

अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नीतिगत ब्याज दर का फैसला आने से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के कारण चौतरफा बिकवाली होने से भारतीय बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट रही। व्यापार घाटा बढ़ने की चिंता में रुपया नए निचले स्तर तक लुढ़क गया।

वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुख के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) द्वारा की गई भारी बिकवाली के कारण बेंचमार्क सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी में 28 नवंबर के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,064 अंक यानी 1.3 फीसदी गिरावट के साथ 80,684 पर बंद हुआ। निफ्टी50 भी 332 अंक यानी 1.35 फीसदी गिरावट के साथ 24,336 पर बंद हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 4.9 लाख करोड़ रुपये घटकर 455 लाख करोड़ रुपये रह गया।

एफपीआई ने आज 6,410 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की जो 28 नवंबर के बाद सबसे अधिक है। व्यापार घाटा बढ़ने की चिंता से एफपीआई की बिकवाली को बल मिला। सोने के आयात में उछाल और निर्यात में गिरावट के कारण नवंबर में व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। नवंबर में वस्तु व्यापार घाटा 37.84 अरब डॉलर रहा, जबकि अक्टूबर में यह आंकड़ा 27.14 अरब डॉलर रहा था।

व्यापार घाटा बढ़ने से भारत का चालू खाता का घाटा बढ़ने की आशंका है। इसी चिंता में रुपया आज डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर तक लुढ़क गया। रुपया आज दिन भर के कारोबार के बाद डॉलर के मुकाबले 84.90 पर बंद हुआ।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति संबंधी चिंता के कारण निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए बाजार से कुछ रकम निकाल ली। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व बेंचमार्क दरों में 25 आधार अंकों की कटौती करेगा। मगर अगले साल दरों में कटौती के बारे में अनिश्चितता बरकरार है क्योंकि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की नीतियों से मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका है।

इसके अलावा, फंड मैनेजरों द्वारा अमेरिकी इक्विटी को भुनाने के लिए अन्य शेयरों में बिकवाली करने की चिंता भी दिख रही है। बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) ने कहा कि दिसंबर में कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों के प्रतिशत में नकदी घटकर 3.9 फीसदी रह गई। यह एक ऐसा कदम है जिसके बाद वैश्विक इक्विटी में आम तौर पर बिकवाली होती है।

अवेंडस कैपिटल पब्लिक मार्केट्स अल्टरनेट स्ट्रैटजीज के सीईओ एंड्रयू हॉलैंड ने कहा, ‘अब कोई ऐसी बात नहीं दिख रही है जिससे सूचकांक को रफ्तार मिल सके। इसलिए आगे खास शेयरों में ही तेजी आने की संभावना है। बाजार में ट्रंप की नीतियों के बारे में चिंताओं का प्रभाव पहले ही दिख चुका है। अगर कोई बड़ी सकारात्मक खबर नहीं आई तो भारतीय बाजार की धारणा में फिलहाल कोई खास बदलाव होने के आसार नहीं हैं।’

भारतीय शेयर बाजार में आज 2,502 शेयरों में गिरावट आई, जबकि 1,521 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। सेंसेक्स में शामिल सभी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एचडीएफसी बैंक में 1.7 फीसदी और रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.8 फीसदी की गिरावट रही। सेंसेक्स की गिरावट में इन दो प्रमुख शेयरों का सबसे अधिक हाथ रहा।

Advertisement
First Published - December 17, 2024 | 10:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement