MCap: शेयर बाजार में पिछले हफ्ते हल्की बढ़त देखने को मिली, लेकिन उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा। छुट्टियों की वजह से छोटा रहा यह कारोबारी हफ्ता निवेशकों के लिए मिला-जुला रहा। इस दौरान देश की टॉप 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार कंपनियों के कुल मार्केट कैप में करीब 2.20 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। इनमें सबसे ज्यादा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ।
अगर बाजार के प्रमुख सूचकांक की बात करें, तो बीएसई का सेंसेक्स पिछले हफ्ते 249.29 अंक यानी करीब 0.32 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। यह बढ़त भले ही बहुत बड़ी नहीं है, लेकिन बाजार ने गिरावट से बचते हुए हफ्ते का अंत सकारात्मक नोट पर किया।
विशेषज्ञों का कहना है कि पूरे हफ्ते बाजार में अस्थिरता बनी रही। कभी ग्लोबल संकेतों का असर दिखा तो कभी घरेलू फैक्टर्स ने दिशा तय की। इसी वजह से बाजार एक सीमित दायरे में ही घूमता रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली, जिससे कंपनी के मार्केट कैप में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ और यह इस हफ्ते की सबसे बड़ी गेनर बनकर उभरी।
रिलायंस के अलावा अन्य तीन कंपनियों के मार्केट वैल्यू में भी बढ़त दर्ज की गई, जिससे कुल मिलाकर इन चार कंपनियों का मूल्यांकन काफी मजबूत हुआ। हालांकि बाकी कंपनियों में उतार-चढ़ाव का असर देखा गया।
Religare Broking के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा के मुताबिक, बाजार ने हफ्ते का अंत मामूली बढ़त के साथ किया, लेकिन पूरे समय ट्रेडिंग काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। उनका कहना है कि वैश्विक और घरेलू दोनों तरह के संकेत साफ नहीं थे, जिसके चलते निवेशक भी सतर्क नजर आए।
सबसे ज्यादा फायदा उठाने वाली कंपनियों में Reliance Industries सबसे आगे रही। कंपनी के बाजार पूंजीकरण में करीब 1.39 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ, जिसके बाद इसकी कुल वैल्यू 19.36 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। इसके साथ ही रिलायंस देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही।
टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज Bharti Airtel ने भी मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी की वैल्यूएशन में 43,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई और इसका कुल बाजार पूंजीकरण 11.49 लाख करोड़ रुपये हो गया।
आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनी Tata Consultancy Services यानी टीसीएस के मार्केट कैप में भी लगभग 27,500 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसके बाद कंपनी की कुल वैल्यू 8.94 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं फाइनेंशियल सेक्टर की Bajaj Finance ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए करीब 9,400 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की और इसकी वैल्यू 5.83 लाख करोड़ रुपये हो गई।
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दूसरी ओर, कई बड़ी कंपनियों को इस दौरान नुकसान झेलना पड़ा। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक HDFC Bank के बाजार पूंजीकरण में लगभग 20,950 करोड़ रुपये की गिरावट आई, जिससे इसकी वैल्यू घटकर 11.87 लाख करोड़ रुपये रह गई।
इसी तरह State Bank of India को भी बड़ा झटका लगा। एसबीआई की वैल्यू करीब 30,900 करोड़ रुपये कम होकर 9.85 लाख करोड़ रुपये पर आ गई। वहीं ICICI Bank का मार्केट कैप सबसे ज्यादा घटा और इसमें करीब 45,300 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद बैंक की वैल्यू 9.04 लाख करोड़ रुपये रह गई।
एफएमसीजी सेक्टर की दिग्गज Hindustan Unilever की वैल्यू में भी करीब 18,400 करोड़ रुपये की कमी आई। वहीं Life Insurance Corporation of India यानी एलआईसी का बाजार पूंजीकरण करीब 8,200 करोड़ रुपये घट गया।
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इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की कंपनी Larsen & Toubro में भी हल्की गिरावट देखने को मिली और इसकी वैल्यू करीब 178 करोड़ रुपये कम हो गई।
अगर कुल मिलाकर देखा जाए तो गिरावट झेलने वाली छह बड़ी कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण करीब 1.24 लाख करोड़ रुपये घट गया। इससे साफ है कि बाजार में एक तरफ जहां कुछ सेक्टर में मजबूती बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टर दबाव में नजर आ रहे हैं।
रैंकिंग की बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एलआईसी का स्थान रहा।