facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Market crash: मिड और स्मॉलकैप के दो-तिहाई शेयर 20% से ज्यादा टूटे, एक्सपर्ट्स बता रहे हैं आगे की ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी 

Advertisement

फ्यूज़न माइक्रो फाइनेंस, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल और जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर अपने 52-वीक हाई से सबसे ज्यादा गिरे हैं और इनकी बाजार वैल्यू 70% से अधिक घट गई है।

Last Updated- November 18, 2024 | 10:36 PM IST
Investors please pay attention! AMFI changed the limit of large, mid cap and small cap stocks, see full list इन्वेस्टर कृपया ध्यान दें! AMFI ने बदली लार्ज, मिड कैप और स्मॉल कैप स्टॉक्स की लिमिट, देखें पूरी लिस्ट

Market crash: शेयर बाजार में जारी गिरावट के बीच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मिड और स्मॉलकैप बास्केट में शामिल दो-तिहाई से ज्यादा शेयर मंदी में है। तकनीकी भाषा में कहे तो ये शेयर बियर टेरिटरी (यानी की 20 प्रतिशत या अधिक की गिरावट) में आ गए हैं।

इन दोनों कैटेगरी (मिड और स्मॉल-कैप बास्केट) में शामिल करीब 1,020 शेयरों में से 692 शेयर (यानी 67 प्रतिशत) ने अपने 52-वीक हाई (एक साल के उच्चतम स्तर) से 20 प्रतिशत या उससे अधिक की गिरावट दर्ज की है।

इनमें से अधिकांश – 1,020 में से 936 स्टॉक्स – ने कैलेंडर वर्ष 2024 (CY24) में पहले अपने 52-वीक हाई को छुआ था। यह जानकारी ACE Equity डेटा से मिली है।

विश्लेषकों ने कहा कि बाजारों में यह गिरावट, विशेषकर मिड और स्मॉलकैप शेयरों में, उन क्षेत्रों में ठहराव का संकेत देती है, जहां पहले निवेशकों की मजबूत रुचि देखी गई थी। इसके पीछे बाजारों में जल्द रिकवरी को लेकर भरोसे की कमी एक बड़ी वजह है।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गौरांग शाह के मुताबिक, इन सेगमेंट में हाई लेवल से गिरावट उच्च मूल्यांकन के अलावा कमाई में निराशा का भी कारण है। उन्होंने कहा कि हालांकि मिडकैप शेयर अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में हैं। शाह को छोटे और माइक्रोकैप शेयरों के लिए आगे और अधिक परेशानी नजर आ रही है।

शाह ने कहा, “छोटे और माइक्रोकैप शेयरों में अभी और बिकवाली का दबाव देखा जा सकता है। क्योंकि सितंबर तिमाही में इन शेयरों की कमाई बहुत खराब रही है। मिडकैप में भी स्टॉक-विशिष्ट होने की आवश्यकता है। बैंकिंग, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs), माइक्रोफाइनेंस, सीमेंट और मेटल में कुछ मिडकैप स्टॉक्स बिकवाली के दबाव के बावजूद अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।”

फ्यूज़न माइक्रो फाइनेंस, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल और जीवीके पावर एंड इंफ्रास्ट्रक्चर अपने 52-वीक हाई से सबसे ज्यादा गिरे हैं और इनकी बाजार वैल्यू 70 प्रतिशत से अधिक घट गई है। इसके अलावा, ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज, सन फार्मा एडवांस्ड रिसर्च कंपनी (SPARC), इंडिया पेस्टिसाइड्स, डिश टीवी इंडिया, MTNL और चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन जैसे प्रमुख स्टॉक्स 52-वीक हाई से 54 प्रतिशत से 69 प्रतिशत तक गिर गए हैं।

विश्लेषकों का सुझाव है कि वृहद परिप्रेक्ष्य से देखें तो, व्यापक बाजार भावना अब भी सतर्क है। इसका कारण वैश्विक अनिश्चितताएं, ब्याज दरों में संभावित बदलाव, उभरते घरेलू कारकों, विशेष रूप से कंपनियों की कमाई, स्थायी महंगाई और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में जारी तेज गिरावट है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के फाउंडर और रिसर्च हेड जी चोकालिंगम के मुताबिक, मिड और स्मॉलकैप सेगमेंट में रिकवरी धीमी होगी, और चेतावनी दी है कि धीरे-धीरे तेजी शुरू होने से पहले इसमें और अधिक गिरावट आ सकती है।

उनका सुझाव है कि उच्च जोखिम लेने की इच्छा रखने वाले निवेशक निचले स्तर पर इन सेगमेंट के शेयरों को खरीदना शुरू कर सकते हैं, और केवल उन्हीं कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जहां मजबूत बुनियादी सिद्धांतों के बावजूद गिरावट तेज रही है।

उन्होंने कहा, “यह जोखिम लेने लायक है और धीरे-धीरे उच्च गुणवत्ता वाले स्मॉल और मिडकैप स्टॉक्स में निवेश बढ़ाया जा सकता है, क्योंकि इन दोनों सेगमेंट में कई गुणवत्ता वाले स्टॉक्स ने पिछले कुछ हफ्तों में काफी गिरावट दर्ज की है। हमारी रिसर्च रणनीति उच्च गुणवत्ता वाले स्मॉल और मिडकैप स्टॉक्स को जमा करने और 1-2 वर्षों तक निवेशित रहने की है, जिससे संभावित रिटर्न हासिल हो सकता है।”

Advertisement
First Published - November 18, 2024 | 3:05 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement