facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Market Outlook : ग्लोबल रुख, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों से तय होगी शेयर बाजार की दिशा – विश्लेषक

Advertisement

पिछले सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,658.15 अंक या 2.37 प्रतिशत के लाभ में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 487.25 अंक या 2.32 प्रतिशत चढ़ गया।

Last Updated- December 17, 2023 | 11:36 AM IST
एशियाई बाजारों में नरमी, जानें कैसी होगी आज भारतीय शेयर बाजार की चाल, GIFT Nifty in red amid weakness among Asian indices

Market Outlook : घरेलू मोर्चे पर किसी प्रमुख घटनाक्रम के अभाव में आगामी सप्ताह शेयर बाजारों की दिशा ग्लोबल रुझान और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की गतिविधियों से तय होगी। विश्लेषकों ने यह राय जताई है। उन्होंने कहा कि ऊंचे मूल्यांकन की वजह से निकट अवधि में बाजार में कुछ ‘गिरावट’ आ सकती है।

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘पिछला सप्ताह मुख्य रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत घटनाक्रम से प्रभावित था। अब सभी का ध्यान बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसले पर है, जिसकी घोषणा 19 दिसंबर को होगी।’’ मीणा ने कहा कि इसके अलावा कच्चे तेल के दाम और अमेरिका, चीन के वृहद आर्थिक आंकड़े बाजार की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहेंगे।

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा कि तकनीकी रूप से अत्यधिक खरीद की स्थितियों के कारण निकट अवधि में बाजार नीचे आ सकता है। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाजार के लिए निकट अवधि का दृष्टिकोण तेजड़ियों के पक्ष में बना हुआ है।

विश्लेषकों ने कहा कि सकारात्मक खबरों… मसलन सितंबर तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की 7.6 प्रतिशत की वृद्धि दर, विनिर्माण पीएमआई के बढ़कर 56 तक पहुंचने, ब्रेंट कच्चे तेल के दाम घटकर 76 डॉलर प्रति बैरल तक आने और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लिवाली से बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे हैं।

Also read: सेंसेक्स की टॉप 10 में से 9 कंपनियों का MCap 2.26 लाख करोड़ रुपये चढ़ा

पिछले सप्ताह BSE का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,658.15 अंक या 2.37 प्रतिशत के लाभ में रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 487.25 अंक या 2.32 प्रतिशत चढ़ गया। शुक्रवार को सेंसेक्स 969.55 अंक या 1.37 प्रतिशत उछलकर 71,483.75 के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर बंद हुआ।

दिन में कारोबार के दौरान यह 1,091.56 अंक या 1.54 प्रतिशत बढ़कर 71,605.76 अंक के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंच गया था। शुक्रवार को सेंसेक्स पहली बार 71,000 अंक के पार बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 273.95 अंक या 1.29 प्रतिशत चढ़कर 21,456.65 के अपने नए शिखर पर बंद हुआ। दिन में कारोबार के दौरान यह 309.6 अंक या 1.46 प्रतिशत बढ़कर 21,492.30 के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर को छू गया।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘घरेलू और वैश्विक दोनों मोर्चों से सकारात्मक संकेतकों के कारण बाजार नई ऊंचाई पर पहुंच गया। मजबूत घरेलू औद्योगिक उत्पादन और विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों के साथ सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पर रिजर्व बैंक की सकारात्मक टिप्पणी की वजह से बाजार ऊंचाई पर पहुंचा।’’

नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका में बॉन्ड पर प्रतिफल घटने और फेडरल रिजर्व द्वारा 2024 में नीतिगत दर में कई बार कटौती करने के संकेतों से बाजार को बढ़ावा मिला है।’’ उन्होंने कहा कि ऊंचे मूल्यांकन और अल नीनो को लेकर चिंता की वजह से निकट अवधि में बाजार में कुछ ‘गिरावट’ आ सकती है।

Advertisement
First Published - December 17, 2023 | 11:36 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement