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Market Outlook: ईरान-अमेरिका तनाव से बाजार में हलचल, कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी निवेश की दिशा

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Market Outlook: भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेश और तिमाही नतीजे इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे।

Last Updated- May 10, 2026 | 3:51 PM IST
Stock Market
Representative image

Market Outlook: इस सप्ताह शेयर बाजारों के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बने रहने की संभावना है। खासकर अमेरिका और ईरान से जुड़ी मौजूदा स्थिति पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाक्रमों का सीधा असर बाजार की चाल पर दिखाई दे सकता है।

ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें इस समय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक बनी हुई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कच्चे तेल का भाव 90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से नीचे स्थिर रहता है या भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेत मिलते हैं, तो बाजार में रिकवरी रैली देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि तनाव लंबे समय तक बना रहता है या हालात और बिगड़ते हैं, तो बाजार में दबाव और अस्थिरता बढ़ सकती है।

रुपया-डॉलर और विदेशी निवेशकों की भूमिका

इसके अलावा रुपये और डॉलर की विनिमय दर तथा विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधियां भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। विदेशी निवेशकों के रुझान में बदलाव से घरेलू बाजार पर तेजी या गिरावट दोनों तरह का असर पड़ सकता है।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, इस सप्ताह बाजार मुख्य रूप से भू-राजनीतिक खबरों से प्रभावित रह सकता है और इसमें तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि निवेशकों की नजरें अमेरिका-ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर बनी रहेंगी, जो बाजार की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकते हैं।

भारतीय शेयर बाजार आने वाले सप्ताह में वैश्विक और घरेलू आर्थिक संकेतकों से प्रभावित रह सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई के आंकड़ों और कॉर्पोरेट नतीजों की घोषणाएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी नजर

इस सप्ताह भारत के अप्रैल महीने के खुदरा महंगाई (CPI) आंकड़े जारी किए जाएंगे, जिस पर निवेशकों की खास नजर होगी। यह डेटा भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के भविष्य के रुख को लेकर संकेत दे सकता है। इसके साथ ही अमेरिका के अप्रैल CPI और PPI आंकड़े भी वैश्विक बाजारों की धारणा को प्रभावित करेंगे।

कंपनियों के तिमाही नतीजे तय करेंगे रुझान

इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करने जा रही हैं। इनमें Canara Bank, Tata Power Company, Bharti Airtel, DLF, Hindustan Petroleum Corporation Ltd और JSW Steel शामिल हैं। इन कंपनियों के प्रदर्शन से संबंधित सेक्टरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Siddhartha Khemka, जो Motilal Oswal Financial Services Ltd में हेड ऑफ रिसर्च, वेल्थ मैनेजमेंट हैं, के अनुसार भारतीय बाजार फिलहाल वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के प्रति संवेदनशील बना रहेगा। उनके मुताबिक बाजार एक व्यापक दायरे में कारोबार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत की महंगाई दर के आंकड़े और अमेरिका के आर्थिक डेटा से यह तय होगा कि वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों को लेकर क्या रुख बनता है। इसका असर बॉन्ड यील्ड और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी पड़ेगा।

पिछले सप्ताह बाजार का प्रदर्शन

पिछले सप्ताह घरेलू शेयर बाजार में मजबूती देखने को मिली। BSE Sensex में 414.69 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं NSE Nifty भी 178.6 अंक यानी 0.74 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ।

भारतीय इक्विटी बाजार इस सप्ताह भी अस्थिर और सीमित दायरे में कारोबार करते नजर आए। बाजार की धारणा लगातार सतर्क बनी रही, हालांकि बीच-बीच में रिकवरी की कोशिशें भी देखने को मिलीं। शुरुआती दौर में मध्य पूर्व में तनाव कम होने और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी की उम्मीद से बाजार में थोड़ी सकारात्मकता आई थी, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव ने इस रफ्तार को कमजोर कर दिया।

विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता को बनाए रखा है। एनरिच मनी के पॉन्मुडी का कहना है कि शुरुआती तेजी के बाद बाजार पर फिर से अनिश्चितता हावी हो गई, जिससे निवेशक सतर्क हो गए।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से लगातार निकासी जारी रखी है। इस महीने अब तक उन्होंने करीब 14,231 करोड़ रुपये की इक्विटी निकाली है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच यह रुझान बाजार पर दबाव बढ़ा रहा है।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीना के अनुसार, आने वाले समय में बाजार की दिशा कई अहम कारकों से तय होगी। इनमें भू-राजनीतिक स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें और रुपये की चाल प्रमुख रहेंगे। इसके अलावा विदेशी निवेशकों का रुख भी बड़े शेयरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि बाजार अब कॉरपोरेट नतीजों के अंतिम चरण में प्रवेश कर रहा है। चौथी तिमाही के आय परिणाम स्टॉक और सेक्टर आधारित गतिविधियों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर आने वाले नतीजों पर टिकी रहेगी।

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First Published - May 10, 2026 | 3:51 PM IST

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