facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Market Outlook: इस हफ्ते बाजार में रुझान तय करेंगे मैक्रो डेटा और FII ट्रेडिंग

Advertisement

Market Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार की दिशा विदेशी निवेश, घरेलू और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और कंपनी आय रिपोर्टों पर निर्भर करेगी।

Last Updated- January 04, 2026 | 12:33 PM IST
Stock MArket today
Representative Image

Market Outlook: इस हफ्ते शेयर बाजार में निवेशकों की निगाहें घरेलू और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी रहेंगी। विश्लेषकों के अनुसार, विदेशी निवेशकों (FII) की ट्रेडिंग और प्रमुख मैक्रोइकॉनॉमिक डेटा बाजार की दिशा तय करेंगे।

पिछले हफ्ते घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की लगातार निवेश प्रवाह से बाजार में तेजी देखने को मिली। बीएसई सेंसेक्स में 720 अंक (0.84%) और एनएसई निफ्टी में 286 अंक (1.09%) की बढ़त दर्ज हुई, वहीं निफ्टी ने शुक्रवार को अपने उच्चतम स्तर 26,340 को छू लिया।

विश्लेषक अजित मिश्रा ने बताया कि इस हफ्ते डेटा भारी रहेगा। भारत में निवेशक HSBC सर्विसेज और कॉम्पोजिट पीएमआई के अंतिम आंकड़ों पर नजर बनाए रखेंगे। वहीं, वैश्विक स्तर पर अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और चीन से आने वाली रिपोर्टें विकास, मांग और महंगाई के रुझानों का संकेत देंगी।

Ponmudi R, CEO, Enrich Money ने कहा कि बाजार का ध्यान अब Q3 की कंपनी आय रिपोर्टों की ओर जाएगा। निवेशक प्रमुख कंपनियों के नतीजों से पहले सावधानीपूर्वक पोजिशन बना सकते हैं। घरेलू पीएमआई आंकड़े व्यापार की गति और रोजगार के रुझानों पर भी जानकारी देंगे।

सेंसेक्स ने 2025 में दर्ज की 10वीं लगातार बढ़त, साल भर 9.1% की तेजी

बीएसई का प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स ने 2025 का साल 85,221 अंक पर समाप्त किया, जो सालभर में 7,082 अंक या 9.1% की बढ़त को दर्शाता है। इस साल के साथ ही सेंसेक्स ने लगातार 10वां कैलेंडर वर्ष लाभ में बंद किया, पिछले एक दशक में कुल मिलाकर 226% की जोरदार तेजी दर्ज की गई है।

साल 2025 में सेंसेक्स ने अपना इतिहासिक उच्च स्तर 86,159 अंक भी छुआ। साल के निचले स्तर 71,425 अंकों से तुलना करें तो यह सालाना तेजी 20.6% रही। हालांकि, इस साल का ऊँच-नीच और कुल वार्षिक वृद्धि पिछले 10 साल के औसत से कम रही है। पिछले दशक में औसतन सालाना उतार-चढ़ाव 31.4% और वार्षिक बढ़त 12.8% रही है।

वर्तमान स्तर पर सेंसेक्स 100,000 अंक के आंकड़े से 14,779 अंक या 17.3% पीछे है। इतिहास पर नजर डालें तो पिछले 10 साल में तीन सालों में सेंसेक्स ने 18.7% से ज्यादा की तेजी और पांच सालों में 14% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है।

क्या Sensex 2026 में 1,00,000 के पार जा सकता है? विशेषज्ञों की राय

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर भारतीय अर्थव्यवस्था में सकारात्मक रुझान और कॉरपोरेट कमाई में बढ़ोतरी बनी रहती है, तो Sensex 2026 में 1,00,000 के करीब पहुंच सकता है।

Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ़ इक्विटी स्ट्रैटेजी, क्रिस्टोफर वुड के मुताबिक, 2025 का प्रदर्शन लगभग 10-15% रिटर्न की उम्मीद के अनुरूप रहा। अगर आने वाले समय में कमाई में सुधार होता है, तो Sensex अगले 10-15% की तेजी दिखा सकता है, जिससे यह उनके लंबे समय के लक्ष्य 1,00,000 के करीब पहुंच जाएगा।

Morgan Stanley के विश्लेषकों ने बुल-कैस (उत्साही स्थिति) में Sensex को दिसंबर 2026 तक 1,07,000 के स्तर तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। वहीं उनकी बेस-कैस (सामान्य स्थिति) संभावना 95,000 के स्तर पर है, जिसमें 50% संभावना जुड़ी है।

Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट, डॉ. वीके विजयकुमार का कहना है कि अगर AI ट्रेड कमजोर होता है और भारत में कमाई में स्थिर वृद्धि होती है, तो Sensex 2026 में 1,00,000 के पार जा सकता है। उनका मानना है कि इन दो कारकों से विदेशी निवेशकों का रुझान बढ़ सकता है और रुपया मजबूत होगा।

विजयकुमार के अनुसार, “भारतीय अर्थव्यवस्था वर्तमान में गोल्डीलॉक्स ज़ोन में है। यहाँ आर्थिक विकास मजबूत है, वित्तीय अनुशासन है और मुद्रास्फीति कम है। 2026 के बजट में और सुधारों से अर्थव्यवस्था की गति और कॉरपोरेट कमाई में सुधार संभव है। कमाई में बढ़ोतरी Q3FY26 से देखने को मिल सकती है।”

Advertisement
First Published - January 4, 2026 | 11:27 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement