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Market Outlook: पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और महंगे कच्चे तेल का असर, इस हफ्ते शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के आसार

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Market Outlook: पश्चिम एशिया तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच बाजार में अगले सप्ताह उतार-चढ़ाव और सतर्कता बनी रह सकती है।

Last Updated- March 22, 2026 | 2:43 PM IST
stock market
Representative Image

Market Outlook: आने वाले सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा पर कई अहम वैश्विक और घरेलू कारकों का असर देखने को मिल सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में हो रहे उतार-चढ़ाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित करते रहेंगे। यही वजह है कि बाजार में सतर्कता का माहौल बना रह सकता है।

यह सप्ताह छुट्टियों के कारण छोटा रहने वाला है, क्योंकि गुरुवार को श्री राम नवमी के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेगा। ऐसे में सीमित कारोबारी दिनों में ही बाजार की चाल तय होगी, जिससे उतार-चढ़ाव की संभावना भी बढ़ सकती है।

अजीत मिश्रा के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता के बीच यह सप्ताह आंकड़ों के लिहाज से काफी अहम रहेगा। उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव बाजार के लिए प्रमुख बाहरी कारक बने रहेंगे और यही निकट अवधि के ट्रेंड को तय करेंगे।

उन्होंने आगे कहा कि यदि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आती है तो इसका असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ेगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बन सकता है।

भारतीय शेयर बाजार में इस महीने विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी है। अब तक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक करीब 88,180 करोड़ रुपये निकाल चुके हैं। बाजार से इस बड़ी निकासी के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को मुख्य वजह माना जा रहा है।

Ponmudi R के मुताबिक, आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है और यह पूरी तरह घटनाओं पर निर्भर रहेगा। उन्होंने कहा कि खासतौर पर मध्य पूर्व की स्थिति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास के हालात पर बाजार की दिशा तय होगी। अगर वहां तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रह सकती हैं। इससे महंगाई और चालू खाते का दबाव बढ़ेगा और निवेशकों का रुख जोखिम से दूर रहने वाला हो सकता है।

उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों को विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, रुपये की चाल और वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए। अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार का माहौल भी अहम रहेगा। अगर तनाव कम होता है या कच्चे तेल की कीमतें गिरती हैं, तो बाजार में राहत देखने को मिल सकती है। वहीं, हालात बिगड़ने पर बाजार में और गिरावट आ सकती है।

पिछले हफ्ते भी शेयर बाजार में हल्की कमजोरी देखने को मिली थी। बीएसई सेंसेक्स करीब 31 अंक गिरा, जबकि एनएसई निफ्टी में लगभग 37 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और निवेशक सावधानी बरत रहे हैं।

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First Published - March 22, 2026 | 2:43 PM IST

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