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Metal Stocks धड़ाम, निफ्टी मेटल इंडेक्स में 6.56% की गिरावट

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अमेरिका द्वारा स्टील और एल्युमीनियम पर 25% टैरिफ लगाने के बाद वैश्विक मंदी की आशंका गहराई। हिंदुस्तान कॉपर, वेदांत, हिंडाल्को, टाटा स्टील के शेयरों में भारी गिरावट

Last Updated- April 04, 2025 | 11:02 PM IST
Metal Stocks

भारतीय धातु कंपनियों के शेयरों में शुक्रवार को भारी गिरावट आई और बेंचमार्क सूचकांक ने पिछले साल जून के बाद का सबसे खराब कारोबारी सत्र देखा। अमेरिकी टैरिफ के बाद वैश्विक आर्थिक वृद्धि की चिंता ने निवेशकों के मनोबल पर असर डाला। शुक्रवार को हिंदुस्तान कॉपर के शेयर 9.13 फीसदी गिरकर बंद हुए। वेदांत, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, नालको और टाटा स्टील के शेयरों में 8 फीसदी से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी मेटल इंडेक्स 6.56 फीसदी फिसलकर बंद हुआ जो 4 जून 2024 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट है।

विश्लेषकों को स्टील और एल्युमीनियम पर 25 फीसदी टैरिफ का भारतीय धातुओं पर कोई सीधा असर नहीं दिखता है। लेकिन वे कहते हैं कि दूसरे आदेश का असर ज्यादा हो सकता है। एमके ग्लोबल के रणनीतिकारों के अनुसार धातुओं पर सबसे अधिक असर पड़ेगा। उसके बाद प्रौद्योगिकी पर, जिसके ज्यादा भारांक का असर बाजार पर ज्यादा होता है। एमके ने कहा कि धातुएं अब नई क्षमताओं के जुड़ने और कीमतों में गिरावट के संभावित असर के कारण कमजोर दिखाई देती हैं।

एमके ने कहा कि वैश्विक या अमेरिकी मंदी हिंडाल्को, वेदांत और नाल्को के शेयरों की कीमतों पर क्रमशः 29 फीसदी, 34 फीसदी और 26 फीसदी तक का नकारात्मक असर डाल सकती हैं। इसी तरह इसका स्टील शेयरों मसलन टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, जिंदल स्टील और सेल के शेयरों पर क्रमशः 40 फीसदी, 36 फीसदी, 35 फीसदी और 43 फीसदी तक का असर हो सकता है।

एमके ने कहा कि स्टील की कीमतें और मार्जिन आम तौर पर वैश्विक मंदी और विस्तार चरणों का अनुसरण करते हैं। पिछले चक्रों में लाभप्रदता के आधार पर स्टील का स्प्रेड 30-45 फीसदी कमजोर हो सकता है। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सभी व्यापारिक देशों पर टैरिफ लगाने के एक दिन बाद हुई है जबकि विश्लेषकों को अमेरिका में मंदी और मुद्रास्फीति के बढ़ने का खतरा दिखता है। जेपी मॉर्गन इन नीतियों पर पूरी तरह अमल को बड़े आर्थिक झटके के रूप में मानता है, जिसे उसने अपने मौजूदा पूर्वानुमानों में शामिल नहीं किया है। टैरिफ दरों में बड़ी वृद्धि का सामना करने वाले देशों की जवाबी कार्रवाई और शुल्कों के मनोबल पर असर से इस झटके के और ज्यादा होने की आशंका है।

हालांकि, जियोजित फाइनैंशियल ने धातु क्षेत्र पर तटस्थ रेटिंग बनाए रखी। इसमें कहा गया कि मांग में फिर से उछाल, कच्चे माल की बढ़ती लागत और नीतिगत बदलावों के कारण स्टील की कीमतों में वृद्धि एक सकारात्मक प्रगति है। इसके अलावा, कुछ स्टील आयातों पर 12 फीसदी सुरक्षा शुल्क लागू करने की योजना है जिससे भारतीय कंपनियों को राहत मिलेगी।

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First Published - April 4, 2025 | 11:02 PM IST

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