एचडीएफसी बैंक के शेयरों में आई भारी गिरावट का असर म्युचुअल फंड (एमएफ) पोर्टफोलियो पर पड़ रहा है। यह बैंक कई योजनाओं के तीन अग्रणी शेयरों में भी शामिल है। इस महीने बैंक के शेयरों में अब तक 16.4 फीसदी की गिरावट आई है, जिससे म्युचुअल फंड निवेशकों की संपत्ति को अनुमानित तौर पर 50,000 करोड़ रुपये का झटका लगा है।
कुल मिलाकर, एचडीएफसी बैंक म्युचुअल फंडों के लिए सबसे बड़ी एकल होल्डिंग बना हुआ है। फरवरी के अंत तक म्युचुअल फंडों के पास ऐक्टिव और पैसिव योजनाओं में मिलाकर 3.2 लाख करोड़ रुपये के शेयर थे। 27 फरवरी तक करीब 50 ऐक्टिव इक्विटी और हाइब्रिड योजनाओं ने अपने फंड का करीब 9 फीसदी इस शेयर में निवेश कर रखा था, जिससे वे मौजूदा बिकवाली से सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस शेयर में पहले से ही उच्च सीमा में निवेश होने के कारण फंड मैनेजरों के लिए निचले स्तर पर अतिरिक्त पूंजी लगाना मुश्किल हो जाता है। मौजूदा नियमों के तहत थीमेटिक फंडों को छोड़कर ऐक्टिव म्युचुअल फंड स्कीमें किसी एक शेयर में 10 फीसदी से अधिक निवेश नहीं कर सकतीं।
पराग पारिख फ्लेक्सीकैप फंड, एचडीएफसी फ्लेक्सीकैप फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लार्जकैप फंड का एचडीएफसी बैंक में सबसे अधिक निवेश था। फरवरी तक इन तीनों का संयुक्त निवेश 24,750 करोड़ रुपये था। अमेरिका-ईरान की लड़ाई से जुड़े भू-राजनीतिक तनावों के कारण पहले से ही दबाव में चल रहे इस शेयर में पिछले तीन कारोबारी सत्रों में और गिरावट आई जब अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अचानक इस्तीफा दे दिया।