Mutual Fund: इक्विटी इनफ्लो में कमी के बावजूद अप्रैल में म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का इक्विटी एसेट अंडर मैनेजमेंट्स (AUM) नए रिकॉर्ड पर पहुंच गया। रिटेल निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। मासिक आधार पर एसआईपी इनफ्लो भले ही 3 फीसदी घटा लेकिन सालाना आधार पर डबल डिजिट में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने अप्रैल में कैपिटल गुड्स, एनबीएफसी, यूटिलिटीज, रिटेल समेत 10 सेक्टर में निवेश बढ़ाया है। जबकि प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर समेत कुछ चुनिंदा शेयरों में एक्सपोजर कम किया। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की ‘फंड फोलियो – इंडियन म्यूचुअल फंड ट्रैकर’ रिपोर्ट ने यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट्स (AUM) अप्रैल 2026 में 11.1 फीसदी (MoM) बढ़कर 81.9 लाख करोड़ रुपये हो गईं। वहीं, इक्विटी एयूएम 11.4 फीसदी की बढ़त के साथ रिकॉर्ड 39.1 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल 2026 में नेट इक्विटी इनफ्लो घटकर 43,100 करोड़ रुपये रह गया, जो मार्च 2026 में 48,500 करोड़ रुपये था। इक्विटी स्कीम्स की बिक्री महीने-दर-महीने 14.3 फीसदी घटकर 87,800 करोड़ रुपये रही, जबकि रिडेम्प्शन 16.9 फीसदी घटकर 44,700 करोड़ रुपये पर आ गया।
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रिपोर्ट का कहना है कि सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश अप्रैल 2026 में 31,120 करोड़ रुपये रहा, जो महीने-दर-महीने 3 फीसदी कम लेकिन सालाना आधार पर 16.8 फीसदी ज्यादा था।
रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 में निफ्टी में 7.5 फीसदी की महीने-दर-महीने बढ़त दर्ज की गई, जो जनवरी 2024 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त रही।
म्युचुअल फंड्स ने अप्रैल 2026 के दौरान कैपिटल गुड्स, एनबीएफसी-लेंडिंग, यूटिलिटीज, रिटेल, एनबीएफसी-नॉन लेंडिंग, केमिकल्स, रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और ईएमएस क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया। दूसरी ओर टेक्नोलॉजी, प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर, ऑयल एंड गैस, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, इंश्योरेंस और सीमेंट क्षेत्रों में आवंटन कम किया गया।
कैपिटल गुड्स क्षेत्र में आवंटन बढ़कर 7.8 फीसदी हो गया, जो 17 महीनों का उच्चतम स्तर है। वहीं यूटिलिटीज क्षेत्र में आवंटन बढ़कर 3.9 फीसदी पहुंच गया, जो 19 महीनों का उच्चतम स्तर है। एनबीएफसी-नॉन लेंडिंग क्षेत्र में आवंटन बढ़कर रिकॉर्ड 2 फीसदी हो गया।
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में आवंटन घटकर 6.7 फीसदी रह गया, जो आठ वर्षों का निचला स्तर है। वहीं प्राइवेट बैंकों में आवंटन घटकर 17.3 फीसदी हो गया।
रिपोर्ट में कहा गया कि जिन क्षेत्रों में BSE-200 की तुलना में म्युचुअल फंड ओपरशिप कम से कम 1 फीसदी कम रहा, उनमें ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर, यूटिलिटीज, प्राइवेट बैंक और पीएसयू बैंक शामिल हैं। वहीं जिन क्षेत्रों में म्युचुअल फंड ओपरशिप कम से कम 1 फीसदी अधिक रहा, उनमें एनबीएफसी-नॉन लेंडिंग, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, कैपिटल गुड्स और केमिकल्स शामिल हैं।
शेयरों में महीने-दर-महीने वैल्यू के आधार पर सबसे अधिक बढ़ोतरी आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस और इटरनल में देखी गई।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अप्रैल 2026 के दौरान म्युचुअल फंड निफ्टी-50 के 64 फीसदी शेयरों, निफ्टी मिडकैप-100 के 57 फीसदी शेयरों और निफ्टी स्मॉलकैप-100 के 63 फीसदी शेयरों में शुद्ध खरीदार रहे।