facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

तेजी-मंदी की चाल में MFs का कैसा रहा हाल: स्मॉलकैप से फ्लेक्सी कैप तक किसने दिया सबसे मजबूत रिटर्न

Advertisement

बाजार में उतार-चढ़ाव वाली पांच वर्षों की अवधि यह बताती है कि किन फंडों ने गिरावट के समय निवेशकों का पैसा सुरक्षित रखा, तेजी के दौर का लाभ उठाया

Last Updated- April 14, 2026 | 10:15 PM IST
Mutual Funds

पिछले पांच साल में बाजार में लगभग पूरा एक चक्र देखने को मिला है। इसलिए बदलते हालात में फंडों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए यह सही समय है। बाजार में पहले तरलता-आधारित तेजी आई, फिर किसी घटना की वजह से अचानक बड़ी गिरावट आई और उसके बाद सुधार और स्थिरता का दौर आया। यह चक्र बिल्कुल भी सीधी रेखा में नहीं था। वैश्विक झटकों, घरेलू तरलता में उछाल, मूल्यांकन में अत्यधिक बढ़ोतरी और भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने बार-बार बाजार की दिशा प्रभावित की और अक्सर यह सब बहुत कम समय के अंतराल में हुआ।

हर चरण में फंड प्रबंधन के एक अलग पहलू की परख हुई, जैसे गिरावट के समय पूंजी को सुरक्षित रखने की क्षमता, तेजी के दौर में हिस्सा लेना और बदलते वृहद हालात और तरलता की स्थिति के बीच लगातार अच्छा प्रदर्शन करना। इन बदलावों की वजह से फंडों की अलग-अलग कैटेगरी और रणनीतियों के नतीजों में बड़ा अंतर देखने को मिला। जो फंड एक चरण में मजबूत दिखे, वे अक्सर दूसरे दौर में संघर्ष करते नजर आए। वहीं, बहुत कम फंड ऐसे रहे जो सभी चक्रों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रहे।

हाल के महीनों में बाजार में फिर से उतार-चढ़ाव आने और मूल्यांकन में बदलाव होने से अब यह आकलन करने का सही समय है कि पिछले चक्र में इक्विटी योजनाओं के लिए क्या चीज कारगर रहीं। बिजनेस स्टैंडर्ड ने फंडों के पिछले पांच वर्षों के प्रदर्शन का गहनता से विश्लेषण किया है, ताकि यह समझा जा सके कि बेहतर प्रदर्शन- नुकसान से बचाव, मुनाफे को भुनाना, या बाजार के अलग-अलग चरणों में सतत प्रदर्शन की वजह क्या रही।

पिछले पांच साल अलग-अलग चरणों से गुजरे। अहम चरण अक्टूबर 2021 से जून 2022 के बीच की गिरावट थी, जब वैश्विक तरलता कम हुई और महंगाई की चिंताओं के कारण इक्विटी की रेटिंग में गिरावट आई। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कमोडिटी की कीमतें बढ़ गईं, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक समेत कई केंद्रीय बैंकों ने मौद्रिक सख्ती की ओर कदम बढ़ाए।

हाल में जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली के कारण इक्विटी बाजार को एक और गिरावट का सामना करना पड़ा।

यहां विश्लेषण में छह इक्विटी फंड श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली योजनाओं को शामिल किया गया है। इन योजनाओं का चयन तीन-वर्षीय और पांच-वर्षीय रिटर्न के साथ-साथ सोर्टिनो अनुपात के आधार पर किया गया है। सोर्टिनो अनुपात जोखिम-समायोजित प्रदर्शन को नकारात्मक अस्थिरता पर फोकस करते हुए मापता है। इन योजनाओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन पांच अलग-अलग बाजार चरणों (तीन गिरावट और दो तेजी) में किया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि विभिन्न परिस्थितियों में फंडों का प्रदर्शन कैसा रहा।

फ्लेक्सी कैप

म्युचुअल फंड की दुनिया में फ्लेक्सी कैप फंडों की एक खास जगह है। लार्ज, मिड और स्मॉल कैप के बीच आवंटन में बदलाव करने की आजादी फंड प्रबंधकों को मौकों और जोखिम दोनों का प्रबंधन करने का एक मजबूत सहारा देती है। यह ढांचागत लचीलापन रिटर्न में भी दिखता है। इस श्रेणी की शीर्ष योजनाओं ने तीन साल में 16-21 फीसदी का सीएजीआर दर्ज किया है, जबकि निफ्टी-500 के लिए यह 14.3 प्रतिशत रहा है। पांच साल की अवधि में भी इन योजनाओं ने निफ्टी 500 से बेहतर प्रदर्शन किया है।

एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप और क्वांट फ्लेक्सी कैप ने 5और 10 साल की दोनों ही अवधियों में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। इन दोनों योजनाओं ने पांच साल में क्रमशः 19.3 और 18.9 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। बाजार की गिरावट के दौरान के विश्लेषण से एक अहम अंतर सामने आया है। डी1 (अक्टूबर 2021-जून 2022) में, एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप (-10.4 प्रतिशत) सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला फंड था।

लार्ज एवं मिड कैप

लार्ज ऐंड मिड कैप श्रेणी स्थिरता और वृद्धि का जरूरी मिश्रण प्रदान करती है। इसमें नियम के तहत लार्ज और मिड कैप, दोनों में कम से कम 35 प्रतिशत का निवेश अनिवार्य है। इस संरचनात्मक संतुलन ने मजबूत रिटर्न दिया है।

इस श्रेणी में मोतीलाल ओसवाल लार्ज ऐंड मिड कैप (24.2 प्रतिशत), इन्वेस्को इंडिया लार्ज ऐंड मिड कैप (22.6 प्रतिशत) और बंधन लार्ज ऐंड मिड कैप (22.2 प्रतिशत) ने तीन साल के दौरान निफ्टी लार्जमिडकैप 250 के 17.2 प्रतिशत के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। पांच साल की अवधि में 16-19 प्रतिशत के दायरे में रिटर्न दिया जो बेंचमार्क के 14.1 प्रतिशत से अधिक था। हालांकि, गिरावट के दौरान का प्रदर्शन इस श्रेणी की दोहरी प्रकृति दर्शाता है। डी2 (सितंबर 2024-मार्च 2025) के दौरान बेंचमार्क 18.8 प्रतिशत गिरा।

मिड कैप

पिछले तीन से पांच साल में मिड कैप फंड सबसे ज्यादा फायदा देने वाली श्रेणियों में से एक रही है और उसने अपने बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन किया है। निफ्टी मिडकैप 150 ने तीन साल में 22.2 प्रतिशत और पांच साल में 17.8 प्रतिशत का रिटर्न दिया, लेकिन शीर्ष ऐक्टिव फंडों ने इससे भी एक कदम आगे बढ़कर प्रदर्शन किया है।

इन्वेस्को इंडिया मिड कैप, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मिडकैप और निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिड कैप, सभी ने 3-साल की सीएजीआर 25 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज की है। 10 साल की अवधि में प्रमुख योजनाओं से 17-19 प्रतिशत के दायरे में मिले रिटर्न इस सेगमेंट में कंपाउंडिंग की क्षमता दिखाते हैं। हालांकि, यह कैटेगरी लार्ज कैप की तुलना में ज्यादा अस्थिर है और गिरावट की अदि का आंकड़ा भी इसी बात को दिखाता है।

फोकस्ड फंड

नियमों के तहत फोकस्ड फंड 30 शेयरों का पोर्टफोलियो रखते हैं। यह एक ऐसा ढांचा है जो विश्वास और अस्थिरता दोनों को बढ़ाता है। इस श्रेणी ने मजबूत रिटर्न दिया है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल फोकस्ड फंड और इन्वेस्को इंडिया फोकस्ड फंड ने तीन साल की सीएजीआर 20 प्रतिशत से ऊपर दर्ज की है। एचडीएफसी फोकस्ड फंड लंबे समय में बेहतर साबित हुआ है, जिसने पांच साल में 20.1 प्रतिशत और 10 साल में लगभग 15 प्रतिशत रिटर्न दिया है।

चरणवार प्रदर्शन देखें तो दृष्टिकोण में स्पष्ट अंतर का पता चलता है। एचडीएफसी फोकस्ड फंड गिरावट के दौरान असाधारण रूप से मजबूत बना रहा, जो बेंचमार्क की 18.2 प्रतिशत और 18.7 प्रतिशत की गिरावट की तुलना में डी1 में यह केवल 6.8 प्रतिशत और डी2 में 12 प्रतिशत गिरा। यह एक केंद्रित पोर्टफोलियो के लिए महत्त्वपूर्ण है और गुणवत्ता पर मजबूत झुकाव को दर्शाता है।

लार्ज कैप

लार्ज-कैप फंडों ने हाल के वर्षों में लगातार रिटर्न दिया है, भले ही यह नरम हो। उन्होंने अपनी श्रेणी की अपेक्षाकृत स्थिर प्रकृति के अनुरूप रिटर्न दिया। तीन साल की अवधि में अधिकांश प्रमुख योजनाओं ने लगभग 15-16 प्रतिशत की सीएजीआर दर्ज की है जो निफ्टी 100 से बेहतर है। निफ्टी-100 ने लगभग 12 प्रतिशत रिटर्न दिया है। यह लार्ज-कैप सेगमेंट की दक्षता के बावजूद मामूली अल्फा जनरेशन का संकेत है।

पांच साल से अधिक समय में यह अंतर कम हो गया। बेंचमार्क ने लगभग 10.3 प्रतिशत रिटर्न दिया जबकि शीर्ष फंडों ने 11-16 प्रतिशत के दायरे में रिटर्न दिया जो अतिरिक्त रिटर्न के सीमित दायरे का संकेत है। गिरावट की स्थिति में श्रेणी का प्रदर्शन अपेक्षाकृत नियंत्रित रहा है। डी1 गिरावट (अक्टूबर 2021-जून 2022) के दौरान बेंचमार्क 17.6 प्रतिशत गिरा।

स्मॉल कैप

स्मॉल-कैप फंड इक्विटी सेगमेंट में हाई-कनविक्शन वाले होते हैं। उनका रिटर्न प्रोफाइल इसी बात को दिखाता है। पिछले तीन साल में प्रमुख योजनाओं ने 19–29 प्रतिशत के दायरे में सीएजीआर दर्ज की। इनमें बंधन स्मॉल कैप फंड 28.9 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रहा। पांच साल में बंधन, क्वांट और निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप ने 20-21 प्रतिशत का सालाना रिटर्न दिया है जो निफ्टी स्मॉलकैप 250 के 16.4 प्रतिशत से ज्यादा है।

इससे पता चलता है कि ऐक्टिव स्मॉल कैप मैनेजमेंट में ‘अल्फा’ (अतिरिक्त रिटर्न) कमाने की कितनी गुंजाइश है। निप्पॉन इंडिया स्मॉल कैप का 10 साल का रिटर्न 20.3 प्रतिशत रहा है, जो इस कैटेगरी में सबसे ज्यादा दीर्घावधि रिटर्न में से एक है। लेकिन, गिरावट में इसमें उतार-चढ़ाव भी ज्यादा है।

Advertisement
First Published - April 14, 2026 | 10:15 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement