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Mutual Funds: FY27 में किन सेक्टर्स में बनेगा मुनाफा? एक्सपर्ट्स से समझें कारगर इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी

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नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही ऐसी निवेश रणनीति बनाई जाए जो आगे चलकर अच्छा रिटर्न दे सके।

Last Updated- April 03, 2026 | 3:47 PM IST
Mutual Funds investment
मार्च में घरेलू म्युचुअल फंड्स ने करीब 90,000 करोड़ रुपये बाजार में लगाए दिये। प्रतीकात्मक फोटो

Mutual Funds Strategy in FY27: नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत ऐसे समय में हुई, जब दुनिया में भारी उथल-पुथल है। प​श्चिम ए​शिया में भारी तनाव है। भारतीय बाजारों पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही ऐसी निवेश रणनीति बनाई जाए, और ऐसे सेक्टर्स या कैटेगरी को पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाया जाए, जो आगे चलकर न केवल अच्छा रिटर्न दे सके ब​ल्कि निवेश के लक्ष्य भी हासिल हो सके। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट मानते हैं कि दुनिया में उ​​थल-पुथल भरे माहौल में निवेशकों को एसेट अलोकेशन के साथ-साथ डायवर्सिफिकेशन और एकमुश्त की बजाय चरणबद्ध तरीके से निवेश को तरजीह देनी चाहिए।

वै​श्विक उठापटक के बावजूद भारतीय बाजारों में घरेलू निवेशक जमकर पैसा लगा रहे हैं। मार्च में विदेशी निवेशकों (FPIs) ने 1.12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की, जो किसी भी कैलेंडर महीने में अब तक का सर्वा​धिक आंकड़ा है। हालांकि, दूसरी ओर घरेलू Mutual Funds ने करीब 90,000 करोड़ रुपये बाजार में झोंक दिये, जोकि अक्टूबर 2024 के बाद सबसे ज्यादा रहा। यानी, घरेलू निवेशक खरीदार बने हुए हैं। ऐसे में रिटेल निवेशक किस तरह आगे बढ़ें, इसकी प्लानिंग और तैयारी बेहद जरूरी है।

Mutual Funds: FY27 में क्या हो निवेश की रणनीति?

मनीफ्रंट के को-फाउंडर एंड सीईओ मोहित गांग कहते हैं, नए वित्त वर्ष में निवेश की रणनीति बनाते समय एसेट अलोकेशन के साथ-साथ डायवर्सिफिकेशन और पोर्टफोलियो के कॉ​म्बिनेशन पर फोकस करना जरूरी है। केवल रिटर्न के पीछे भागने की बजाय पोर्टफोलियो को अलग-अलग एसेट क्लास जैसे इ​क्विटी, डेट और हाइब्रिड में बांटना चाहिए। साथ ही बेहतर डायवर्सिफिकेन के लिए पोर्टफोलियो में वैल्यू, ग्रोथ और क्वालिटी स्टाइल्स का अच्छा कॉ​​म्बिनेशन होना जरूरी है।

उनका कहना है कि पोर्टफोलियो में अलग-अलग हिस्से (कोर और सैटेलाइट) रखें। कोर हिस्सा लार्ज/फ्लेक्सीकैप/मल्टी एसेट फंड्स के साथ मिड/स्मॉल कैप्स का होना चाहिए। वहीं, सैटेलाइट में सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स या कुछ अन्य अवसर आधारित निवेश शामिल होंगे।

बीपीएन फिनकैप के डायरेक्टर एके निगम का कहना है, FY27 के लिए अग्रेसिव एकमुश्त निवेश की बजाय, “बैलेंस्ड और चरणबद्ध” तरीके से निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए। FY26 में बाजारों में करेक्शन देखने को मिला और सभी कैटेगरीज में रिटर्न कमजोर रहे। FY27 में कंजम्प्शन और क्रेडिट ग्रोथ की वजह से कमाई में रिकवरी की उम्मीद है। हालांकि, वैश्विक जोखिम (तेल, भू-राजनीति, FII आउटफ्लो) अभी भी बने हुए हैं।

निगम कहते हैं, ऐसे समय में निवेशकों को SIP/STP जारी रखनी चाहिए। कोर और सैटेलाइट अलोकेशन पर फोकस करें। कोर अलोकेशन में लार्ज कैप या फ्लेक्सी कैप रखें। जबकि सैटेलाइट अलोकेशन में मिडकैप, स्मालकैप या सेक्टोरल फंड्स रखना चाहिए। इसके अलावा, हाल के दिनों में पोर्टफोलियो में स्टेबिलिटी के लिए मल्टी एसेट/हाइब्रिड फंड्स रखने का भी ट्रेंड बढ़ रहा है। उनका कहना है कि FY27 में, आक्रामक निवेश की तुलना में अनुशासित अलोकेशन से ज्यादा फायदा मिलने की संभावना है। इसमें SIP-आधारित निवेश और डायवर्सिफिकेशन ही रिटर्न के की-ड्राइवर होंगे।

ऑ​प्टिमा मनी मैनेजर्स के फाउंडर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर पंकज मठपाल का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 के लिए निवेश की रणनीति बनाते समय एसेट अलोकेशन और डायविर्सिफकेशन पर फोकस रखें। बाजार के मौजूदा माहौल में डरने या लालची बनने से बचें। ​अनि​श्चितता वाले माहौल में चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर होता है।

FY27: किन सेक्टर्स/ कैटेगरी में बनेगा पैसा?

एके निगम का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 में कुछ चुनिंदा सेक्टर निवेश के लिए अच्छा ऑप्शन हो सकते हैं। जो सेक्टर अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, उनमें फाइनें​शियल (बैंकिंग एवं एनबीएफसी), कंजम्प्शन, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी/ऑटो/रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। FY27 में फाइनेंशियल, कंजम्पशन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से लीडरशिप की उम्मीद है, जबकि ज्यादा तेजी दिखा चुके सेक्टर्स में स्टॉक का चुनाव बेहद अहम होगा।

उनका कहना है, बेहतर होती क्रेडिट ग्रोथ और एसेट क्वॉलिटी में सुधर का फायदा फाइनेंशियल सेक्टर को मिलेगा। जबकि टैक्स में कटौती, आमदनी में इजाफा, रूरल मांग में रिकवरी और मजबूत अर्निंग सीजन रहने की उम्मीद से कंजम्प्शन सेक्टर को बूस्ट मिलेगा। वहीं, डिस्पोजबल इनकम ज्यादा होने और कंजम्शन साइकिल की वजह से कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी सेक्टर तेजी दिखा सकते हैं। इनमें ऑटो और रिटेल सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है। वहीं, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को सरकार के कैपेक्स और मेक इन इंडिया पर फोकस से सपोर्ट मिलेगा।

हालांकि, पंकज मठपाल का कहना है कि वै​​श्विक अनि​श्चितता के इस दौर में निवेश के लिए सेक्टर आधारित दांव लगाने से बचना बेहतर होगा। इसकी बजाय निवेशकों को डायवर्सिफाइड कैटेगरीज पर फोकस करना चहिए।

मोहित गांग का मानना है कि उतार-चढ़ाव वाले बाजार में फ्लेक्सी कैप या मल्टी एसेट अलोकेशन फंड्स एक अच्छी पसंद साबित होंगे। वहीं, अगर वैल्युएशन के नजरिए से बात करें तो बैंकिंग, फाइनें​शियल सर्विसेज सेक्टर बेहतर नजर आ रहे हैं। जबकि फार्मा सेक्टर एक डिफेंसिव सेक्टर होने के चलते आकर्षक लग रहा है। सा​थ ही इस इंडस्ट्री को कई दूसरे फैक्टर भी सपोर्ट दे रहे हैं।

इक्विटी Mutual Funds इनफ्लो ट्रेंड्स

वित्त वर्ष AUM में बदलाव(₹ लाख करोड़) नेट फ्लो (₹ लाख करोड़)
FY21 4.01 -0.32
FY22 3.86 1.64
FY23 1.52 1.47
FY24 8.32 1.84
FY25 5.96 4.17

(सोर्स: AMFI FY25 सालाना रिपोर्ट)

(डिस्क्लेमर: म्युचुअल फंड्स में निवेश संबंधी सलाह एक्सपर्ट के निजी विचार हैं। म्युचुअल फंड्स में निवेश बाजार जो​खिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

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First Published - April 3, 2026 | 3:07 PM IST

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