facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अप्रैल में Equity MFs में निवेश 5% घटा, SIP इनफ्लो गिरकर ₹31,115 करोड़; AMFI के आंकड़ों पर क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Advertisement

AMFI April 2026 Data: फ्लेक्सी कैप और स्मॉल कैप फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार, डेट फंड्स में लौटी मजबूत खरीदारी

Last Updated- May 11, 2026 | 5:07 PM IST
Mutual Fund
Representational Image

AMFI April 2026 Data: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच म्युचुअल फंड निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं। उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इक्विटी-ओरिएंटेड म्युचुअल फंड स्कीम्स में अप्रैल 2026 में 38,440 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया, जो पिछले महीने की तुलना में 5 फीसदी कम है। मार्च में यह निवेश ₹40,450 करोड़ था। इसके अलावा, सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए भी मंथली निवेश गिरा है। पिछले महीने SIP के जरिए इनफ्लो घटकर 31,115 करोड़ रुपये रह गया। मार्च में यह रिकॉर्ड 32,087 करोड़ रुपये था।

AMFI के आंकड़ों पर इनक्रेड मनी के म्युचुअल फंड्स CEO नितिन अग्रवाल ने कहा कि इक्विटी-ओरिएंटेड ओपन-एंडेड स्कीम्स में अप्रैल के दौरान ₹38,440 करोड़ का शुद्ध निवेश आया, जो भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच इक्विटी बाजारों के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

द वेल्थ कंपनी के CIO (डेट) उमेश शर्मा का कहना है कि अप्रैल के रुझान यह संकेत देते हैं कि निवेशकों ने वित्त वर्ष समाप्ति के बाद शॉर्ट-टर्म डेट में फिर से निवेश बढ़ाया है। इक्विटी को लेकर सकारात्मक रुख बना हुआ है और डाइवर्सिफाइड स्ट्रैटेजी की मांग भी बढ़ रही है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक ड्यूरेशन रिस्क को लेकर सतर्क बने हुए हैं।

AUM बढ़कर ₹81.92 लाख करोड़

डेट-ओरिएंटेड स्कीम्स में अप्रैल 2026 के दौरान जोरदार वापसी देखने को मिली। इसमें तकरीबन 2.5 लाख करोड़ रुपये के भारी निवेश आया। कुल मिलाकर, म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में अप्रैल के दौरान 3.22 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि मार्च में 2.4 लाख करोड़ रुपये की निकासी हुई थी। इस निवेश के चलते इंडस्ट्री का कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च अंत के 73.73 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर अप्रैल अंत तक 81.92 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

फ्लेक्सी कैप सबसे आगे, ₹10,148 करोड़ का निवेश

एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी फंड्स में निवेश मार्च के 40,450 करोड़ रुपये से घटकर अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि, यह फरवरी में दर्ज 25,978 करोड़ रुपये के निवेश से अधिक रहा। अधिकांश कैटेगरी में सकारात्मक निवेश देखने को मिला, लेकिन डिविडेंड यील्ड और इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीम (ELSS) फंड्स में हल्की निकासी दर्ज हुई। इसकी वजह मुनाफावसूली और पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग मानी जा रही है।

इक्विटी सेगमेंट में फ्लेक्सी कैप फंड्स सबसे आगे रहे, जहां 10,148 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। इसके बाद स्मॉल कैप फंड्स में 6,886 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड्स में 6,551 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज हुआ। वहीं, लार्ज कैप फंड्स में 2,525 करोड़ रुपये का निवेश आया। इस बीच, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) में अप्रैल के दौरान 3,040 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो मार्च के 2,266 करोड़ रुपये से अधिक है।

 अप्रैल 2026: इ​क्विटी MF में इनफ्लो/आउटफ्लो

कैटेगरी नेट इनफ्लो (₹ करोड़)
मल्टी कैप फंड 3,806.01
लार्ज कैप फंड 2,524.61
लार्ज एंड मिड कैप फंड 4,490.49
मिड कैप फंड 6,551.40
स्मॉल कैप फंड 6,885.90
डिविडेंड यील्ड फंड -20.58
वैल्यू / कॉन्ट्रा फंड 1,478.08
फोकस्ड फंड 1,194.80
सेक्टोरल / थीमैटिक फंड 1,949.36
ELSS -567.73
फ्लेक्सी कैप फंड 10,147.85
कुल   38,440.20

(सोर्स: एम्फी)

उमेश शर्मा का कहना है कि इक्विटी-ओरिएंटेड स्कीम्स में मजबूती बनी रही और इनमें 38,440 करोड़ रुपये का निवेश आया। फ्लेक्सी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश देखने को मिला, जो विभिन्न बाजार सेगमेंट्स में ग्रोथ अवसरों को लेकर निवेशकों की रुचि को दर्शाता है।

उनका कहना है  कि हाइब्रिड स्कीम्स में 20,565 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश दर्ज हुआ। इसमें मुख्य रूप से आर्बिट्राज और मल्टी-एसेट एलोकेशन फंड्स का योगदान रहा, जो डाइवर्सिफाइड और कम अस्थिरता वाली रणनीतियों में बढ़ती रुचि को दिखाता है। अन्य कैटेगरी में ETF और इंडेक्स फंड्स में मजबूत निवेश देखने को मिला, जबकि गोल्ड ETF में मध्यम स्तर का निवेश हुआ। यह जोखिम और सुरक्षा के बीच संतुलित निवेश रणनीति को दर्शाता है।

नितिन अग्रवाल कहते हैं, फ्लेक्सी कैप फंड्स ने ₹10,147 करोड़ के शुद्ध निवेश के साथ अपनी मजबूत स्थिति बरकरार रखी। यह सभी इक्विटी कैटेगरी में सबसे अधिक निवेश रहा। यह वही संकेत है जो आंकड़े पिछले कई महीनों से दे रहे हैं। ऐसे माहौल में, जहां अलग-अलग मार्केट कैप कैटेगरी में वैल्यूएशन का अंतर काफी बड़ा है और कमाई की स्पष्टता भी अलग-अलग है, निवेशक उन फंड्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जो फंड मैनेजर्स को मार्केट कैप स्पेक्ट्रम में स्वतंत्र रूप से निवेश करने की छूट देते हैं।

उन्होंने कहा कि स्मॉल कैप फंड्स ने मिड कैप फंड्स को पीछे छोड़ दिया। अप्रैल में स्मॉल कैप फंड्स में ₹6,885 करोड़ का शुद्ध निवेश आया, जबकि मिड कैप फंड्स में ₹6,551 करोड़ का निवेश दर्ज हुआ। इसे निवेशकों की महत्वपूर्ण पोजिशनिंग माना जा रहा है। ऐतिहासिक रूप से बाजार में टेंशन के दौरान स्मॉल कैप फंड्स में ज्यादा गिरावट देखने को मिलती है। ऐसे में निवेशकों का न केवल इस कैटेगरी में बने रहना, बल्कि इसमें अतिरिक्त निवेश करना यह दर्शाता है कि या तो भारत की ग्रोथ स्टोरी को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है या फिर निवेशक करेक्शन के बाद छोटी कंपनियों में वैल्यू देख रहे हैं।

Also Read | अबेकस म्युचुअल फंड ने पार किया ₹5,000 करोड़ AUM का आंकड़ा, 1 लाख निवेशक जुड़े

सेक्टोरेल, थीमैटिक फंड्स से बेहतर संकेत

​अग्रवाल कहते हैं, सेक्टोरल और थीमैटिक फंड्स में अप्रैल के दौरान ₹1,949 करोड़ का शुद्ध निवेश आया, जो अपने पीक महीनों की तुलना में काफी कम रहा और व्यापक इक्विटी कैटेगरी की तुलना में भी कमजोर रहा। यह एक स्वस्थ संकेत है।पहले के समय में सेक्टोरल और थीमैटिक NFO आधारित निवेश में जो तेज उत्साह देखा गया था, वह अब कम होता नजर आ रहा है। अब निवेशक केंद्रित सेक्टोरल दांव की बजाय डाइवर्सिफाइड निवेश रणनीतियों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

मल्टी एसेट एलोकेशन फंड्स में अप्रैल के दौरान ₹5,113 करोड़ का शुद्ध निवेश आया। यह आंकड़ा हर महीने अधिक महत्वपूर्ण होता जा रहा है। ₹1,87,071 करोड़ के AUM के साथ यह कैटेगरी अब केवल एक सीमित निवेश विकल्प नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि यह तेजी से उन निवेशकों की पसंद बनती जा रही है, जो एसेट एलोकेशन के लिए एक ही फंड में समाधान चाहते हैं।

Advertisement
First Published - May 11, 2026 | 5:07 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement