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आईटी सेक्टर से म्युचुअल फंड्स का भरोसा घटा, होल्डिंग 8 साल के निचले स्तर पर; AI से बढ़ी चिंता 

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ऐसा लगता है कि फंड मैनेजर सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी) सेक्टर को लेकर सतर्क रवैया अपना रहे हैं, भले ही पिछले 18 महीनों में शेयरों में तेजी से गिरावट आई हो

Last Updated- May 19, 2026 | 11:11 PM IST
Mutual funds

ऐसा लगता है कि फंड मैनेजर सूचना प्रोद्योगिकी (आईटी) सेक्टर को लेकर सतर्क रवैया अपना रहे हैं, भले ही पिछले 18 महीनों में शेयरों में तेजी से गिरावट आई हो। एक रिपोर्ट के अनुसार, म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो में आईटी सेक्टर का हिस्सा 8 साल के निचले स्तर पर आ गया है क्योंकि एमए्र्रफ योजनाओं ने कम कमाई और आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े जोखिमों के चलते इस सेक्टर में अपना निवेश कम कर दिया है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2026 में एमएफ की कुल इक्विटी होल्डिंग में आईटी शेयरों का हिस्सा सिर्फ 6.7 फीसदी रहा। यह पिछले महीने के मुक़ाबले 60 आधार अंक कम है और अप्रैल 2025 की तुलना में 180 आधार अंक नीचे है।

निफ्टी आईटी इंडेक्स दिसंबर 2024 के अपने उच्चतम स्तर से 36 फीसदी नीचे आ गया है, क्योंकि यह सेक्टर कई तरह की मुश्किलों का सामना कर रहा है। वैश्विक मांग में कमी और ग्राहकों द्वारा खर्च में बरती जा रही सावधानी के कारण सौदों की रफ्तार धीमी हो गई है और परियोजना शुरू होने में देरी हो रही है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इन्फोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों की कमाई भी कमजोर रही है।

उम्मीद है कि इस सेक्टर की अग्रणी कंपनियां आने वाले समय में राजस्व में धीमी वृद्धि दर्ज करेंगी। इसके साथ ही, आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स के बढ़ते इस्तेमाल ने पारंपरिक आईटी आउटसोर्सिंग कारोबारों के भविष्य को लेकर चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

हालांकि, इस सेक्टर को लेकर फंड मैनेजरों का नजरिया मिला-जुला लगता है। जहां ज्यादातर फंड हाउसों ने अपनी आईटी होल्डिंग्स कम की हैं, वहीं कुछ ने पिछले एक साल में इस सेक्टर में निवेश बढ़ाया है। नुवामा ऑल्टरनेटिव ऐंड क्वांटिटेटिव रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, बड़े फंड हाउसों में एसबीआई एमएफ का आवंटन सबसे कम था। अप्रैल 2025 में 6.4 फीसदी के मुकाबले अप्रैल 2026 में इस फंड हाउस का आईटी निवेश 5.9 फीसदी रहा।

एसबीआई एमएफ के फंड मैनेजर विवेक गेड्डा ने कहा कि फंड हाउस का आईटी में निवेश हमेशा से कम रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि एआई से होने वाले बदलावों को लेकर जो अनिश्चितता है, वह अभी भी एक चिंता का विषय बनी हुई है।

उन्होंने कहा, हम आम तौर पर आईटी पर अंडरवेट ही रहे हैं, क्योंकि हमें दूसरी जगहों पर निवेश के ज्यादा बेहतर मौके दिख रहे थे और हम इस इंडस्ट्री से जुड़े कुछ नए ढांचागत सवालों को लेकर भी सचेत थे। हमारी नजर में सबसे अहम बात एआई से होने वाले बदलावों को लेकर बनी अनिश्चितता है। राजस्व मॉडल और वृद्धि की संभावनाओं पर इसके मध्यम से लेकर लंबे समय तक क्या असर होंगे, यह अभी भी साफ नहीं है।

उन्होंने कहा कि मूल्यांकन सकारात्मक है और फंड हाउस चुनिंदा मौकों पर नजर रख रहा है। एसबीआई के अलावा, नुवामा की रिपोर्ट में शामिल छह अन्य बड़े फंड हाउस का इस सेक्टर में निवेश 10 फीसदी से भी कम था। चुने हुए ग्रुप में यूटीआई एमएफ की होल्डिंग सबसे ज्यादा 15.7 फीसदी थी, जबकि पिछले एक साल में उन्होंने अपना निवेश कम किया था।

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First Published - May 19, 2026 | 11:11 PM IST

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