facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

महज 10 फीसदी है महिला फंड मैनेजर, बढ़ोतरी के बावजूद 4.4 लाख करोड़ रुपये की हिस्सेदारी

Advertisement
Last Updated- March 06, 2023 | 9:20 PM IST
6 new fund companies will enter the mutual fund industry this year इस साल म्युचुअल फंड उद्योग में 6 नई फंड कंपनी देंगी दस्तक

फंडों के प्रबंधन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम है जबकि साल 2023 में इनकी संख्या में कुल मिलाकर खासी बढ़ोतरी दर्ज हुई है। जनवरी 2023 के आखिर में म्युचुअल फंड उद्योग में 42 ​महिला फंड मैनेजर थीं, जो कुल म्युचुअल फंड मैनेजर 428 का महज 9.8 फीसदी है।

प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में जनवरी के आखिर में महिलाओं की हिस्सेदारी महज 11 फीसदी यानी 4.4 लाख करोड़ रुपये थी। मॉर्निंगस्टार की रिपोर्ट से यह जानकारी मिली।

रिपोर्ट में कहा गया है, महिला फंड मैनेजरों की कुल संख्या हालांकि बढ़ रही है, लेकिन AUM में उनकी हिस्सेदारी लगातार घट रही है। इसमें कहा गया है, पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं की तरफ से प्रबंधित परिसंपत्तियों में प्रतिशत के लिहाज से लगातार कमी आ रही है। पिछले साल महिलाओं ने कुल म्युचुअल फंड परिसंपत्तियों के 11.98 फीसदी हिस्से का प्रबंधन किया।

परिसंपत्तियों के प्रबंधन की मात्रा की बात करें तो साल 2022 में प्रवृत्ति बदली। जनवरी 2023 में महिलाओं की तरफ से प्रबंधित कुल परिसंपत्तियां जनवरी 2022 के मुकाबले कम थी। रिपोर्ट में कहा गया है, इसमें गिरावट की वजह दो मशहूर नामों को बताई जा सकती है, जो पिछले साल म्युचुअल फंड प्रबंधन उद्योग से बाहर निकल गईं – स्वाती कुलकर्णी (यूटीआई म्युचुअल फंड) और लक्ष्मी अय्यर (कोटक एमएफ)। इन दोनों ने अच्छे खासे फंडों का प्रबंधन किया था।

Advertisement
First Published - March 6, 2023 | 9:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement