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2025 में म्युचुअल फंडों ने तोड़ा रिकॉर्ड, शुद्ध इक्विटी खरीद 4.9 लाख करोड़ तक पहुंची

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साल 2025 में म्युचुअल फंडों की शुद्ध इक्विटी खरीद 13% बढ़कर 4.9 लाख करोड़ रुपये पहुंची और इक्विटी होल्डिंग पहली बार 50 लाख करोड़ रुपये पार कर गई।

Last Updated- January 05, 2026 | 7:44 AM IST
Mutual funds
Representative Image

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के अनुसार कैलेंडर वर्ष 2025 में म्युचुअल फंडों की शुद्ध इक्विटी खरीद में 13 फीसदी का इजाफा हुआ और 30 दिसंबर तक यह रिकॉर्ड 4.9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। खरीद ने 2024 में दर्ज पिछले उच्चतम स्तर 4.3 लाख करोड़ रुपये को पार कर लिया है। शेयर बाजार में सुस्ती के बावजूद यह बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

म्युचुअल फंडों की शेयरों की शुद्ध खरीद लगातार पांचवें वर्ष सकारात्मक बनी हुई है। पिछले कुछ वर्षों में म्युचुअल फंडों की इक्विटी खरीद में तेजी से बढ़त हुई है। 2023 में 1.7 लाख करोड़ रुपये और 2022 में 1.9 लाख करोड़ रुपये की शुद्ध खरीद के बाद म्युचुअल फंडों का निवेश 2024 में दोगुना से अधिक हो गया था और 2025 में नए शिखर पर पहुंच गया। जानकारों का मानना है कि बाजार में अस्थिरता अधिक रहने के बावजूद म्युचुअल फंड योजनाओं में निरंतर निवेश आने से म्युचुअल फंडों की खरीदारी निरंतर बनी हुई है। खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी और व्यवस्थित निवेश योजनाओं (एसआईपी) के माध्यम से लगातार मिले निवेश ने पूरे साल म्युचुअल फंडों की झोली भरे रखी।

फंडों का मजबूत निवेश शेयर बाजारों के अब तक के प्रदर्शन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, खासकर एफपीआई की बिकवाली को देखते हुए। घरेलू संस्थागत निवेशकों (यानी डीआईआई, जिनमें घरेलू म्युचुअल फंड, बीमा कंपनियां, पेंशन फंड आदि शामिल हैं) ने शेयर बाजार में 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

म्युचुअल फंडों की लगातार खरीदारी ने फंडों की इक्विटी होल्डिंग को पहली बार 50 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पर पहुंचा दिया है। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर के अंत में इक्विटी परिसंपत्तियां 50.6 लाख करोड़ रुपये थीं जो दो साल से थोड़े अधिक समय में दोगुनी हो गई हैं।

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First Published - January 5, 2026 | 7:44 AM IST

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