facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Vedanta के QIP में निप्पॉन फंड, मॉर्गन स्टैनली, एसबीआई फंड मुख्य बोलीदाता

Advertisement

वेदांत ने 440 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 19.31 करोड़ शेयर क्यूआईपी के जरिये जारी कर करीब 1 अरब डॉलर यानी 8,500 करोड़ रुपये जुटाए।

Last Updated- July 21, 2024 | 9:55 PM IST
vedanta demerger

निप्पॉन म्युचुअल फंड, मॉर्गन स्टैनली और एसबीआई म्युचुअल फंड हाल में हुए वेदांत के 1 अरब डॉलर के इक्विटी शेयर नियोजन में अग्रणी आवेदक रहे। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने यह बात बताई है। निप्पॉन फंड ने अपनी पांच योजनाओं के जरिये 775 करोड़ रुपये के शेयर यानी कुल इश्यू के 9.2 फीसदी हिस्से के लिए आवेदन किया।

मॉर्गन स्टैनली को 733 करोड़ रुपये का आवंटन मिला यानी इश्यू के आकार के 8.6 फीसदी के बराबर। एसबीआई फंड ने पात्र संस्थागत नियोजन में 670 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। अन्य बोलीदाताओं में सोसियाते जेनराली (7.4 फीसदी), कॉप्टहॉल (5.3 फीसदी) और आईसीआईसीआई फंड (5.2 फीसदी) शामिल हैं। सॉवरिन वेल्थ फंड अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने भी क्यूआईपी में हिस्सा लिया।

वेदांत ने 440 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 19.31 करोड़ शेयर क्यूआईपी के जरिये जारी कर करीब 1 अरब डॉलर यानी 8,500 करोड़ रुपये जुटाए। शुक्रवार को बंद हुए क्यूआईपी को पेशकश के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा बोली मिली। शेयर बिक्री को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों, म्युचुअल फंडों, बीमा कंपनियों और अन्य संस्थागत निवेशकों से बोली मिली।

वेदांत के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि क्यूआईपी को मिली शानदार प्र​तिक्रिया हमारी कंपनी पर वैश्विक निवेशक समुदाय के बड़े भरोसे को बताती है। अहम खनिज और ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को सुनिश्चित करने के साथ हम नजदीकी से जुड़े हुए हैं।

Advertisement
First Published - July 21, 2024 | 9:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement