Oil and Gas Stocks: तेल और गैस सेक्टर की कंपनियों के लिए मार्च तिमाही काफी अच्छी रही। रिफाइनिंग, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन और लुब्रिकेंट कारोबार से जुड़ी कंपनियों ने दमदार प्रदर्शन किया, जिससे सेक्टर की कमाई में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि अमेरिका-ईरान तनाव की वजह से तेल और गैस सप्लाई पर असर पड़ा और अब यही वजह आने वाली तिमाहियों के लिए चिंता भी बन रही है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस और जीएसपीएल को छोड़कर उसकी कवरेज में आने वाली तेल-गैस कंपनियों का परिचालन मुनाफा (EBITDA) मार्च तिमाही में सालाना आधार पर 22 फीसदी और शुद्ध मुनाफा 31 फीसदी बढ़ा। रिपोर्ट का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव नहीं होता और कतर से एलएनजी सप्लाई प्रभावित नहीं होती, तो नतीजे और बेहतर हो सकते थे।
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल मार्केटिंग कंपनियों के लिए मार्च तिमाही मजबूत रही। इसकी सबसे बड़ी वजह एलपीजी पर होने वाले नुकसान में कमी और बेहतर रिफाइनिंग मार्जिन रहे। एक साल पहले की तुलना में एलपीजी पर नुकसान काफी कम हुआ, जिससे इन कंपनियों की कमाई में अच्छी बढ़त देखने को मिली। हालांकि आगे तस्वीर उतनी अच्छी नहीं दिख रही। रिपोर्ट के मुताबिक, एलपीजी पर प्रति सिलेंडर नुकसान फिर 450 रुपये से ऊपर पहुंच गया है, जबकि मार्च तिमाही में यह 100-120 रुपये के आसपास था।
ब्रोकरेज का मानना है कि चालू वित्त वर्ष में इन कंपनियों पर दबाव रह सकता है। हालांकि वह अभी भी IOCL और BPCL को लेकर सकारात्मक है, जबकि HPCL पर रुख थोड़ा नरम किया गया है।
इंद्रप्रस्थ गैस (IGL), महानगर गैस (MGL) और गुजरात एनर्जी लिमिटेड (GEL) का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। IGL और MGL की गैस बिक्री बढ़ी, जबकि गुजरात गैस के मोरबी इलाके में कमजोर मांग की वजह से दबाव रहा। हालांकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर तीनों कंपनियों की बिक्री में सुधार देखने को मिला।
रिपोर्ट का कहना है कि आने वाले समय में सीएनजी से चलने वाले कमर्शियल वाहन, लंबी दूरी की बसें और नए बाजार इन कंपनियों की ग्रोथ को आगे बढ़ा सकते हैं। सरकार द्वारा मंजूरी प्रक्रिया आसान करने से भी इस सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है।
GSPC के साथ विलय के बाद गुजरात एनर्जी लिमिटेड (GEL) का पहला तिमाही प्रदर्शन काफी मजबूत रहा। कंपनी की ट्रेडिंग और सिटी गैस दोनों इकाइयों ने अच्छा योगदान दिया। कंपनी का परिचालन मुनाफा सालाना आधार पर 34 फीसदी बढ़ा। खास बात यह रही कि ट्रेडिंग कारोबार से होने वाला मुनाफा 2 गुना से ज्यादा बढ़ गया। मोरबी में गैस की मांग भी तेजी से बढ़ी है, जिससे आने वाली तिमाहियों में कमाई और मजबूत हो सकती है।
मार्च तिमाही में कच्चे तेल की बेहतर कीमतों का फायदा ONGC और ऑयल इंडिया को मिला। दोनों कंपनियों को प्रति बैरल तेल पर पिछले साल के मुकाबले ज्यादा दाम मिले। हालांकि उत्पादन के मोर्चे पर तस्वीर बहुत मजबूत नहीं रही। ONGC के तेल और गैस उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि नए प्रोजेक्ट शुरू होने से आने वाले कुछ तिमाहियों में उत्पादन फिर बढ़ सकता है।
ब्रोकरेज को ONGC पर ज्यादा भरोसा है। उसका मानना है कि आकर्षक वैल्यूएशन और उत्पादन बढ़ने की संभावना के चलते यह शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। वहीं ऑयल इंडिया पर ‘ऐड’ रेटिंग बरकरार रखी गई है।
गेल और पेट्रोनेट एलएनजी के लिए मार्च तिमाही कमजोर रही। अमेरिका-ईरान तनाव की वजह से एलएनजी सप्लाई प्रभावित हुई, जिसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा। गेल के गैस ट्रांसमिशन और ट्रेडिंग वॉल्यूम घटे, जबकि पेट्रोनेट के दाहेज टर्मिनल का उपयोग भी कम रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में इन दोनों कंपनियों की कमाई पर दबाव बना रह सकता है।
गल्फ ऑयल लुब्रिकेंट्स ने भी मार्च तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया। कंपनी की लुब्रिकेंट बिक्री 14 फीसदी और AdBlue की बिक्री 8 फीसदी बढ़ी। हालांकि रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से मार्जिन पर थोड़ा असर पड़ा। इसके बावजूद ब्रोकरेज कंपनी को लेकर काफी सकारात्मक है और मानता है कि आने वाले वर्षों में इसकी ग्रोथ उद्योग औसत से बेहतर रह सकती है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज फिलहाल तेल और गैस सेक्टर में चुनिंदा शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दे रही है। ब्रोकरेज की टॉप पसंद में ONGC, इंडियन ऑयल (IOCL) और भारत पेट्रोलियम (BPCL) शामिल हैं। रिपोर्ट का मानना है कि तेल और गैस की कीमतों में जारी अनिश्चितता के बावजूद इन कंपनियों में सबसे बेहतर कमाई की संभावना नजर आती है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)