ONGC Share Price: सरकारी तेल और गैस कंपनी ONGC के मार्च तिमाही के नतीजों के बाद शेयर चर्चा में है। शुक्रवार को कंपनी का शेयर करीब 1.5 फीसदी गिरकर 269.85 रुपये पर कारोबार कर रहा था। तिमाही नतीजे बाजार की उम्मीदों से कमजोर रहे, क्योंकि कंपनी का तेल और गैस उत्पादन कम हुआ और खर्च बढ़ गया। हालांकि कुछ ब्रोकरेज का मानना है कि अभी की दिक्कतें लंबे समय तक नहीं रहेंगी और आने वाले समय में नए प्रोजेक्ट्स से कंपनी को फायदा मिल सकता है।
इस बार ONGC की सबसे बड़ी परेशानी उत्पादन में कमी रही। कंपनी जितना तेल और गैस निकालना चाहती थी, उतना नहीं निकाल पाई। खासकर KG-98/2 फील्ड और कुछ दूसरे प्रोजेक्ट्स में तकनीकी और भूगर्भीय दिक्कतों के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ। इसी का असर कंपनी की कमाई पर भी पड़ा। तेल और गैस की बिक्री उम्मीद से कम रही, जबकि खर्च बढ़ गया। विदेशी मुद्रा विनिमय से जुड़े नुकसान ने भी मुनाफे पर असर डाला। नतीजा यह हुआ कि कंपनी का मुनाफा कई ब्रोकरेज के अनुमान से कम रहा।
पिछले कुछ समय से ONGC की निगाह KG-98/2 फील्ड पर टिकी हुई है। कंपनी को इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अभी तक उत्पादन उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया है। प्रबंधन का कहना है कि अगले एक साल में स्थिति सुधर सकती है और उत्पादन पुराने स्तर पर लौट सकता है। बाजार की चिंता यही है कि जब तक इस प्रोजेक्ट से बेहतर उत्पादन नहीं आता, तब तक कंपनी की कमाई पर दबाव बना रह सकता है।
ब्रोकरेज फर्म नुवामा ने ONGC पर ‘रिड्यूस’ रेटिंग बरकरार रखी है और 240 रुपये का टारगेट दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि उत्पादन में कमजोरी अभी भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट के मुताबिक KG-98/2 फील्ड का उत्पादन तिमाही आधार पर करीब 20 फीसदी गिरा है। हालांकि कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और रॉयल्टी का बोझ कम होने से कंपनी को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन नुवामा का मानना है कि फिलहाल उत्पादन से जुड़ी चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मोतीलाल ओसवाल ने ONGC पर ‘न्यूट्रल’ रेटिंग दी है और 265 रुपये का टारगेट रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि उत्पादन में कमी जरूर चिंता की बात है, लेकिन कंपनी के कुछ काम उम्मीद जगाते हैं। मुंबई हाई क्षेत्र में अच्छे नतीजों के बाद कंपनी ने पश्चिमी समुद्री क्षेत्रों में काम बढ़ाने का फैसला किया है। इसके अलावा नए गैस कुओं से उत्पादन बढ़ रहा है। कंपनी गहरे समुद्र में तेल और गैस खोजने के काम को भी तेज करने की तैयारी कर रही है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगले कुछ तिमाहियों में उत्पादन की रफ्तार पर नजर रखना सबसे अहम रहेगा।
तीनों में सबसे ज्यादा भरोसा एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने दिखाया है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘बाय’ रेटिंग रखते हुए 350 रुपये का टारगेट दिया है। यह मौजूदा भाव से करीब 28 फीसदी ऊपर है। एंटीक का मानना है कि तिमाही नतीजे कमजोर जरूर रहे, लेकिन बाजार ने इन चिंताओं को काफी हद तक शेयर के भाव में शामिल कर लिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक आने वाले समय में कई प्रोजेक्ट्स से उत्पादन बढ़ सकता है। साथ ही अगर कच्चे तेल के दाम ऊंचे बने रहते हैं तो कंपनी की कमाई को सीधा फायदा मिलेगा।
अगर शेयर के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में इसमें करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले दो हफ्तों में यह लगभग 10 फीसदी टूटा है। हालांकि लंबी अवधि में तस्वीर अलग है। साल 2026 में अब तक शेयर 13 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। पिछले एक साल में इसने करीब 11 फीसदी और पिछले तीन साल में 70 फीसदी से ज्यादा रिटर्न दिया है। पांच साल में निवेशकों का पैसा दोगुने से भी ज्यादा हुआ है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)