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बॉन्ड पर टैक्स घटाने की खबर से PNB Gilts में बंपर खरीदारी, 20% उछला शेयर

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सरकार अगर घटाती है बॉन्ड निवेश पर टैक्स, तो भारतीय बाजार में लौट सकता है विदेशी पैसा

Last Updated- May 14, 2026 | 3:29 PM IST
SEBI Indian Bond Market

विदेशी निवेशकों को भारतीय बॉन्ड बाजार में बड़ी राहत मिल सकती है। खबर है कि सरकार विदेशी निवेशकों पर बॉन्ड से होने वाली कमाई पर लगने वाला टैक्स घटाने पर विचार कर रही है। इस खबर ने गुरुवार को बाजार में जबरदस्त उत्साह भर दिया। सबसे ज्यादा असर PNB गिल्ट्स के शेयर पर दिखा, जिसमें इंट्राडे के दौरान करीब 20 प्रतिशत तक की तेज उछाल देखने को मिली। बाजार को उम्मीद है कि अगर सरकार यह कदम उठाती है, तो विदेशी निवेशकों का पैसा फिर से भारतीय डेट मार्केट की तरफ आ सकता है। इससे ना सिर्फ रुपये को सहारा मिलेगा, बल्कि सरकार और कंपनियों के लिए कर्ज लेना भी सस्ता हो सकता है। ऐसे समय में जब रुपया लगातार दबाव में है और विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, यह कदम अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा सहारा साबित हो सकता है।

RBI ने सरकार को दिया सुझाव

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया है कि विदेशी निवेशकों के लिए बॉन्ड निवेश पर टैक्स का बोझ कम किया जाए। फिलहाल भारत में बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स कई दूसरे देशों के मुकाबले ज्यादा है। इसी वजह से कई विदेशी निवेशक भारत की बजाय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड या दूसरे उभरते बाजारों को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर विकल्प मानते हैं। हालांकि अभी तक सरकार या RBI की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। बिजनेस स्टैंडर्ड भी इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है।

PNB गिल्ट्स के शेयर में तूफानी खरीदारी

इस खबर के सामने आते ही PNB गिल्ट्स के शेयर में भारी खरीदारी शुरू हो गई। गुरुवार को कंपनी का शेयर 19.9 प्रतिशत उछलकर 83 रुपये तक पहुंच गया। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी अचानक कई गुना बढ़ गया। जहां पिछले दो हफ्तों में औसतन 15 हजार शेयरों का कारोबार हो रहा था, वहीं गुरुवार को लाखों शेयरों की खरीद-बिक्री हुई। दोपहर करीब 1:20 बजे तक शेयर करीब 15 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था, जबकि उसी समय सेंसेक्स में सिर्फ 1.2 प्रतिशत की बढ़त थी।

PNB गिल्ट्स सरकारी बॉन्ड, ट्रेजरी बिल, कॉरपोरेट बॉन्ड और दूसरे फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में कारोबार करती है। कंपनी के पास RBI का प्राइमरी डीलरशिप लाइसेंस भी है, इसलिए बॉन्ड मार्केट से जुड़ी किसी भी बड़ी खबर का असर इस शेयर पर तेजी से दिखता है।

बाजार और रुपये को भी मिला सहारा

इस खबर का असर सिर्फ एक शेयर तक सीमित नहीं रहा। पूरे बाजार में तेजी देखने को मिली। सेंसेक्स करीब 1000 अंक तक उछल गया, जबकि निफ्टी 23,700 के ऊपर पहुंच गया। वहीं बॉन्ड मार्केट में भी हलचल बढ़ी। 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड घटकर करीब 7 प्रतिशत के पास पहुंच गई। आमतौर पर बॉन्ड की मांग बढ़ने पर यील्ड नीचे आती है। रुपये में भी थोड़ी मजबूती देखने को मिली। रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 95.96 प्रति डॉलर से सुधरकर करीब 95.63 प्रति डॉलर तक पहुंच गया।

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सरकार पर क्यों बढ़ा दबाव?

दरअसल इस समय भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा हुआ है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी हुई हैं, जिससे देश का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। दूसरी तरफ रुपया कमजोर हो रहा है और विदेशी निवेशक भारतीय बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं। एनएसडीएल के आंकड़ों के मुताबिक 2026 में अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 2.16 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है। डेट मार्केट से भी हजारों करोड़ रुपये निकाले जा चुके हैं। ऐसे में सरकार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए टैक्स में राहत जैसे कदमों पर विचार कर सकती है।

टैक्स घटने से क्या होगा फायदा?

अगर विदेशी निवेशकों पर टैक्स कम किया जाता है, तो भारतीय बॉन्ड बाजार में विदेशी पैसा बढ़ सकता है। इससे सरकार के लिए कर्ज जुटाना आसान और सस्ता हो सकता है। कंपनियों की उधारी लागत भी घट सकती है। इसके अलावा विदेशी निवेश बढ़ने से देश में डॉलर का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे रुपये को भी मजबूती मिल सकती है। बाजार को उम्मीद है कि अगर यह फैसला लागू होता है, तो भारतीय डेट मार्केट में विदेशी निवेश का नया दौर शुरू हो सकता है।

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First Published - May 14, 2026 | 3:29 PM IST

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