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Power Stocks: 10 साल में दोगुना होगा पावर सेक्टर, कौन से स्टॉक्स देंगे फायदा?

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CEA के प्लान से पावर सेक्टर में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद, सोलर और कोयले दोनों की भूमिका अहम; ब्रोकरेज ने कई शेयरों पर खरीदारी की सलाह दी

Last Updated- March 24, 2026 | 9:17 AM IST
Power Demand

Power Stocks: भारत का पावर सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है और आने वाले सालों में इसमें तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज की रिपोर्ट के मुताबिक, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) के नेशनल प्लान के अनुसार देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता जनवरी 2026 के 521 गीगावॉट से बढ़कर 2036 तक 1,121 गीगावॉट हो सकती है। इसका मतलब है कि अगले दशक में पावर सेक्टर का साइज दोगुने से भी ज्यादा हो जाएगा। इस बढ़ोतरी के साथ-साथ बिजली स्टोरेज की क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा, जिससे पूरे सिस्टम को संतुलित रखने में मदद मिलेगी।

मांग मजबूत, लेकिन फिलहाल थोड़ी नरमी

भारत में बिजली की मांग पिछले कुछ सालों में लगातार बढ़ी है। FY21 से FY25 के बीच पीक डिमांड करीब 190 गीगावॉट से बढ़कर 250 गीगावॉट तक पहुंच गई। हालांकि, FY26 में मांग थोड़ी धीमी रही है, जिसकी वजह लंबा मानसून और हल्की सर्दी रही। लेकिन यह गिरावट अस्थायी मानी जा रही है। लंबे समय में शहरीकरण, औद्योगिकीकरण, इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग, डेटा सेंटर और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे सेक्टर बिजली की मांग को लगातार बढ़ाते रहेंगे।

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सोलर का दबदबा बढ़ेगा, लेकिन कोयला रहेगा अहम

CEA के प्लान के अनुसार, 2036 तक कुल बिजली क्षमता में लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा गैर-कोयला स्रोतों का होगा, जिसमें सोलर सबसे बड़ा योगदान देगा। सोलर क्षमता 509 गीगावॉट तक पहुंच सकती है, जो आज के मुकाबले काफी ज्यादा है। हालांकि, इसके बावजूद कोयले की भूमिका खत्म नहीं होगी। कोयला आधारित प्लांट्स अभी भी कुल बिजली उत्पादन का लगभग आधा हिस्सा देंगे, क्योंकि यह लगातार और भरोसेमंद बिजली देने के लिए जरूरी हैं। रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि आने वाले वर्षों में कोयले का उपयोग कम नहीं होगा, बल्कि इसकी क्षमता भी बढ़ेगी।

एनर्जी स्टोरेज बनेगा सबसे बड़ा अवसर

जैसे-जैसे सोलर और विंड एनर्जी बढ़ेगी, वैसे-वैसे बिजली को स्टोर करने की जरूरत भी बढ़ेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 2036 तक 174 गीगावॉट की स्टोरेज क्षमता विकसित की जाएगी। इसमें पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (PSP) और बैटरी स्टोरेज (BESS) दोनों शामिल होंगे, लेकिन सरकार का ज्यादा जोर PSP पर है क्योंकि यह लंबे समय तक बिजली स्टोर करने में ज्यादा उपयोगी और सस्ता विकल्प है। यह सेक्टर आने वाले समय में निवेश का बड़ा मौका बन सकता है।

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Power Stocks: कंपनियों के लिए क्या मतलब?

एंटीक की रिपोर्ट के अनुसार, इस पूरे बदलाव का फायदा पावर सेक्टर की कई कंपनियों को मिलेगा। NTPC, Adani Power और JSW Energy जैसी थर्मल और एनर्जी कंपनियों को लंबे समय तक कमाई की अच्छी संभावना दिख रही है क्योंकि कोयले की मांग बनी रहेगी और नए प्रोजेक्ट्स भी जुड़ेंगे। वहीं Power Grid जैसी कंपनियों को ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार से फायदा होगा, क्योंकि बढ़ती बिजली क्षमता को देशभर में पहुंचाने के लिए बड़े ग्रिड की जरूरत होगी।

ब्रोकरेज ने कई Power Stocks पर खरीदारी की सलाह दी – NTPC के लिए 423 रुपये, Adani Power के लिए 187 रुपये, JSW Energy के लिए 648 रुपये और CESC के लिए 201 रुपये का टारगेट दिया है और इन सभी में खरीदने की सलाह दी है। वहीं Power Grid के लिए 326 रुपये का टारगेट रखते हुए फिलहाल होल्ड की सलाह दी गई है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - March 24, 2026 | 9:17 AM IST

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