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Q4FY26 में किन सेक्टरों ने मारी बाजी, कौन रहा पीछे? जानिए कंपनियों के नतीजों का पूरा हाल

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नमूने में शामिल 2013 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त समायोजित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 16.9 प्रतिशत बढ़ा

Last Updated- May 29, 2026 | 8:19 AM IST
Q4 Results

Q4FY26 में भारतीय कंपनियों के नतीजों में सेक्टरवार बड़ा अंतर देखने को मिला। वित्तीय सेवाएं, सीमेंट, बिजली, धातु और तेल क्षेत्र की कंपनियों ने मजबूत कमाई दर्ज की, जबकि बैंकिंग, आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। नमूने में शामिल 2013 सूचीबद्ध कंपनियों का संयुक्त समायोजित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 16.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कुल बिक्री में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

बैंकिंग सेक्टर

बैंकिंग क्षेत्र Q4FY26 में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहा। बैंकों की आय और मुनाफे की वृद्धि अन्य क्षेत्रों की तुलना में धीमी रही। इस दौरान बैंकों का संयुक्त शुद्ध लाभ 12.5 प्रतिशत बढ़ा, जबकि सकल ब्याज आय में केवल 3.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने के कारण ट्रेजरी आय पर दबाव रहा, जिससे अन्य आय में 11.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंक ऑफ बड़ौदा और एचडीएफसी बैंक ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनके मुनाफे में क्रमशः 11.3 प्रतिशत और 9.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं एक्सिस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक की आय वृद्धि अपेक्षाकृत कमजोर रही।

वित्तीय सेवाएं और बीमा

गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां तिमाही की सबसे बड़ी विजेता रहीं। खुदरा ऋण कारोबार में मजबूत मांग और कम क्रेडिट लागत ने इनके नतीजों को सहारा दिया। वहीं शेयर बाजार में मजबूत कारोबार के चलते ब्रोकरेज और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों को भी फायदा मिला। हालांकि जीवन और सामान्य बीमा कंपनियों की प्रीमियम वृद्धि और मुनाफा अपेक्षाकृत कमजोर रहा। एलआईसी इस ट्रेंड से अलग रही और उसने आय तथा मुनाफे दोनों में मजबूत दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की। पूरे सेक्टर का संयुक्त शुद्ध लाभ 35.9 प्रतिशत बढ़ा, जो पिछले 10 तिमाहियों में सबसे तेज वृद्धि है। श्रीराम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और बजाज फाइनेंस ने इस वृद्धि में अहम योगदान दिया।

धातु, खनन और सीमेंट

वैश्विक बाजार में धातुओं की कीमतों में तेजी और बेहतर मार्जिन के कारण धातु एवं खनन कंपनियों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस क्षेत्र की संयुक्त बिक्री 19.9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि मुनाफा 22.8 प्रतिशत बढ़ा। हिंदाल्को और वेदांता जैसी गैर-लौह धातु कंपनियों की आय में तेज वृद्धि हुई, जबकि टाटा स्टील और सेल जैसी इस्पात कंपनियों के मुनाफे में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। दूसरी ओर सीमेंट कंपनियों की बिक्री वृद्धि थोड़ी धीमी रही, लेकिन लागत नियंत्रण और बेहतर मार्जिन के चलते उनका संयुक्त मुनाफा 31 प्रतिशत बढ़ गया। अल्ट्राटेक सीमेंट और अंबुजा सीमेंट इस क्षेत्र की प्रमुख प्रदर्शनकर्ता रहीं।

तेल और गैस

तेल एवं गैस क्षेत्र में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां सबसे बड़े लाभार्थी बनकर उभरीं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को कच्चे तेल की कीमतों में सालाना आधार पर आई गिरावट का फायदा मिला, जिससे इनके मुनाफे में मजबूत सुधार देखने को मिला। पूरे क्षेत्र की बिक्री 7.1 प्रतिशत बढ़ी, जबकि संयुक्त मुनाफा 19.2 प्रतिशत बढ़ा। दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज के तेल-से-रसायन कारोबार पर कच्चे माल की ऊंची कीमतों का दबाव रहा, जिससे उसका प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को ऊंची तेल कीमतों का लाभ मिला, लेकिन उनका प्रदर्शन तेल विपणन कंपनियों जितना मजबूत नहीं रहा।

बिजली, पूंजीगत सामान और इंफ्रास्ट्रक्चर

बिजली क्षेत्र की कंपनियों ने तिमाही में मजबूत मुनाफा दर्ज किया। एनटीपीसी, अदाणी पावर और पावर ग्रिड जैसी कंपनियों को गैर-प्रमुख आय और टैक्स रिफंड का लाभ मिला। हालांकि राजस्व वृद्धि अपेक्षाकृत कमजोर रही, जिससे मांग में चुनौतियों के संकेत मिले। पूरे सेक्टर का मुनाफा 26.1 प्रतिशत बढ़ा। पूंजीगत सामान और रक्षा क्षेत्र की कंपनियों ने भी अच्छी वृद्धि दर्ज की और उनकी बिक्री 14.7 प्रतिशत बढ़ी। वहीं निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की बिक्री तो बढ़ी, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती लागत के कारण मार्जिन दबाव में रहे और इस सेक्टर का संयुक्त मुनाफा 23.7 प्रतिशत घट गया।

ऑटोमोबाइल

ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए तिमाही मिश्रित रही। यात्री वाहन कंपनियों की बिक्री उम्मीद से बेहतर रही और उन्हें बेहतर कीमतों तथा ऊंची बिक्री मात्रा का फायदा मिला। हालांकि कच्चे माल की लागत बढ़ने से कई कंपनियों के मार्जिन प्रभावित हुए। मारुति सुजुकी की लाभप्रदता पर लागत दबाव और नए मॉडल लॉन्च का असर पड़ा, जबकि टाटा मोटर्स को रिकॉर्ड बिक्री और पीएलआई योजना के लाभ से फायदा हुआ। महिंद्रा एंड महिंद्रा सप्लाई चेन व्यवधान और लागत दबाव से प्रभावित रही। बजाज ऑटो को बेहतर बिक्री, परिचालन लाभ और मुद्रा विनिमय दरों का लाभ मिला।

आईटी सेवाएं

आईटी क्षेत्र के लिए तिमाही चुनौतीपूर्ण रही। हालांकि अधिकांश बड़ी कंपनियों ने मार्जिन में सुधार दर्ज किया, लेकिन राजस्व वृद्धि मिश्रित रही। रुपये में कमजोरी, लागत नियंत्रण और उत्पादकता बढ़ने से लाभप्रदता को सहारा मिला। इसके बावजूद वैश्विक मांग कमजोर रहने, कीमतों पर दबाव और डिफ्लेशनरी रुझानों के कारण FY27 के लिए बड़ी आईटी कंपनियों की वृद्धि का अनुमान घटाकर 1 से 3 प्रतिशत कर दिया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक एआई आधारित नई मांग नहीं बनती और कीमतों पर दबाव कम नहीं होता, तब तक इस क्षेत्र के रिटर्न सीमित रह सकते हैं।

एफएमसीजी

उपभोक्ता उत्पाद कंपनियों ने तिमाही में 11 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की, जो मुख्य रूप से मजबूत वॉल्यूम ग्रोथ की वजह से रही। कुछ श्रेणियों में जीएसटी कटौती के बाद बढ़ी बिक्री और बड़े पैक आकारों ने भी वृद्धि में योगदान दिया। परिचालन मुनाफा 12 प्रतिशत बढ़ा और कंपनियों ने विज्ञापन एवं प्रचार खर्च नियंत्रित रखकर मार्जिन को स्थिर बनाए रखा। हालांकि आने वाले महीनों में कच्चे माल, परिवहन और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से लाभप्रदता पर दबाव बढ़ सकता है।

फार्मा

दवा कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा क्योंकि अमेरिकी बाजार में कीमतों में गिरावट और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर बिक्री पर पड़ा। हालांकि घरेलू बाजार और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत मांग ने कुछ राहत दी। डॉ. रेड्डीज, सिप्ला और सन फार्मा ने भारतीय बाजार में मजबूत वृद्धि दर्ज की। अस्पताल क्षेत्र में अपोलो हॉस्पिटल्स का प्रदर्शन बेहतर रहा, जबकि मैक्स हेल्थकेयर को कुछ परिचालन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

उपभोक्ता और रिटेल

उपभोक्ता और रिटेल क्षेत्र में ज्वेलरी और परिधान कंपनियों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। शादी और त्योहारों के सीजन के कारण आभूषणों की मांग मजबूत रही, जबकि परिधान कंपनियों को समान स्टोर बिक्री और नए स्टोर विस्तार से फायदा मिला। ट्रेंट की बिक्री में कई तिमाहियों बाद सुधार देखने को मिला। एवेन्यू सुपरमार्ट्स को नए स्टोर और मार्च में बढ़ी खरीदारी का लाभ मिला। वहीं हैवेल्स और पॉलीकैब को केबल और वायर कारोबार में बेहतर कीमतों का फायदा मिला, हालांकि उपभोक्ता टिकाऊ सामान कारोबार पर मौसम और उद्योग की चुनौतियों का असर पड़ा।

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First Published - May 29, 2026 | 8:19 AM IST

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