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FMCG Stocks: कॉफी 18% सस्ती, कोपरा गिरा… क्या बढ़ेगा कंपनियों का मुनाफा? एंटीक ने बताए अपने टॉप पिक्स

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कॉफी और कोपरा में गिरावट, टीआईओ2 सस्ता; लेकिन कच्चा तेल और पैकेजिंग महंगी। ब्रोकरेज का कहना है कि चौथी तिमाही में चुनिंदा कंपनियों के मार्जिन सुधर सकते हैं

Last Updated- February 26, 2026 | 11:56 AM IST
FMCG Raw Material Price outlook

क्या महंगे कच्चे माल से जूझ रही कंपनियों को अब राहत मिलने वाली है? एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की ताजा रिपोर्ट इशारा करती है कि तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। कच्चे तेल और उससे जुड़े उत्पादों को छोड़ दें, तो ज्यादातर अहम कच्चे माल की कीमतें या तो स्थिर हैं या गिरावट में हैं। अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो कई बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के मुनाफे में सुधार दिख सकता है।

कॉफी और कोपरा में गिरावट, पाम ऑयल में हल्की तेजी

रिपोर्ट के मुताबिक कॉफी की कीमतों में तेज गिरावट आई है। तीसरी तिमाही के मुकाबले भाव करीब 18 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं। फरवरी में ही 16 प्रतिशत की मासिक गिरावट दर्ज की गई। कोपरा की कीमतें भी जुलाई 2025 के ऊंचे स्तर से लगभग 22 प्रतिशत नीचे हैं। हालांकि फरवरी में इसमें 2 प्रतिशत की हल्की बढ़त देखी गई, जिससे संकेत मिलता है कि गिरावट का सिलसिला थम सकता है। पाम ऑयल में जनवरी और फरवरी के दौरान 2 से 3 प्रतिशत की बढ़त रही है। यानी यहां थोड़ी महंगाई लौटती दिख रही है।

गेहूं, जौ और डेयरी में मिलाजुला रुख

गेहूं की कीमतों में गिरावट का रुख बना हुआ है। जौ में मामूली बढ़त है, लेकिन सालाना आधार पर कीमतें नीचे हैं। डेयरी से जुड़े उत्पादों में स्किम्ड मिल्क पाउडर थोड़ा महंगा हुआ है, जबकि तरल दूध की कीमतें लगभग स्थिर हैं।

कच्चा तेल और पैकेजिंग लागत बढ़ी

सबसे अहम चिंता कच्चे तेल और एचडीपीई जैसी पैकेजिंग सामग्री की कीमतों में बढ़त है। तीसरी तिमाही के मुकाबले इनमें 10 प्रतिशत और 4 प्रतिशत तक की तेजी आई है। जनवरी और फरवरी में भी इनकी कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई। हालांकि पेंट कंपनियों के लिए अहम कच्चा माल टीआईओ2 सस्ता हुआ है। इसकी कीमतें तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत और सालाना आधार पर 15 प्रतिशत तक घटी हैं। साबुन कंपनियों के लिए फैटी एसिड और डिटर्जेंट में इस्तेमाल होने वाला एलएबी अब भी महंगा बना हुआ है। हेयर ऑयल कंपनियों के लिए अहम एलएलपी की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

किन कंपनियों को मिल सकती है राहत

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग का मानना है कि अगर कच्चे माल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं, तो चौथी तिमाही में कुछ कंपनियों के मार्जिन सुधर सकते हैं। मारिको का ग्रॉस मार्जिन तिमाही आधार पर 160 से 200 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ सकता है। एशियन पेंट्स के मार्जिन में 180 से 250 बेसिस प्वाइंट तक सुधार संभव है। नेस्ले को भी तिमाही आधार पर राहत मिल सकती है। हालांकि गोदरेज कंज्यूमर और हिंदुस्तान यूनिलीवर पर कुछ दबाव बना रह सकता है, खासकर प्रतिस्पर्धी कीमतों और बढ़े हुए खर्च के कारण।

एंटीक की पसंद

रिपोर्ट में उपभोक्ता क्षेत्र में गोदरेज कंज्यूमर, मारिको और बजाज कंज्यूमर को पसंदीदा शेयर बताया गया है। कुल मिलाकर, एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि महंगाई की मार झेल रही कंपनियों के लिए अब हालात थोड़ा बेहतर हो सकते हैं। लेकिन कच्चे तेल की कीमतें आगे क्या रुख लेती हैं, यही आने वाले समय की सबसे बड़ी कहानी होगी।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

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First Published - February 26, 2026 | 11:53 AM IST

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