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Real Estate Q4 Preview: गिरती बिक्री के बीच कौन से शेयर देंगे रिटर्न?

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Q4 में रियल एस्टेट सेक्टर की मिली-जुली तस्वीर, बिक्री घटी लेकिन सालाना ग्रोथ बरकरार

Last Updated- April 10, 2026 | 3:24 PM IST
Real Estate

मार्च तिमाही में रियल एस्टेट सेक्टर की तस्वीर बिल्कुल सीधी नहीं है। एक तरफ बिक्री में सुस्ती दिख रही है, तो दूसरी तरफ सालाना आधार पर ग्रोथ अब भी कायम है। चॉइस ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, टॉप 7 शहरों में घरों की बिक्री तिमाही आधार पर करीब 7 प्रतिशत गिर गई, लेकिन सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि इसके पीछे वैश्विक तनाव, बढ़ती लागत और खास तौर पर पश्चिम एशिया के निवेशकों की कमजोर होती दिलचस्पी छिपी है।

शहरों की तस्वीर अलग-अलग, कहीं गिरावट तो कहीं उछाल

इस तिमाही में ज्यादातर शहरों में बिक्री कमजोर रही, लेकिन हर शहर की कहानी अलग है। चेन्नई में सबसे बड़ी गिरावट दिखी, जबकि NCR, पुणे और कोलकाता भी दबाव में रहे। लेकिन इसी बीच एक चौंकाने वाली बात सामने आई। सालाना आधार पर चेन्नई ने सबसे ज्यादा 31 प्रतिशत की ग्रोथ दिखाई। वहीं मुंबई और बेंगलुरु अब भी बाजार के सबसे बड़े प्लेयर बने हुए हैं और कुल बिक्री का लगभग आधा हिस्सा इन्हीं शहरों से आया।

जहां बिक्री थोड़ी धीमी पड़ी, वहीं डेवलपर्स पीछे नहीं हटे। नए प्रोजेक्ट्स की लॉन्चिंग में तेजी बनी रही और यह साफ संकेत देता है कि कंपनियों को आगे की मांग पर भरोसा है। दिलचस्प बात यह है कि अब फोकस सस्ते घरों से हटकर मिड और प्रीमियम सेगमेंट पर चला गया है। यानी डेवलपर्स अब ज्यादा मुनाफे वाले सेगमेंट पर दांव लगा रहे हैं।

अगर आप सोच रहे हैं कि बिक्री गिरने से कीमतें भी गिरेंगी, तो ऐसा नहीं है। घरों की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। दिल्ली-NCR में कीमतों ने सबसे तेज रफ्तार पकड़ी है, जबकि बेंगलुरु भी पीछे नहीं है। इसका साफ मतलब है कि लग्जरी और प्रीमियम घरों की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।

अनसोल्ड घर बढ़े, क्या आगे बढ़ेगा दबाव?

एक और चिंता की बात सामने आई है। बिना बिके घरों की संख्या बढ़ रही है और 6 लाख यूनिट्स के पार पहुंच चुकी है। बेंगलुरु और हैदराबाद में यह बढ़ोतरी सबसे ज्यादा है। यह संकेत देता है कि सप्लाई तेजी से बढ़ रही है, लेकिन मांग हर सेगमेंट में उतनी तेज नहीं है।

जहां हाउसिंग में हल्की सुस्ती दिख रही है, वहीं ऑफिस स्पेस में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। IT, बैंकिंग और ग्लोबल कंपनियों की मजबूत मांग के चलते ऑफिस लीजिंग में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। बेंगलुरु और हैदराबाद इस रेस में सबसे आगे हैं, जबकि मुंबई और पुणे भी तेजी से उभर रहे हैं।

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ऑफिस स्पेस में मांग इतनी मजबूत है कि खालीपन कम हो गया है और किराए बढ़ने लगे हैं। यह साफ संकेत है कि कंपनियां फिर से विस्तार की तरफ बढ़ रही हैं और ऑफिस स्पेस की जरूरत बढ़ रही है। एक बड़ा बदलाव फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस में देखने को मिल रहा है। अब कंपनियां लंबे समय के महंगे ऑफिस के बजाय लचीले और कम लागत वाले मॉडल को अपना रही हैं। यही वजह है कि इस सेगमेंट की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है और आगे भी इसमें जबरदस्त ग्रोथ की उम्मीद है।

ब्रोकरेज की नजर किन शेयरों पर

चॉइस ब्रोकिंग ने साफ कहा है कि सेक्टर में मौके अब भी मौजूद हैं। रियल एस्टेट में SOBHA को सबसे मजबूत दांव माना गया है, जहां मजबूत लॉन्चिंग और बैलेंस शीट कंपनी को बढ़त दे रही है। वहीं फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस में SMARTWORK पर नजर रखने की सलाह दी गई है, जो तेजी से विस्तार कर रही है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)

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First Published - April 10, 2026 | 3:24 PM IST

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