निफ्टी 50 में बुधवार को जोरदार उछाल आई। लेकिन वह अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख पाया। इससे यह साफ हो गया कि 23,000 के स्तर के पास लगातार रुकावट बनी हुई है और निकट भविष्य के लिहाज से तकनीकी स्थिति कमजोर है।
बेंचमार्क इंडेक्स 22,679 पर बंद हुआ। इसमें 348 अंकों यानी 1.6 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इससे पहले दिन के कारोबार के दौरान इंडेक्स 2.5 फीसदी तक चढ़कर 22,941 के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि ऊपरी स्तर पर बिकवाली के दबाव के कारण इंडेक्स 22,700 के नीचे खिसक गया, जिससे य संकेत मिला कि निवेशक लगातार मुनाफावसूली कर रहे हैं।
सैमको सिक्योरिटीज में शोध विश्लेषक (डेरिवेटिव) धूपेश धमीजा ने कहा कि इंडेक्स 22,800–22,950 की ओर बढ़ा, जहां पर बिकवाली का नया दबाव आया। उन्होंने बताया कि व्यापक रुझान अभी भी कमजोर बने हुए हैं और रिकवरी को 23,200–23,400 तक ले जाने के लिए 22,950–23,000 के दायरे से ऊपर लगातार बढ़त ज़रूरी है जबकि 22,500 से नीचे जाने पर इंडेक्स फिर से 22,250–22,000 के स्तर पर आ सकता है।
तकनीकी विश्लेषकों ने कहा कि 22,900 के ऊपर नहीं टिक पाने से 22,900–23,000 का ज़ोन प्रतिरोध के मजबूत दायरे के तौर पर और भी अहम हो गया है।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के संस्थापक हरिप्रसाद के. ने बताया कि 23,000 के आस-पास भारी संख्या में कॉल ओपन इंटरेस्ट का जमावड़ा लगातार बिक्री जोन का संकेत दे रहा है। इस कारण बाजार बढ़ने पर बेचो के ढांचे में बना हुआ है। उन्होंने कहा कि नीचे की तरफ तात्कालिक समर्थन 22,500–22,600 के दायरे में दिख रहा है। अगर यह टूटता है तो गिरावट तेजी से 22,000 के निशान तक पहुंच सकती है।
बजाज ब्रोकिंग ने कहा कि इंडेक्स अल्पावधि में जरूरत से ज्यादा बिकवाली वाले जोन में चला गया है, जिससे इसमें तकनीकी उछाल की गुंजाइश बनी है। हालांकि बड़े बदलाव के लिए इसे 23,465 के स्तर से ऊपर जाना होगा। फिलहाल, विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और यह एक सीमित दायरे में ही रहेगा। इंडिया विक्स में 10.3 फीसदी की गिरावट के बावजूद यह अभी भी 25 के उच्च स्तर पर बना हुआ है, जो ट्रेडर्स के बीच की अनिश्चितता दर्शाता है।